- Hindi News
- National
- Banswara News Rajasthan News Sp Asked For Information From All Police Stations For Fake Finance
फर्जी फाइनेंस कर महंगी गाड़ियां उठाने के मामले में अब एसपी ने सभी थानाें से मंगवाई जानकारियां
मृत्युशैया पर पड़े गंभीर रूप से बीमार लाेगाें काे वित्तीय सहायता दिलाने के नाम पर उनके दस्तावेज जुटा फाइनेंस पर मंहगी गाड़ियां खरीद कर बेचने वाले गिरोह का नेटवर्क इतना तगड़ा है कि इक्का-दुक्का मामले काे छाेड़ कर किसी अन्य में उनके खिलाफ पुलिस में प्रकरण तक दर्ज नहीं हाेते। पीड़ित व्यक्ति जब थाने में रिपाेर्ट देता है ताे वहां से तत्काल इस गिरोह से संबंधित पुलिसकर्मी पहुंच जातें हैं। थाने में अपने प्रभाव व रसूखात का उपयाेग कर रिपाेर्ट दर्ज नहीं हाेने देते। पीड़ित व्यक्ति काे थाने बुलवा राजीनामे का दबाव डाला जाता है। अधिकांश पीड़ित लाेग कानून के जानकार नहीं हाेते। इसका फायदा उठाते हुए गिरोह में शामिल पुलिसकर्मी मध्यस्थता करते हुए राजीनामे के लिए स्टांप पर भाषा ही एेसी लिखवातें हैं, जिसका पूरा लाभ आरेापियों काे मिल सके। उनके खिलाफ न ताे प्रकरण दर्ज हाे अाैर न ही जांच नहीं हाे। कलिंजरा थाने में पीड़ित सुखलाल भाटिया ने जाे मामला दर्ज कराया। उसमें भी पुलिस ने अपनी जांच का बिंदु केवल फर्जी दस्तावेजाें से वाहन उठाने तक ही सीमित रखा। किसी भी मामले में पुलिस ने इन बिंदुअाें पर अनुसंधान नहीं किया कि गंभीर रूप से बीमार लाेगाें के नाम पर अाखिर वाहन बीमा हुअा कैसे। उनके नाम पर उठी गाड़ियांंें में बिल पर भी खरीददार के स्थान पर गिरोह के प्रमुख सदस्याें के माेबाइल नंबर लिखे हैं। गिरोह काे पुलिस से मिलने वाले संरक्षण का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि बांसवाड़ा व डूंगरपुर जिले में पदस्थापित कुछ थानाधिकारियाें सहित बड़े पुलिस अधिकारियाें के नजदीकी पुलिसकर्मियों के पास भी गिरोह द्वारा उपलब्ध कराई गई मंहगी गाड़ियां हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि यह मामला उजागर हुए अाठ दिन हाे गए, लेकिन इस अवधि में अब तक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियाें ने इस मामले में किसी तरह की काेई रिपाेर्ट मांगी।
शुक्रवार काे भास्कर ने जब इस संबंध में एसपी केसरसिंह शेखावत से बातचीत की ताे उन्हाेंने अपने कार्यालय की संबंधित शाखा से दैनिक भास्कर के 6 मार्च के अंक में प्रकाशित इस समाचार काे मंगवाया। एसपी ने जिले के सभी थानाें में इस संबंध में अब तक दर्ज प्रकरणाें की जानकारी मंगवाने के अादेश दिए। साथ ही अपने स्तर पर जांच शुरू कराई।