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उड़द, मूंग और सोयाबीन पर अतिवृष्टि की मार

जिले में सितंबर में लगातार 15 दिन हुई बारिश से खरीफ फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है। जलभराव से फसलें गल गई हैं। उड़द और...

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 02:26 AM IST
जिले में सितंबर में लगातार 15 दिन हुई बारिश से खरीफ फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है। जलभराव से फसलें गल गई हैं। उड़द और मूंग में सर्वाधिक नुकसान है। मक्का, सोयाबीन में भी नुकसान हुआ है। प्रशासन की ओर से खराबे का सर्वे कराया जा रहा है।

फसलों में सर्वाधिक नुकसान 8 सितंबर को बीते 24 घंटों में 150 से लेकर 265 एमएम बारिश से फसलें खराब हो गई हैं। नदियों से प्रभावित शाहाबाद क्षेत्र में पूरी फसल ही बह गई है। राजस्व विभाग की ओर से नजरी रिपोर्ट तैयार करवाई गई है। इसके अनुसार मूंग में 8 फीसदी, उड़द में 15 और सोयाबीन में दो फीसदी खराबा बताया जा रहा है।

ऐसे समझें नजरी खराबे का गणित

उड़द की फसल 52 हजार 487 हैक्टेयर में बोई गई है। इसमें 15 फीसदी नुकसान है। यानी 7 हजार 873 हैक्टेयर उड़द खराब हो गए। मूंग की फसल 1 हजार 639 हैक्टेयर में बोई है। इसमें 8 फीसदी नुकसान है। यानी 114 हैक्टेयर फसल खराब हो गई। इसी प्रकार सोयाबीन 2 लाख 20 हजार 956 हैक्टेयर में बोई है। इस हिसाब से 4 हजार 419 हैक्टेयर फसल खराब हो गई है। नुकसान का यह आंकलन सिर्फ प्रारंभिक तौर पर तैयार किया हुआ है। गिरदावरी रिपोर्ट में ही वास्तविक नुकसान का आंकलन हो सकेगा।

बारिश से फसलों को नुकसान हुआ है। खेतों में जलभराव के चलते उड़द और मूंग की फसल गल गई है। जलभराव वाले खेतों में सोयाबीन नष्ट हो गई है। शाहाबाद के मझारी निवासी वनराज मेहता, मदनलाल मेहता, संदीप शर्मा ने बताया कि फसलें नष्ट हो गई हैं। मथुरालाल सहरिया ने बताया कि बारिश से फसल गलकर सड़ गई है। सहायक कृषि अधिकारी नीरज शर्मा ने बताया कि सोयाबीन की फसल में लगभग 40 से 50, उड़द में 80 से 90 तक नुकसान है। बाजरा और मक्का में भी व्यापक नुकसान है।

अंता| 58 हजार हैक्टेयर में खरीफ की बुवाई हुई थी। इसमें 7800 हैक्टेयर में उड़द व मूंग की फसल थी। कृषि विभाग के अनुसार 50 फीसदी तक खराबा हुआ है। सोयाबीन में भी 30 फीसदी तक खराबा है।

सकतपुर| नोहल्या निवासी जगन्नाथ नागर ने बताया कि 15 बीघा में उड़द की फसल पूरी तरह खराब हो गई है।

देवरी. उड़द में 80 से 90 फीसदी, ज्वार, मक्का में 50 से 60 फीसदी और सोयाबीन व तिल्ली में 40 से 50 फीसदी नुकसान हुआ है।

सीसवाली| उड़द व मूंग की फसल में व्यापक नुकसान है। पूर्व सरपंच ओम नागर ने बताया कि खेतों में फसल डूबी हुई है।

किशनगंज| उड़द में 40 प्रतिशत नुकसान है। सोयाबीन में 20 से 30 फीसदी तक नुकसान है।