• Hindi News
  • Rajasthan
  • Baran
  • सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को अजा जजा संगठनों ने बताया खतरा, कल रखेंगे कई जगह बंद
--Advertisement--

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को अजा-जजा संगठनों ने बताया खतरा, कल रखेंगे कई जगह बंद

Baran News - अखिल राजस्थान अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ी जाति अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त महासंघ जिला की आपातकालीन बैठक...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 02:05 AM IST
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को अजा-जजा संगठनों ने बताया खतरा, कल रखेंगे कई जगह बंद
अखिल राजस्थान अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ी जाति अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त महासंघ जिला की आपातकालीन बैठक जिलाध्यक्ष कमल यादव के आवास पर हुई। जिसमें सभी पदाधिकारियों ने सर्वोच्च न्यायालय की ओर से सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से सुरक्षा व्यवस्था को खतरा बताया। इससे दलितों पर अत्याचार बढ़ेगा। इसके विरोध में दलित संगठनों के 2 अप्रैल को भारत बंद के आह्वान पर बारां जिला भी बंद रखने का निर्णय हुआ है। 2 अप्रैल को ही 3 बजे पब्लिक पार्क कोटा रोड पर एकत्रित होकर रैली के रूप में मिनी सचिवालय पहुचेंगे और शाम 4 बजे कलेक्टर को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया जाएगा। जिले के आरक्षित वर्ग के कर्मचारी, अधिकारी इस दिन स्वैच्छिक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। महासंघ के जुड़े सभी पदाधिकारी इसकी माॅनिटरिंग करेंगे। वहीं सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एससी, एसटी एक्ट की धारा 3 में बदलाव को लेकर सोमवार को भारत बंद का राष्ट्रीय मीणा युवा महासभा समर्थन करेगी। संभागीय अध्यक्ष धर्मराज सांवरिया ने बताया कि संभाग सहित बारां जिला में सभी तहसील मुख्यालयों पर बंद का पूर्ण रूप से महासभा समर्थन करेगी। महासभा के महावीर, हरिओम अंता, भूपेंद्र बारां, महेंद्र, हरिप्रकाश मांगरोल, बंटी किशनगंज, सुरेंद्र शाहाबाद, रमेश, विक्रम छबड़ा.छीपाबड़ौद आदि ने एससी, एसटी के लोगों से संपर्क कर बंद को सफल बनाने की अपील की है। वहीं सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी आॅफ इंडिया की ओर से दो अप्रैल को भारत बंद का समर्थन किया है। एसडीपीआई के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद रिजवान खान ने कहा कि एससी, एसटी एक्ट में बदलाव दलितों के अधिकारों का हनन है। एसडीपीआई इस फैसले का पुरजोर तरीके से विरोध करती है। एसडीपीआई 2 अप्रेल को दलित संगठनों की ओर से बुलाए गए भारत बंद का समर्थन करती है।

छीपाबड़ौद. अजा-जजा तहसील क्षेत्र के सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से 21 मार्च को अधिनियम 1989 में परिवर्तन करने की निंदा कर विरोध किया है। संगठन के सदस्य ब्रजराज मीना, पप्पू झावा, रामकल्याण वर्मा, टीकम गवारिया, नंदलाल केसरी, पुष्कर सालवी, गोकुल मेघवाल, भीमराज मीना, घनश्याम यादव, भागचंद मीना, चौथमल वर्मा, रूपचंद वर्मा, जमनालाल महावर, जमनालाल मेघवाल, मुकेश नरवाला नेे बताया कि नियम में बदलाव को सहन नहीं किया जाएगा। नियम को यथावत रखने की मांग को लेकर 2 अप्रैल को सुबह 7 से 2 बजे तक बाजार को बंद करवाया जाएगा। 3 बजे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, कानून मंत्री, गृहमंत्री के नाम एसडीएम के माध्यम से ज्ञापन भिजवाया जाएगा, जिसमें नियम को यथावत रखने की मांग होगी।

अटरू. एससी, एसटी एवं ं दलित शोषित संगठन की बैठक बाबा रामदेव मंदिर सालपुरा पर हुई। दिनेश मीणा ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुसूचित जाति, जनजाति उत्पीड़न अधिनियम की व्याख्या की गई। इसमें अधिनियम की ओर से दी गई सामाजिक सुरक्षा लगभग समाप्त हो चुकी है। इसके विरोध में अनुसूचित जाति जनजाति एव समस्त दलित शोषित शीर्ष संगठनों ने 2 अप्रैल को भारत बंद का आह्वान किया है। इसके तहत अटरू तहसील के अजा, जजा व दलित संगठन शांतिपूर्ण तरीके से 2 अप्रैल को अटरू बंद रखेंगे। साथ ही राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन दिया जाएगा। बैठक में मुकेश यादव एडवोकेट, रतनपुरा उपसरपंच सोमेश मण्डावत, कुलदीप, चंद्रसेन, दिनेश मीणा आदि मौजूद थे।

X
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को अजा-जजा संगठनों ने बताया खतरा, कल रखेंगे कई जगह बंद
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..