Hindi News »Rajasthan »Baran» 221 पंचायतों में सतर्कता समितियां बनीं पर एक दुकान भी नहीं जांची

221 पंचायतों में सतर्कता समितियां बनीं पर एक दुकान भी नहीं जांची

जिले में सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए हरसंभव प्रयास किए गए, लेकिन विभाग की अनदेखी के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:05 AM IST

221 पंचायतों में सतर्कता समितियां बनीं पर एक दुकान भी नहीं जांची
जिले में सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए हरसंभव प्रयास किए गए, लेकिन विभाग की अनदेखी के कारण व्यवस्थाएं सुधर नहीं पा रही है। ऐसा ही एक और मामला सामने आया जो विभाग की उदासीनता को दर्शा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्र में सभी लोगों को राशन मिले, डीलर द्वारा किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हो, इसके लिए 2 साल पहले ग्राम पंचायत स्तर पर सतर्कता समितियां बनाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद 221 ग्राम पंचायतों पर समितियां बनाई भी गई, लेकिन आज तक एक भी समिति क्रियाशील नहीं है। विभागीय सूत्रों के अनुसार एक भी समिति द्वारा इन दो सालों में सत्यापन नहीं किया गया। रसद विभाग ने भी उदासीन रवैया अपनाते हुए इन समितियों को सत्यापन के लिए पाबंद नहीं किया। इसके अलावा इनकी सत्यापन रिपोर्ट के बिना ही डीलर को राशन सामग्री भी आवंटित करते आ रहे हैं। उपभोक्ता सप्ताह निकल जाता है, लेकिन राशन दुकानों पर सामग्री ही नहीं पहुंच रही है। इसके अलावा कुछ उपभोक्ताओं को राशन मिलता है तो कुछ वंचित रह जाते हैं। समितियों का भी दबाव नहीं होने से पिछले चार माह में तो विभागीय कार्रवाई में ही डीलर की गड़बड़ियां सामने आने पर कई राशन डीलरों के लाइसेंस निलंबित भी किए हैं।

समिति में सरपंच से लेकर प्रधानाचार्य तक

रसद विभाग ने राशन वितरण में पारदर्शिता के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच, वार्डपंच, पंचायत स्कूल के प्रधानाचार्य, पेंशनर व सामाजिक कार्यकर्ता को शामिल किया गया। राशन वितरण के बाद यह समिति सत्यापन करती है कि उसकी पंचायत के हर उपभोक्ता को राशन मिल चुका है। राशन डीलर को अगले माह का राशन आवंटित किया जाए। इसके बाद ही डीलर को राशन आवंटित किया जाना था। सतर्कता समिति के बारे में जब डीलरों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि विभाग ने पंचायत स्तर पर सतर्कता समितियों का गठन कर दिया था, लेकिन गाइड लाइन ही स्पष्ट नहीं थी। डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष शंभू सिंह ने बताया कि डीलर के पास राशन आने पर समिति के लोगों को बुलाकर सत्यापन कराना था, लेकिन सत्यापन किसमें कराना और किसका कराना था। सामग्री आने का या सामग्री वितरण के बाद रिकॉर्ड रजिस्टर्ड की स्थिति स्पष्ट नहीं होने से सत्यापन कराना बंद हो गया। अब पोस मशीन से वितरण होने से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश भी पूरी तरह से समाप्त हो गई है। ग्राम पंचायत में सतर्कता समिति के सत्यापन की रिपोर्ट के बाद ही डीलर को अगले महीने का राशन आवंटित किया जाता है, लेकिन विभाग भी बिना किसी सत्यापन रिकॉर्ड के डीलरों को आवंटन करता था। ऐसे में समितियां कभी एक्टिव ही नहीं हो सकी। ऐसे में सरकार की ओर से जिस उद्देश्य के लिए समितियों का गठन किया गया, वह पूरा नहीं हो पा रहा है। ऐसे में अब पोस मशीन से वितरण होने से इन समितियों का होना व ना होना कोई मायने नहीं रखता है।

ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत स्तर पर सतर्कता समितियों का गठन किया गया था, लेकिन समितियां सत्यापन नहीं कर रही हैं। इसके लिए समितियों को पाबंद किया जाएगा। वैसे पोस मशीन में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन होता है। गड़बड़ी होती है, वह भी पकड़ में आ जाती है। - हरलाल मीणा, डीएसओ बारां

उपभोक्ताओं को परेशानी

उपभोक्ताओं को समय पर राशन नहीं मिल रहा है।

उपभोक्ता राशन लेने नहीं पहुंचा, फिर भी उसका राशन उठ गया।

उपभोक्ता पखवाड़ा निकलने के बाद पहुंच रही राशन सामग्री।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Baran

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×