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लोक संस्कृति के रंग, स्वांगों व आकर्षक झांकियों ने मन मोहा

Baran News - कस्बे में होली पर मनाए जाने वाले 132वें फूलडोल लोकोत्सव का आगाज धूमधाम से हुआ। शोभायात्रा व स्वांगों ने लोक...

Dainik Bhaskar

Mar 04, 2018, 02:00 AM IST
लोक संस्कृति के रंग, स्वांगों व आकर्षक झांकियों ने मन मोहा
कस्बे में होली पर मनाए जाने वाले 132वें फूलडोल लोकोत्सव का आगाज धूमधाम से हुआ। शोभायात्रा व स्वांगों ने लोक संस्कृति के रंग बिखेरे। मुख्य समारोह शुक्रवार रात को कटारियों के चौक में हुआ। यहां अतिथियों ने गणेशजी की झांकी को पूजा कर रवाना किया।

समारोह में संसदीय सचिव नरेंद्र नागर ने कहा कि लोकोत्सव की भव्यता को देखते हुए सरकार को इसे पर्यटन कैलेंडर में शामिल करना चाहिए। साथ ही आर्थिक मदद व प्रचार-प्रसार के लिए इसे पर्यटन विभाग को सौंपना चाहिए। वहीं विधायक ललित मीणा ने कहा कि विधानसभा में मुद्‌द‌ा उठाकर लोकोत्सव को पर्यटन में शामिल करने की मांग की है। विधानसभा अध्यक्ष ने भी पयर्टन विभाग से इसकी रिपोर्ट मांगी है। उम्मीद है कि जल्द ही इसको पयर्टन में शामिल कर लिया जाएगा। अध्यक्षता करते हुए पटेल मनोज चौधरी ने कहा कि कस्बेवासी अब तक इस आयोजन को बिना किसी सरकारी इमदाद के मनाते आ रहे हैं। आगे भी आयोजन में भव्यता में कमी नहीं आएगी।

इस दौरान अतिथि के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र नागर, उपजिला प्रमुख राजकुमार नागर, हेमंत नागर अंताना, नाथूलाल नागर, सरपंच राकेश नागर, सत्येंद्र धाकड़, यशभानु जैन, सक्सेना परिवार के सदस्य भी मौजूद थे। इससे पहले सभी अतिथियों का आयोजन समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र यादव, राजाराम राठौर, नेमीचंद गुरदिया, लोकेश नागर, रवि गुर्जर, गोपीबल्लभ चौरसिया, गजेंद्रसिंह पंवार, यश सनोठिया, विष्णु पंकज ने माल्यार्पण व साफा बांधकर स्वागत किया। संचालन कुलदीप शाक्यवाल ने किया। इस दौरान कानून व्यवस्था को लेकर सीआई हेमंत गौतम अतिरिक्त जाप्ते के साथ पूरी रात कार्यक्रम में मौजूद थे।

रातभर चला आयोजन

फूलडोल लोकोत्सव के छह दिवसीय आयोजन की शुरुआत एक मार्च को दोपहर में कलश यात्रा व उसके बाद रानीबड़ौद से आए मायरे के साथ हो गया था। रात को चारभुजा मंदिर के पास भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें बाहर से आए कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी। वहीं 2 मार्च को धुलेंडी के दिन सुबह 8 बजे काला-गोरा सहित अन्य स्वांगों के निकलने का सिलसिला शुरू हुआ जो रात 10 बजे तक चला। इसमें प्रमुख रूप से रावण-जटायु युद्ध, ढोला-मारू, जमात, बारात, अरथी का स्वांग, गाडिया-लुहार, लैला-मजनू आदि स्वांग निकले। वहीं रात को 12 बजे से भगवान चारभुजा नाथ की बारात निकली जिसमें कृत्रिम हाथी पर सवार भगवान गांव वालों के साथ फूलों की होली खेलते हुए चल रहे थे। पीछे-पीछे विभिन्न देवी-देवताओं की झांकियां चल रही थी। शोभायात्रा दूसरे दिल शनिवार को सुबह 6 बजे सक्सेना परिवार के यहां पर पहुंची। यहां पर होली के गीतों के साथ के साथ होली खेली गई।

किशनगंज. फूलडोल लोकोत्सव के दौरान निकाली शोभायात्रा में शामिल झांकी।

झांकियां देखने के लिए छतों पर डटे रहे लोग

आयोजन की भव्यता का अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि 132वें फूलडोल लोकोत्सव के दौरान लोगों को शोभायात्रा में झांकियों को देखने के लिए पहले से ही जगह रोक कर बैठना पड़ता है। छतों से लेकर चबूतरों तक बैठने की ठोर नहीं रहती है। वहीं आयोजन को लेकर जगग-जगह विभिन्न समाज की ओर से तोरणद्वार लगाने के साथ ही लोगों ने अपने घरों व प्रमुख बाजारों में आकर्षक विद्युत सजावट कर सजा रखा था। इस दौरान मुस्लिम समाज की ओर से भी शोभायात्रा में शामिल झांकियों का स्वागत कर छबील लगाकर चाय व पानी पिलाया।

रंगमंच पर राजस्थानी कवि सम्मेलन का आयोजन

फूलडोल लोकोत्सव के छह दिवसीय आयोजन के कार्यक्रमों की शृंखला में रविवार को फूलडोल लोकोत्सव आयोजन समिति की ओर से रविवार को उच्च माध्यमिक स्कूल के रंगमंच पर राजस्थानी कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। आयोजन समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र यादव ने बताया कि यादव ब्रदर्स अंबेडकर सर्किल बारां द्वारा प्रायोजित राजस्थानी कवि सम्मेलन में बाबू बंजारा, मुकुट मणिराज, गिरिराज अमेठा, अंदाज हाड़ौती, दुर्गाशंकर धांसू आदि काव्य पाठ करेंगे। इस दौरान झांकियों व स्वांग रचने वाले कलाकारों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। इसकी सभी तैयारियों को आयोजन समिति ने पूरा कर लिया है।

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