जंगल से 2 ट्रैक्टर ट्राॅली सागवान चुराने की सूचना, बताई एक घर से 3 डंठल बरामदगी

Banswara News - भूंगड़ा क्षेत्र के जगमेर जोगीमाल वनक्षेत्र में सागवान तस्कर सक्रिय है। यहां रात को तस्कर सागवान के बेशकीमती पेड़...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 08:25 AM IST
Ghatol News - rajasthan news 2 tractor trolley sagwan stolen information from forest 3 stalk recovery from a house
भूंगड़ा क्षेत्र के जगमेर जोगीमाल वनक्षेत्र में सागवान तस्कर सक्रिय है। यहां रात को तस्कर सागवान के बेशकीमती पेड़ काट ले जा रहे है। शुक्रवार रात को भी वनक्षेत्र से सैकड़ों पेड़ काटने की चर्चा चली तो वन विभाग ने एक घर से सागवान के 3 डंठल बरामदगी बताई। लेकिन, वनक्षेत्र में कई कटे सागवानों के ताजे ठूंठ कुछ ओर ही हालात बया कर रहे हैं। वनक्षेत्र में चोरी छिपे बड़े स्तर पर सागवान के पेड़ काटे जा रहे हैं। इतनी बड़ी तादाद में सागवान के पेड़ों की कटाई में मिलीभगत की भी आशंका है।

दअरसल, भूंगड़ा से लगते जगमेर जोगीमाल जंगल में सागवान के पेड़ काटने की चर्चा चली। खबर ये भी चली कि शुक्रवार रात को करीब दो ट्रैक्टर ट्रॉली भरकर सागवान काटकर चुराए गए। जिन्हें किसी के मकान में छिपाकर रखा गया है। चर्चा काफी तेजी से फैली तो वनकर्मी मुकेश वन सुरक्षा समिति के अध्यक्ष के साथ गणेशपुरा के सूरज पुत्र लालू के घर पहुंचा। जहां से सागवान के 3 डंठल की बरामदगी दिखाते हुए प्रकरण दर्ज किया। ग्रामीणों का कहना है कि वनक्षेत्र में सागवान के कई पेड़ काटे गए है। जबकि, वन विभाग इसे नजरअंदाज कर रहा है।

देसी और सीपी सागवान की मांग, इसलिए यहां ज्यादा तस्करी

बांसवाड़ा में 1 लाख हैक्टेयर से भी ज्यादा इलाके में वन फैला है। यहां के जंगलों में सागवान बहुतायत में पाया जाता है। यही वजह है कि यहां इसकी बेशकीमती लकड़ी की तस्करी की जाती है। जगमेर जोगिमाल वनक्षेत्र में भी बड़ी तादात में सागवान काटे गए है। ऐसे में यहां सागवान तस्कर गिरोह सक्रिय होने की आशंका है। इससे पूर्व शहर में भी चंदन के पेड़ काटकर तस्करी करने के मामले सामने आ चुके है। बताया जाता है कि सागवान मजबूत होने से इसके तने की साइज के हिसाब से इसकी कीमत हजारों में होती है।।

बाहर से जंगल हरभरा, अंदर देखा तो ठूंठ ही ठूंठ...

दो से चार दिन पहले ही काटे हैं कई सागवान

ग्रामीणों के जंगल में कई सागवान के पेड़ काटे जाने के दावे पर भास्कर संवाददाता ने जगमेर जोगीमाल वन क्षेत्र में पड़ताल की तो सागवान के कई ठूंठ नजर आए। जिनमें से करीब 25 ठूंठ इतने ताजा थे कि जिन्हें देख ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे, उन्हें दो-चार दिन पहले ही काटा गया हो। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर जंगल में सागवान कौन काट रहा है, इतने बड़े स्तर पर सागवान कटाई और तस्करी के बाद भी वन विभाग का बेखबर रहना भी समझ से परे है साथ ही निगरानी व्यवस्था को भी सवालों के घेरे में खड़ा करने वाला है।

घाटोल. जंगल बाहर से तो हराभरा है, लेकिन अंदर सिर्फ ठूंठ ही दिखे।

Ghatol News - rajasthan news 2 tractor trolley sagwan stolen information from forest 3 stalk recovery from a house
X
Ghatol News - rajasthan news 2 tractor trolley sagwan stolen information from forest 3 stalk recovery from a house
Ghatol News - rajasthan news 2 tractor trolley sagwan stolen information from forest 3 stalk recovery from a house
COMMENT