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2 साल में बदला मौसम का ट्रेंड मार्च में 41 डिग्री पहुंचा तापमान

बारां. शनिवार को तपिश से बचने के लिए पार्क में राहत लेते राहगीर। भास्कर न्यूज | बारां जिलेभर में मार्च के आखिरी...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 02:05 AM IST
बारां. शनिवार को तपिश से बचने के लिए पार्क में राहत लेते राहगीर।

भास्कर न्यूज | बारां

जिलेभर में मार्च के आखिरी दिन तापमान 41 डिग्री तक पहुंचने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। हालात यह रहे कि मई की तरह पंखे दिन के समय गर्म हवा फेंकने लगे। वातावरण में एकदम से आए बदलाव के कारण हर काेई ठंडी हवा व पानी ढूंढ़ता दिखाई दिया। वहीं लोग जरूरी काम से बाजारों में निकले। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग छाछ, दही की लस्सी, जूस, शीतल पेय, आइसक्रीम का उपयोग करते देखे गए। जानकारों का कहना है कि पिछले एक दशक में मार्च महीने में सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया है। इसके चलते दोपहर के समय बाजारों में आवाजाही कम रही।

नौलाइयों में आग नहीं लगाएं

कृषि विभाग के उपनिदेशक अतीश कुमार शर्मा ने बताया कि किसान फसलों के अवशेष को नहीं जलाएं। इससे धरती की गुणवत्ता खत्म होती है। पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। फसलों के अवशेष से खेत में ही खाद बनाई जा सकती है। वहीं मशीनों से इसमें भूसा भी निकल सकता है। किसान खेतों में बची फसल के अवशेषों में आग नहीं लगाएं।

पिछले 10 साल में मार्च में सर्वाधिक तापमान



बचाव और डॉक्टरी सलाह

जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. केके कतियाल का कहना है कि तापमान में एकदम से बदलाव आ रहा है। इसको लेकर एहतियात बरतनी चाहिए। अधिक तापमान में बुजुर्गों, बच्चों व मरीजों को दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक खुली धूप में निकलने से बचना चाहिए। घर से बाहर जाना जरूरी हो, तो हर घंटे पानी, छाछ, नींबू पानी, नारियल पानी आदि का सेवन करना चाहिए। किसी भी प्रकार की शारीरिक परेशानी होने पर चिकित्सक से संपर्क करें। फसलों में दिनों से फसलों में आगजनी की घटनाएं हो रही हैं। तारों की स्पार्किंग या अन्य किसी कारण से निकली चिंगारी फसलों को स्वाहा कर रही है। शहर के समीपवर्ती तलावड़ा, शाहाबाद के ईसाटोरी, अंता के अमलसरा, बमोरा में नौलाइयों की आग सहित विभिन्न जगह आगजनी की घटनाएं हो रही हैं।