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जीव हत्या करना कायरता की निशानी : आचार्य

एक वर्ष पहले
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आचार्य पुलक सागरजी के सान्निध्य में कुशलबाग मैदान में चल रहे ज्ञान गंगा महोत्सव का समापन रविवार को हुआ। अंतिम दिन बेटियों ने शानदार नृत्य के साथ मंगलाचरण किया। उसके बाद महिला मंडल और पूना से पहुंची भामाशाह शोभा धारीवाल ने मूर्ति अनावरण और दीप प्रज्ज्वलित किया। पादप्रक्षालन का सौभाग्य अशोक बोहरा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष चांदमल जैन को मिला। साथ ही सोमवार को आचार्य पुलक सागर का कॉमर्शियल कॉलोनी में मंगल प्रवेश होगा। रविवार को प्रवचन में आचार्य पुलक सागरजी ने कहा कि जीवन में गंभीरता बहुत जरूरी है। आचार्य ने पशुओं की हत्या करने को सबसे बड़े कायर की निशानी बताई। आचार्य ने एक कहानी सुनाते हुए कहा कि एक साधु किसी के यहां भोजन के लिए गया, लेकिन उसके घर में शेर के सिर टंगा हुआ था। साधु वापस लौटने लगा। परिवार के लोगों ने कहा कि महाराज हमसे क्या गलती हो गई जो आप भोजन नहीं कर रहे हो। महाराज ने कहा जहां जीव हत्या होती है, वहां एक साधु कैसे भोजन कर सकता है। एक लड़के ने कहा महाराज यह मेरे दादा ने शेर का शिकार किया था। वो बहुत वीर थे। साधु बोला इसमें वीरता नहीं कायरता है। 50 फीट दूर से गोली से निहत्थे शेर का शिकार करना कौनसी वीरता है, यह तो कायरता है। वीरता तो तब दिखती जब आपके दादाजी भी निहत्थे होते और शेर से भिड़ जाते। आचार्य जी ने कहा कि भगवान महावीर ने हमेशा कहा है कि जीवन में कभी शिकार नहीं करना चाहिए। आचार्य जी ने कहा कि कहीं शहर में एक जगह स्टेच्यू बना हुआ था। जिसमें शेर की छाती पर एक आदमी खड़ा था। तो एक कहना लगा देखा आदमी कितना शूरवीर है। तो मैंने पूछा भाई यह स्टेच्यू किसने बनाई है। आदमी ने या शेर ने। तो बोला आदमी ने। तो फिर क्या शुरवीरता। यही स्टेच्यू अगर शेर ने बनाई होती तो। सोचो जरा। आचार्य जी ने कहा- देखो चीन में तो हर जानवर खा लेते हैं लोग, किसी भी प्रकार का क्यों नहीं हो लेकिन अब देखो कोरोना, कोरोना कर रहे हैं। प्रकृति हमेशा बदला लेती है। वहीं आचार्य जी ने कहा कि भारत के लोगों को भी समझ जाना चाहिए। मांसाहारी खाना छोड़ना चाहिए। साथ ही आचार्य जी ने कहा की हमें सभी धर्मों का आदर करना चाहिए। आजकल दो धर्म को ही रंगों में बांट दिया है। हरा रंग मुसलमान का और हिंदुओं का भगवा रंग। लेकिन फिर फल सब्जी को क्यों नहीं बांटा। आचार्य जी ने कहा कि जब हिंदुओं की शोभायात्रा निकलती है तो मुसलमानों को अखरे और मुस्लिम समाज की जुलूस निकले तो हिंदुओं को अखरे यह क्या बात हैं। लेकिन जब गली से नगर परिषद की सफाई की गाड़ी निकलती है तो फिर किसी को कोई एतराज नहीं होता। वहीं आचार्य जी ने प्रकृति बचाव पर जोर देते हुए कहा कि आपका बेटे आपकी सेवा नहीं कर सके, लेकिन एक पेड़ लगाने पर वह अपनी भूमिका जरूर निभाता है। आदमी को जब जलाया जाता है तो लकड़ी की जरूरत होती है। मरने के बाद कोई साथ नहीं जाता लेकिन लकड़ी हमेशा साथ जाती है। इसलिए हर व्यक्ति को जीवन में 10-11 पेड़ लगाने चाहिए। आचार्य जी ने महावीर जयंती पर पूरे समाज को एक होकर पर्व मनाने का आव्हान किया है।

आचार्य श्री ने किया पुलक युवा मंच का गठन: आचार्य पुलक सागर महाराज ने समाज की के युवा टीम का गठन किया। इस संगठन का नाम पुलक युवा मंच दिया गया है। जिसमें अर्पित गांधी को अध्यक्ष, नीतेश गांधी को संयोजक, विकास कोठारी को उपाध्यक्ष और रोचक शाह को महामंत्री बनाया गया है। सभी सदस्यों को मंच पर सम्मानित करने का साथ ही निष्ठा से काम करने के लिए शपथ भी दिलाई गई।

कुशलबाग मैदान में चल रहे ज्ञान गंगा महोत्सव का समापन अवसर पर मौजूद समाजजन।
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