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3 विभागों में 115 से ज्यादा कर्मचारी-अफसरों को दी थी करोड़ों की रिश्वत

आंगनबाड़ी केन्द्रों पर फ्लोर डेस्क की सप्लाई का टेंडर जारी करने के आरोप में गिरफ्तार दलालों ने भ्रष्टाचार निरोधक...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 05:30 AM IST

आंगनबाड़ी केन्द्रों पर फ्लोर डेस्क की सप्लाई का टेंडर जारी करने के आरोप में गिरफ्तार दलालों ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अफसरों के सामने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी कमलजीत सिंह राणावत और सीके जोशी ने पूछताछ में महिला बाल विकास विभाग, अल्पसंख्यक मामलात विभाग, मेडिकल और बिजली निगम के कई अफसर कर्मचारियों को रिश्वत देकर टेंडर दिलाने और बिलों का भुगतान कराने की बात कबूली है। आरोपी कमलजीत राणावत के ऑफिस पर एसीबी को एक डायरी और कुछ दस्तावेज मिले हैं। डायरी में विभिन्न विभागों करीब 115 से ज्यादा अफसर व कर्मचारियों के नाम हैं, जिनको दिसंबर 2017 तक करोड़ों रुपए की रिश्वत बांटी गई थी। सूत्रों का दावा है कि डायरी में 3 आईएएस अफसरों का भी नाम है, जिनको अलग-अलग कामों के लिए 15-15 लाख रु. से ज्यादा की रिश्वत दी गई है। आरोपियों के पास 39 रबड़ मोहर, पंचायत समितियों के लेटरपैड, विभिन्न विभागों और माडा परियोजना के तहत संचालित हॉस्टल व स्कूलों में राशन सामग्री के वितरण के दस्तावेज मिले है। आरोपी सीके जोशी के तार तीन राज्यों के अफसरों से जुड़े होने की बात सामने आई है।

बिजली निगम के अफसर-कर्मचारियों को एसीबी के आईजी के नाम लेकर धमकाने के बाद कराते थे काम

20 हजार रु. मंथली पगार लेने वाले के नाम से कराया 20 करोड़ रु. का टेंडर

एसीबी ने टेंडर से संबंधित दस्तावेजों की जांच की तो सामने आया कि आरोपियों ने आईसीडीएस, उद्योग और श्रम विभाग के अफसरों से मिलकर टेक्नो क्राफ्ट कंपनी को 20 करोड़ रु. का टेंडर जारी करवा दिया। खास बात यह है कि टेंडर का एग्रीमेंट शंकरलाल शर्मा नाम के व्यक्ति ने किया था, जो आरोपी कमलजीत राणावत के ऑफिस में 20 हजार रु. मंथली पगार पर नौकरी करता है।

धमकी देते थे अफसर-कर्मचारियों को

आरोपी दलाल सीके जोशी की बिजली निगम के अफसरों से सांठगांठ थी। वह अफसरों से एसीबी के आईजी वीके सिंह का नाम लेकर कई काम करवा लेता था। अफसर भी कमिशन मिलने के बाद सीके जोशी के कहने पर किसी भी फर्म को टेंडर दे देते थे। अजमेर डिस्कॉम में सीके जोशी ही बिजली निगम में खरीद-फरोख्त करने के टेंडर तय करता था।

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