एमडी की मीटिंग के लिए निकले एसई वापस लौटे, किया जले हुए लेखा कक्ष का मुअायाना

Banswara News - भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधीक्षण अभियंता राम रतन खटीक शुक्रवार को...

Oct 13, 2019, 07:01 AM IST
भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा

अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधीक्षण अभियंता राम रतन खटीक शुक्रवार को अजमेर में एमडी की मीटिंग के लिए निकले। लेकिन बांसवाड़ा में एसई विद्युत उत्पादन के भवन में एसई ओ एंड एम के लेखाशाखा कक्ष में आग लगने की घटना की सूचना मिलने पर उदयपुर से ही वापस लौट आए। एसई ने बांसवाड़ा लौट कर प्रावेधिक सहायक नितिन दोसी के साथ कमरा नंबर 36 का मौका मुआयना किया। उन्होंने भास्कर को बताया कि कूलर के प्लग पाइंट में शार्ट सर्किट होने से वहां रखी फाइलों में आग लग गई। धीरे धीरे आग फैलने लगी लेकिन समय पर सूचना मिलने से आग पर काबू पाने से बड़ा नुकसान होने से टल गया। एसई ने बताया कि घटना की एफआईआर कोतवाली पुलिस को दे दी गई है और जांच अधिकारी मौका मुआयना और पंचनामा बना कर आगे की कार्यवाही को अंजाम देंगे। एसई से पूछा गया कि क्या ये कहीं जानबूझ कर आग लगाने की साजिश भरी घटना तो नहीं है। इस पर उन्होंने कहा कि कमरे का मुआयना करने पर जो बात सामने आई वह यही है कि कूलर के तार में आग लगने से ये घटना घटी है। इसके अलावा ये घटना कुछ भी नहीं है। हम जली गई फाइलों के बारे में जानकारी ले रहे हैं और रेकॉर्ड को व्यवस्थित करवाएंगे। इधर बांसवाड़ा में हुए आधे अधूरे कार्यों का बड़े ठेकेदारों को करोड़ों में भुगतान करने संबंधी फाइलें भी इसी कक्ष में थीं, जहां चाैकीदार के अनुसार कार्यालय समय के बाद भी रात में कर्मचारियों का लेखा कक्ष में काम काज के लिए आना जाना लगा रहता है। इधर एक संदिग्ध युवक के भागने का मामला अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है। इधर कुछ वर्षों पूर्व शहर के सीएमएचओ कार्यालय में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के रेकाॅर्ड रूम में आग लग गई थी। जिसे शॉर्ट सर्किट से आग लगने का बहाना बना कर उस समय टाल दिया गया। वहां पर भी आग रात के समय ही लगी थी। उस समय एनआरएचएम के अधिकारी सुधींद्र शर्मा द्वारा किए गए गड़बड़ घोटालों का रेकॉर्ड उसी रूमें था। तब लेखा अधिकारी से वित्तीय स्वीकृति संबंधी फाइलें और पत्रावलियां बाईपास करके सीधे सीएमएचओ की टेबल पर हस्ताक्षर के लिए ले जाई जाती रही हैं। उस समय किए गए वित्तीय घाेटालों की जांच पुलिस द्वारा पूरी नहीं की गई और करोड़ों का घपला कर अधिकारी बांसवाड़ा से सुरक्षित दूसरे जिले में चले गए और उनका कुछ नहीं बिगड़ पाया। इस मामले में बड़े अधिकारियों की भूमिका भी काफी संदिग्ध रही है।

बांसवाड़ा. एसई कार्यालय मौका मुआयना करते एसई हुए।

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