यहां महिलाएं गड्‌ढा खोदकर रोज निकालती हैं पीने का पानी, एक मटका पानी के लिए रोजाना जाना पड़ता है घर से 2 KM दूर, पहाड़ों के बीच जाकर खोदना पड़ता है गड्ढा

राजस्थान न्यूज:पानी के संकट की भयावह तस्वीर... पूरा परिवार मिलकर करते हैं यह काम

Apr 05, 2019, 01:00 PM IST
Banswara Rajasthan News in Hindi: story of water crisis people here not available drinking water

बांसवाड़ा (राजस्थान)। महज डेढ़ किमी दूर ही माही का अथाह पानी, और उसके पास ही पानी को तरसते ग्रामीण। यह स्थिति है छोटी सरवन क्षेत्र के कटुम्बी के कुंडला गांव की। यहां गर्मी की दस्तक के साथ हालात विकट हो गए है। यहां सूखी नदी में गड्ढा खोदकर लोग पानी ला रहे हैं। गड्ढे में मटमैला पानी है। मवेशी और ग्रामीण दोनों यही पानी पी रहे हैं। 200 लोगों की आबादी वाले कुंडला गांव में सिर्फ एक ही हैंडपंप है। वो भी 40 साल पहले खोदा गया था। गर्मी आते ही इसमें पानी आना बंद हो जाता है।

गांव में हर वर्ष अप्रैल में टैंकरों से पानी सप्लाई किया जाता है। इसके लिए लंबी-लंबी कतार लगती है। स्थिति यह है कि आधी से ज्यादा गर्मी तो एक मटका पानी के लिए रोजाना दो किमी दूर पहाड़ों के बीच सूखी नदी में गड्ढे खोदने पड़ते हैं। पूरा परिवार मिलकर रोज एक घंटा पत्थरों को हटाकर गड्ढा खोदता है। ऐसा ही हाल छोटी सरवन तहसील के अन्य कई गांवों का भी है। अप्रैल शुरू होते ही कहीं लोग मटमैला पानी पी रहे हैं तो कहीं पानी के लिए सुबह 5 बजे से कुएं के किनारे लाइन में लग रहे हैं।

बड़ी समस्या: हर साल चार माह करते हैं पलायन
छोटी सरवन की तेलनी नदी भी लगभग सूख चुकी है। बढ़ी संख्या में गांवों से लोगों का पलायन भी शुरू हो गया है। अब वे चार महीने तक उन गांवों में अपने परिचितों के पास रहेंगे, जहां पर पानी उपलब्ध है। हालात अभी से ही इतने विकट है कि कस्बे के करीब 27 गांवों के लोग साल में केवल एक ही बार फसल उगा पाते हैं। बाकी समय पुरुषों को दूसरे स्थानों पर लोगों के खेतों में काम करके अपना पेट पालना पड़ रहा है। इस कारण बच्चों का स्कूल जाना भी छूट चुका है। जिले में सबसे अधिक परेशानी आंबापुरा, दानपुर, छोटी सरवन, घोड़ी तेजपुर, कुशलगढ़, सज्जनगढ़, मोहकमपुरा, बागीदौरा, गांगड़तलाई, डूंगरा और खेड़ा सहित करीब 140 गांवों में है।

सरकारी व्यवस्था: जिले में 57796 हैंडपंप, अन्य जल स्त्रोत भी, फिर भी पेयजल संकट
जिले में बांसवाड़ा, तलवाड़ा, गढ़ी, छोटी सरवन, अरथूना, बागीदौरा, गांगड़तलाई, आनंदपुरी, कुशलगढ़ और सज्जनगढ़ पंचायत समितियों में कुल 1487 आबाद गांवों की श्रेणी में है। जिनमें से केवल 1297 गांवों में हैंडपंप है। जिसमें जलदाय विभाग और ग्राम पंचायत दोनों द्वारा कुल 57796 हैंडपंप खोदे गए हैं। इसके अलावा 172 कुएं, 27 नल कूप, ओएसआर 57, जीएलआर 110 हैं। जिनसे पेयजल सप्लाई किया जाता है। यह आंकलन जलदाय विभाग द्वारा किया गया है। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल का संकट है।

इस साल 96 लाख का कंटेंजेंसी प्लान, पिछले साल से 46 लाख ज्यादा
गांवों में हर वर्ष गर्मी पेयजल की किल्लत पर जलदाय विभाग और प्रशासन की ओर से अस्थाई समाधान के तौर पर कंटेंजेंसी प्लान तैयार किया जाता है। पिछले तीन वर्षों में जलदाय विभाग द्वारा तैयार किए गए इस प्लान को देखे तो हर साल पैसे बढ़ते ही जा रहे हैं, लेकिन अभी तक इन ग्रामीणों को पानी देने का स्थाई समाधान नहीं हो पाया है। वर्ष 2017 में 49.72 लाख, वर्ष 2018 में 49.97 और इस वर्ष 95.98 करोड़ रुपए का प्लान तैयार किया गया है।

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