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बीमार मासूमों को बचाने के लिए रक्तदान

एक वर्ष पहले
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कहते है इंसानियत का रिश्ता सबसे बड़ा होता है। शहर में ऐसे ही कुछ समाजसेवी है जो हरपल बिना किसी रिश्ते के गैरों की मदद के लिए तैयार रहते है। इनके लिए इंसानियत ही सबसे बड़ा रिश्ता है।

एमजी अस्पताल में शनिवार को दो अलग-अलग मामलों में ऐसा ही देखने को मिला। यहां एक साल के बीमार मासूम को खून की जरूरत थी। उसी श्रेणी के रक्त के लिए रक्तदाता राहुल सराफ ने सोशल साइट्स के जरिये संपर्क किया। जानकारी पर समाजसेवी सोनू अग्रवाल एमजी अस्पताल पहुंची और रक्तदान किया। सोनू ने बताया कि वह 30वीं बार रक्तदान कर रही है। इससे पहले भी वह सामाजिक संगठनों की ओर से लगाए गए शिविरों में रक्तदान कर चुकी है। शनिवार को उनके पति उनके पति का जन्मदिन भी था। ऐसे में इस खास दिन पर किसी जरूरतमंद के लिए रक्तदान करना बेहद सुखद अनुभव बताया। इसी प्रकार एक अन्य मामले में भी 6 महीने की बच्ची के लिए भी खून की जरूरत पड़ी। इसकी सूचना ट्रोमा वार्ड में कार्यरत मेल नर्स मितेश टेलर को मिली। मितेश का ब्लड ग्रुप भी वहीं होने पर वह ऑन ड्यूटी होने के बावजूद ब्लड बैंक पहुंचे और रक्तदान किया। मितेश ने बताया कि शनिवार को उनका जन्मदिन था। ऐसे में किसी मासूम बच्ची के लिए रक्तदान करने का मौका मिलना उनके लिए बेहद खास बताया। मितेश 7 बार रक्तदान कर चुकी है। इस दौरान ब्लड बेक से चंद्रेश उपध्याय, प्रदीप कटारा और राहुल सराफ ने सहयोग दिया।

रक्तदान करती सोनू अग्रवाल।

रक्तदान करते हुए नर्सिंग कर्मी मितेश टेलर।
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