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- Banswara News Rajasthan News 105 Kinds Of Butterflies In Mewar Vagad In The State
प्रदेश में सबसे ज्यादा मेवाड़-वागड़ में 105 तरह की तितलियां
मुकेश पंवार, तितलियों के शोधकर्ता
वागड़ में प्लेन टाईगर, सी रोज की अधिकता
पंवार बताते है राजस्थान में अनुमानित 150 से अधिक प्रजातियों की तितलियां पाई जाती हैं। इसमें से मेवाड़-वागड़ में 105 प्रजातियों की तितलियां पाई जाती हैं। पंवार बताते हैं कि कॉमन रोज, कॉमन जय, टेल्ड जय, लाईम, प्लेन टाईगर, ब्लू टाईगर, कॉमन टाईगर, ब्लू पेंसी, लेमन पेन्सी, यलो पेन्सी, टाउनी कॉस्टर, मोटल्ड एमीग्रांट, कॉमन एमीग्रांट, स्माल ओरेंज टीप, व्हाईट ओरेंज टीप, यलो ओरेंज टीप, स्माल ग्रास यलो, कॉमन ग्रास यलो, बरोनेट, इंडियन स्कीपर, इंडियन पाम बोब, फोरगेट मी नोट, ग्राम ब्लू, अफ्रीकन बबूल ब्लू, स्मोटेड स्माल फ्लेट, वेस्टर्न स्ट्रीप्ड अल्बाट्रोस, स्माल कुपीड, डार्क ग्रास ब्लू, टीनी ग्रास ब्लू, इंडियन रेड फ्लेश, राउडेड पीएरोट, कॉमन गल, पीओनिर, ग्रेट एग फ्लाई तथा डनाईड एग फ्लाई आदि प्रजातियों की तितलियों को यहां आसानी से देखा जा सकता है।
बांसवाड़ा | इन दिनों मेवाड़-वागड़ में पेड़ पौधों पर रंग बिरंगी तितलियां दिखाई दे रही हैं। यह तितलियां स्थानीय वनस्पति का द्योतक हैं। तितलियों से ही प्रकृति की खाद्य शृंखला बनती है। इन दिनों स्वस्थ और संतुलित पर्यावरण के कारण यह तितलियां मेवाड़ वागड़ में पलाश, शीशम, सेमल समेत कई तरह के फल फूल के पौधों पर नजर आ रही हैं। तितलियाें को किसान मित्र भी कहा जाता है। क्योंकि ये फूलों का परागण करती हैं। तितलियां शीत रक्त प्राणी होने से गर्मी आने के इस ऋतु संबंधी काल में सुप्तावस्था से बाहर आकर सक्रिय होने लगती हैं। तितली का जीवनचक्र 4 अवस्थाओं का होता है। अंडा, लार्वा, प्यूपा और वयस्क तितली। सभी तितलियों के लार्वा के भोज्य पौधे तथा वयस्क तितलियों के रस पीने के पौधे उनकी प्रजाति के अनुसार भिन्न-भिन्न है। इन दिनों शीशम के फूलों पर जेब्रा ब्लू, कॉमन जे, टेल्ड जे, कॉमन रोज आदि तितलियों को फूलों का रस पीते देखा जा सकता है। तितलियों का मानव जीवन में बड़ा महत्त्व है। ये तितलियां प्राकृतिक पर्यावरण के उत्तम स्वास्थ्य का प्रतीक है। ये परागण करती है जिससे पौधों को फूल से बीज बनाकर वंशवृद्धि में सहयोग मिलता है। तितलियां एवं शलभ स्थानीय खाद्य श्रृंखला की अहम कड़ी है। इनका भक्षण करके कई तरह के पक्षी, मेंटिस, छिपकलियां, मकड़ियां, वास्प, ड्रेगनफ्लाई आदि अपना जीवन निर्वाह करते हैं।