- Hindi News
- National
- Banswara News Rajasthan News Took Guns With Fake License Without Even Submitting Records To Police Station
फर्जी लाइसेंस से बंदूकें ली, बिना रिकॉर्ड थाने में जमा भी कराई
गढ़ी में फर्जी तरीके से टोपीदार बंदूकों के धडल्ले से लाइसेंस जारी करने के मामले में एक ओर चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है।
वह यह कि पहले सरकारी सिस्टम में सेंध लगाकर अवैध लाइसेंस की बंदरबाट की गई और बाद में चुनाव के दौरान इन अवैध हथियारों को बिना किसी सरकारी रिकाॅर्ड के थाने में जमा भी करवा दिए। आचार संहिता हटते ही वापस इन्हें बंदूक मालिक ले गए। यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सरकारी रिकाॅर्ड में जब इन 65 बंदूक धारियों के लाइसेंस थे ही नहीं तो आखिर थाने में इन्होंने हथियार जमा कैसे कराए? क्या इनका रिकॉर्ड तक नहीं जांचा गया? हथियारों के रिकॉर्ड जैसे मामले में यह पुलिस की एक ओर लापरवाही सामने आई है।
हालांकि, इसे लेकर पुलिस अधिकारियों के बयान भी विरोधाभासी है। क्योंकि, एसपी केसरसिंह शेखावत खुद बता रहे है कि कुछ लाइसेंस धारियों ने बंदूकें थाने में जमा करवाई थी। लेकिन एसडीएम के फर्जी साइन होने से इसकी भनक तक नहीं लग पाई। वहीं गढ़ी एसडीएम और थानाधिकारी इन बंदूक धारियों के चुनाव के दौरान किसी तरह के हथियार थाने में जमा कराने से साफ इनकार कर चुके है। इधर, फर्जी लाइसेंस बनाने के आरोपी बाबू प्रकाश भोई के लिए दलाली करने वाले पांचों दलालों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इसके अलावा गढ़ी में एक के बाद कई अवैध हथियारों की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में ढिलाई को भी उजागर कर दिया है। गढ़ी परतापुर क्षेत्र में पिछले दाे सालाें से फर्जी लाइसेंस पर उदयपुर के एक ही अार्म्स डीलर बंदूकाें की खरीद हाेती रही अाैर किसी भी सरकारी एजेंसी काे इसकी भनक तक नहीं लगी। जबकि अार्म्स डीलर के यहां माैजूद रिकार्ड में भी फर्जी लाइसेंसधारियों के पते पूरे नहीं थे। उनके नाम के अागे केवल गांव या कस्बे का नाम लिखा था। जबकि अार्म्स डीलर के यहांं से बिकने वाले हथियाराें व लाइसेंसधारियाें के संबंध मेें क्षेत्रिय खुफिया एजेंसियां नियमित रिकार्ड चेक करती है। गढ़ी-परतापुर क्षेत्र काे संवेदनशील माना जाता है। एेसे मेंं पुलिस व खुफिया एजेंसियों की यहां विशेष नजर रहती है। पिछले करीब सवा साल में यहां विधानसभा, लाेकसभा व नगरपालिका चुनाव, पंचायत चुनाव भी हुए हैं। हर बार चुनावाें में अाचार सहिंता लागू हाेने से पूर्व जिला मजिस्ट्रेट की अाेर से लाइसेंसी हथियार संबंधित थाने में जमा कराने के अादेश भी जारी हाेतें हैं। वहीं पुलिस काे भी पता नहीं चल पाया कि उनके क्षेत्र में इतने अधिक हथियार अवैध रूप से घराें में रखे हैं।