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ब्यावर जेल छोड़ने जो रहे सिपाही को चकमा देकर भागा हत्या का आरोपी

एक वर्ष पहले
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आरोपी कप्तान शुक्ला ने अहमदाबाद के बुजुर्ग की बांसवाड़ा में की थी हत्या

बांसवाड़ा में बुजुर्ग की हत्या का आरोपी कप्तान शुक्ला रविवार शाम को ब्यावर से भाग छूटा। पूरे मामले में चालानी गार्ड के रूप में साथ गए कांस्टेबल कानाराम बैरवा और अवतार सिंह की भूमिका को भी संदेह के घेरे में ला दिया है क्योंकि, जिस तरीके से आरोपी शुक्ला भाग छूटा। इसमें शुरुआती तौर पर कांस्टेबलों की लापरवाही नजर आ रही है। वहीं चित्तौड़गढ ़में हत्या और दूसरे जिलों में भी धोखाधड़ी का आरोपी है। इतने शातिर आरोपी के बावजूद महज दो कांस्टेबल भेजने पर भी अब सवाल खड़े हो रहे है। हालांकि, यह चूक हुई या इसके पीछे कोई ओर वजह रही इसकी जांच होना तय है। कप्तान शुक्ला को अजमेर के उपजिला कारागृह में छोड़ने के लिए शनिवार को बांसवाड़ा से दो कांस्टेबल अवतार सिंह और कानाराम रविवार शाम 5:50 बजे जिला जेल से लिया। इसके बाद दोनों रोडवेज बस से उदयपुर के लिए रवाना हुए। जहां पहुंचकर अवतार सिंह तबियत खराब होना बताकर बस स्टैंड पर उतर गया। इस पर महज कानाराम अकेले ही आरोपी शुक्ला को लेकर ब्यावर के लिए निकल गया। शाम करीब 5 बजे ब्यावर बस स्टैंड पहुंचने पर कानाराम और शुक्ला दोनों शोच के लिए रुके। जहां चकमा देकर शुक्ला भाग छूटा। इसी आशय की कांस्टेबल की रिपोर्ट पर अजमेर थानाधिकारी ने विभाग को खबर दी। जिसके बाद प्रदेश के सभी जिलों में सूचना देकर शुक्ला की तलाश तेज कर दी गई। हालांकि, रात तक शुक्ला का कोई पता नहीं चल पाया। एसपी केसरसिंह शेखावत ने बताया कि अवतार सिंह ने उसकी तबीयत खराब होने की काेई जानकारी नहीं दी जोकि प्रारंभिक तौर पर लापरवाही प्रतीत हो रही है। मामले की जांच कराएंगे। अगर कोई लापरवाही सामने आई तो कार्रवाई की जाएगी। कप्तान शुक्ला और उसकी प|ी साल 2018 से जिला जेल में बंदी है। साल 2017 में शुक्ला और उसकी प|ी ने षड्यंत्र के तहत अहमदाबाद के एक बुजुर्ग को बांसवाड़ा लाकर हत्या कर दी थी। बुजुर्ग अपना घर बेचना चाह रहा था। कप्तान शुक्ला वहीं किराए पर रहता था। उसने बुजुर्ग काे उसका मकान खरीदने का झांसा दिया। लेकिन बाद में जब रुपए नहीं दे पा रहा था तो प|ी के साथ मिलकर बुजुर्ग को कार से बांसवाड़ा लेकर आया और सदर थाना इलाके में उदयपुर मुख्य मार्ग पर कार मे उसकी हत्या कर शव फेंक दिया था। मामला सामने आया तो शुक्ला बांसवाड़ा से फरार हो गया। इसी बीच शुक्ला को चित्तौड़गढ़ पुलिस ने भी हत्या के एक मामले में गिरफ्तार किया था। वहां पर पेट्रोल पंप दिलवाने का झांसा देकर युवक की हत्या का प्रकरण दर्ज हुआ था। बाद में बांसवाड़ा पुलिस शुक्ला को प्रॉडक्शन वारंट में गिरफ्तार कर लाई थी।

दो सवालों से पुलिस सवालों के घेरे में

{कप्तान शुक्ला दो-दो हत्याओं में आरोपी है। धोखाधड़ी का भी केस दर्ज है। शातिर आरोपी होने के बावजूद महज दो कांस्टेबल भेजे गए।

{उदयपुर में जब अवतार सिंह की तबीयत खराब हुई तो उन्होंने विभाग को इसकी खबर क्यों नहीं दी, कानाराम भी अकेले ही आरोपी लेकर आगे क्यों चल पड़ा।

कप्तान शुक्ला
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