सत्संग से ही भक्ति मजबूत होती है : घनश्यामदासजी

Banswara News - गुरु आश्रम में चल रहे आदर्श गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन सोमवार को आचार्य नरेंद्र, कमल शुक्ल व शैलेश शुक्ल के...

Dec 10, 2019, 07:51 AM IST
Chinch News - rajasthan news devotion is strengthened only by satsang ghanshyam das
गुरु आश्रम में चल रहे आदर्श गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन सोमवार को आचार्य नरेंद्र, कमल शुक्ल व शैलेश शुक्ल के आचार्यत्व में मुख्य यजमान रौनक आचार्य ने गणपति एवं स्थापित देवताओं का पूजन कर पंच भू संस्कार कर अग्नि उत्तारन कर अग्नि स्थापना कर गृह होम किया। यज्ञ के दौरान ही महंत घनश्यामदासजी महाराज ने अपने प्रवचन में श्रद्धालुओं से सद्कर्म में लिप्त होकर जीव मात्र की सेवा को तत्पर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सत्संग सब मंगलों का मूल है। जैसे फूल से फल और फल से बीज और बीज से वृक्ष होता है। उसी प्रकार सत्संग से विवेक जागृत होता है और विवेक जागृत होने के बाद भगवान से प्रेम होता है और प्रेम से प्रभु प्राप्ति होती है। सत्संग से मनुष्य का मन और बुद्धि शुद्ध होती है। सत्संग से ही भक्ति मजबूत होती है। एक क्षण का सत्संग भी दुर्लभ होता है, और एक क्षण के सत्संग से मनुष्य के विकार नष्ट हो जाते हैं। सत्संग में बताई जाने वाली बातों को जीवन मे धारण करने पर ही आनंद की प्राप्ति और प्रभु से प्रीति होती है। आज मनुष्य की मन और बुद्धि विकारों में फंसती जा रही है। इन सबका कारण अज्ञानता है। यज्ञ में संत रघुवीर दासजी महाराज भी उपस्थित रहे। पंडित नरेंद्र आचार्य ने बताया कि यज्ञ के दूसरे दिन स्थापित देवताओं का पूजन, अग्नि स्थापन तथा विप्रवरों द्वारा गायत्री जप किए गए। सायंकाल में प्रदोष मंडलो द्वारा रुद्र पाठ किया गया। संध्याकाल में गांव के तीनों प्रदोष मंडलों द्वारा भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया गया।

छींच. आदर्श गायत्री महायज्ञ में अग्नि स्थापना के साथ होम करते विप्रजन।

भास्कर संवाददाता|छींच

गुरु आश्रम में चल रहे आदर्श गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन सोमवार को आचार्य नरेंद्र, कमल शुक्ल व शैलेश शुक्ल के आचार्यत्व में मुख्य यजमान रौनक आचार्य ने गणपति एवं स्थापित देवताओं का पूजन कर पंच भू संस्कार कर अग्नि उत्तारन कर अग्नि स्थापना कर गृह होम किया। यज्ञ के दौरान ही महंत घनश्यामदासजी महाराज ने अपने प्रवचन में श्रद्धालुओं से सद्कर्म में लिप्त होकर जीव मात्र की सेवा को तत्पर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सत्संग सब मंगलों का मूल है। जैसे फूल से फल और फल से बीज और बीज से वृक्ष होता है। उसी प्रकार सत्संग से विवेक जागृत होता है और विवेक जागृत होने के बाद भगवान से प्रेम होता है और प्रेम से प्रभु प्राप्ति होती है। सत्संग से मनुष्य का मन और बुद्धि शुद्ध होती है। सत्संग से ही भक्ति मजबूत होती है। एक क्षण का सत्संग भी दुर्लभ होता है, और एक क्षण के सत्संग से मनुष्य के विकार नष्ट हो जाते हैं। सत्संग में बताई जाने वाली बातों को जीवन मे धारण करने पर ही आनंद की प्राप्ति और प्रभु से प्रीति होती है। आज मनुष्य की मन और बुद्धि विकारों में फंसती जा रही है। इन सबका कारण अज्ञानता है। यज्ञ में संत रघुवीर दासजी महाराज भी उपस्थित रहे। पंडित नरेंद्र आचार्य ने बताया कि यज्ञ के दूसरे दिन स्थापित देवताओं का पूजन, अग्नि स्थापन तथा विप्रवरों द्वारा गायत्री जप किए गए। सायंकाल में प्रदोष मंडलो द्वारा रुद्र पाठ किया गया। संध्याकाल में गांव के तीनों प्रदोष मंडलों द्वारा भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया गया।

नौगामा में स्कूली बच्चों ने दी यज्ञ में आहुतियां

नौगामा. यज्ञ में आहुतियां देते हुए स्कूली बच्चे।

नौगामा| विद्या निकेतन उच्च प्राथमिक विद्यालय में परीक्षा पूर्व यज्ञ संपन्न हुआ। यज्ञ का शुभारंभ मुख्य यजमान नीरज पंचाल सह प|ीक ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया। गोपाल द्विवेदी के आचार्यत्व में मां सरस्वती, गायत्री, महामृत्युंजय व महालक्ष्मी के महामंत्र के साथ यज्ञ में आहुतियां दी गई। संस्था प्रधान कल्पेश ठाकुर ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन से भैया बहनों में आध्यात्मिक जुड़ाव के साथ आत्मविश्वास बढता है। कार्यक्रम में महेंद्र सिंह राव, पोपटलाल वैष्णव, वल्लभ पाटीदार, चन्दुलाल पंचाल, भावना रावल, कैलाश कलासुआ, विमल कटारा, महेश यादव, नेहा व्यास, अशोक पाटीदार आदि उपस्थित रहे।

Chinch News - rajasthan news devotion is strengthened only by satsang ghanshyam das
X
Chinch News - rajasthan news devotion is strengthened only by satsang ghanshyam das
Chinch News - rajasthan news devotion is strengthened only by satsang ghanshyam das
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना