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वाॅशिंग मशीन, एलईडी से भ्रूण लिंग बता रहे थे 10वीं पास ‘डॉक्टर’

पीसीपीएनडीटी टीम ने रविवार को चौमूं में भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ किया। आरोपियों से जब्त उपकरणों को देख...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 05:15 AM IST

पीसीपीएनडीटी टीम ने रविवार को चौमूं में भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ किया। आरोपियों से जब्त उपकरणों को देख टीम भी हैरान रह गई। भ्रूण लिंग जांच के नाम पर आरोपी वाॅशिंग मशीन के पाइप से एलईडी बल्ब जोड़ते थे। एलईडी बल्ब को गर्भवती के पेट पर टच कर सामने लगी एलसीडी स्क्रीन पर गर्भ में भ्रूण का वीडियो दिखाते थे। इसके बाद वे महिला को गर्भ में लड़की बता देते थे। गिरफ्तार आरोपियों में एक नीमकाथाना का है। सोमवार को उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा।

लिंग जांच करने के लिए 35 हजार रुपए लिए

सीएमएचओ डॉ. अजय चौधरी ने बताया कि डेप रक्षकाें से सूचना मिली कि चौमू में भ्रूण लिंग जांच गिरोह सक्रिय है। इसे नीमकाथाना की हीराकाली ढाणी का शीशराम चलाता है। टीम ने बोगस ग्राहक भेजा तो आरोपी 35 हजार रु. में जांच को तैयार हुए। रविवार को झुंझुनूं से गर्भवती को बोगस ग्राहक बनाकर भेजा। गिरोह के दलाल से संपर्क किया तो महिला को पहले सीकर, फिर रींगस अौर इसके बाद चौमूं बुलाया। यहां से दलाल उसे मोरिजा ले गया। वहां 35 हजार रु. लेने के बाद शीशराम, मोरिजा के सुरेंद्र और कानपुरा चौमू के गोविंदराम ने जांच की। 10वीं पास सुरेंद्र डॉक्टर बना। शीशराम भी 10वीं पास है और गोविंदराम अनपढ़ है। आरोपियों ने वाॅशिंग मशीन के पाइप के आगे एलईडी बल्ब जोड़कर उसे सोनोग्राफी मशीन का रूप दे रखा था। शक नहीं हो, इसलिए एलसीडी की स्क्रीन पर गर्भ में भ्रूण का वीडियो चलाते थे। रविवार को भी उन्होंने वाशिंग मशीन के जुड़े एलईडी बल्ब को गर्भवती के पेट पर लगाया और गर्भ में लड़की बताई। इसके बाद टीम ने आरोपियों को दबोच लिया। बोलेरो गाड़ी और उपकरण जब्त कर लिए।

सतर्क गिरोह :पहले करता वेरिफिकेशन

गिरोह भ्रूण लिंग जांच करने से पहले पूरी सावधानी बरतता था। इसके लिए वह वॉट्सएप पर महिला की आईडी मंगवाता था। महिला का वेरिफिकेशन होने के बाद फर्जी उपकरणों से जांच कर वे गर्भ में लड़की बता देते थे। इसके बाद वे गर्भवती महिला और उसके परिजनों को गर्भपात की सलाह देते थे। महिला के तुरंत गर्भपात कराने पर पैसे उधार रख लेते थे। रविवार को भी वे महिला से गर्भपात के पैसे बाद में लेने को राजी हो गए थे।

पहले भी पकड़े गए थे आरोपी : मिशन निदेशक नवीन जैन ने बताया कि इस कैलेंडर वर्ष में 16 कार्रवाई हो चुकी है। रविवार को पकड़े गए गिरोह से जुड़े आरोपी 13 जनवरी 2017 को चौमू में फर्जी जांच करते पकड़े जा चुके हंै। उन्होंने लकड़ी के हत्थे को प्रॉब का रूप दे रखा था।

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