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फर्जी नंबर प्लेट से वाहन चला रहे, डंपर की बजाय मिनीडोर मालिक को मिला चालान तो खुला राज
फर्जी नंबर प्लेट लगाकर ओवरलोड वाहन दाैड़ रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में ओवरलोड डंपर का चालान नंबर प्लेट के आधार पर मिनीडोर मालिक के पास पहुंचा तो मामला खुल गया। जिले में अवैध रूप से बनास की रेत परिवहन के लिए भी एक ही ई-रवन्ना से तीन से चार ट्रेलर, डंपर माल लाया जा रहा है। इस प्रकार से सरकार को हर दिन लाखों रुपए के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। गहनता से पड़ताल हो, तो मामले में बड़े माफिया और उनसे मिलीभगत करने वालों की हकीकत सामने आएगी।
कई वाहन चालक फर्जी नंबर प्लेट लगाकर ओवरलोडिंग और अवैध कार्याे में वाहनों का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें पत्थर, रेत, ईंट, काेयला से लेकर दूसरे लोडिंग सामान भरे जा रहे हैं। बनास की रेत लाने में भी इसी प्रकार एक ही ई-चालान से तीन से चार ट्रक और ट्रेलर लाए जा रहे हैं। सक्रिय माफिया इस प्रकार की धोखाधड़ी को अंजाम दे रहा है। एक वाहन पर दूसरे वाहन की नंबर प्लेट लगाने के साथ ही एक ही नंबर प्लेट से भी कई वाहन चलाए जा रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि इसमें कुछ सरकारी कार्मिकों की भी मिलीभगत है। इसमें गहराई से जांच और कार्रवाई हो, तो सरकार को लाखों रुपए का राजस्व मिल सकेगा। साथ ही धोखाधड़ी करने के आरोपी भी कानून की गिरफ्त में आ सकेंगे। राजस्व वसूली की आखिरी तारीख नजदीक आते-आते परिवहन विभाग की ओर से वाहन मालिकों को ओवरलोडिंग के नोटिस भेजे जा रहे हैं। एक मामले में सरकन्या निवासी एक मिनीडोर वाहन के मालिक को भी 21.46 मीट्रिक टन बाइक से ओवरलोड ढुलाई बताकर ई-रवन्ना से चालान नोटिस भेज दिया गया। इससे वह सकते में आ गया। अब विभागीय अधिकारी गलती मानते हुए मामले में नियमानुसार सुधार की बात कह रहे हैं।
फर्जी नंबर लगाकर धड़ल्ले से संचालन, जिम्मेदारों पर आरोप
बनास की रेत, बजरी, कोयला ढुलाई सहित खनन व अन्य कार्याे के लिए जिलेभर में माफिया ने कई वाहन चालकों ने फर्जी नंबर प्लेटें लगाकर धड़ल्ले से वाहनों का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में किसी किसी भी तरह के आपराधिक घटनाओं और दुर्घटनाओं का अंदेशा बढ़ गया है। साथ ही सरकार को राजस्व का भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। कई बार इस तरह के मामले सामने आने के बावजूद सख्ती नहीं होने से जिम्मेदारों पर भी मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं। पिछले साल भी विभाग की ओर से कवाई निवासी एक बाइक मालिक बाइक आरजे-28 एसके 0605 को ट्रैक्टर बताकर 8.60 टन माल ढुलाई बताकर इसमें 8.36 मीट्रिक टन की ओवरलोडिंग बताई थी। गत 10 जून देर रात काे शहर के मांगरोल बाइपास पर एक कार कुछ लोगों को टक्कर मारते हुए झाड़ियों में जा घुसी थी। कार की आगे व पीछे दोनों नंबर प्लेट पर अलग-अलग नंबर लिखे हुए थे।
खान विभाग से प्राप्त सूचना के आधार पर ई-रवन्ना के ओवरलोडिंग चालान नोटिस निदेशालय से ही वाहन मालिकों के पास भेजे गए हैं। उक्त नंबर से गड़बड़ी मिली है, तो इसे दिखवाया जाएगा। गलती में सुधार करवाया जाएगा। साथ ही विभाग की ओर से नंबर प्लेट सहित वाहनों के रजिस्ट्रेशन की चैकिंग की जाती है। खामी पाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
-दिनेश सागर, जिला परिवहन अधिकारी
क्षमता है सिर्फ 1815 किलो, मिनीडोर 21.46 मीट्रिक टन की ओवरलोड मिली
जिले में 143 लोगों को ई रवन्ना से प्राप्त सूचना के आधार पर वसूली के लिए चालान नोटिस भेजे गए हैं। इनमें सरकन्या निवासी मुकेशकुमार सुमन की महिंद्रा मैक्सिमो आरजे-28 जीए 2518 को डंपर बताकर 23.37 टन माल ढुलाई बताकर इसमें 21.46 मीट्रिक टन की ओवरलोडिंग बताई गई है। जबकि परिवहन विभाग के अनुसार इस वाहन की लोडिंग क्षमता ही 1815 किलो ही है। सूत्रों के अनुसार परिवहन विभाग में इस नंबर का वाहन मिनीडोर में ही रजिस्टर्ड हैं। ऐसे में मोठपुर क्षेत्र में कोयला या पत्थर ढुलाई में उपयोग लिए गए डंपर पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई। ई-रवन्ना में कोयले पत्थर से भरे डंपर पर भी आरजे-28 जीए 2518 की नंबर प्लेट लगी हुई थी। ऐसे में ओवरलोडिंग होने पर नोटिस इस नंबर से रजिस्टर्ड वाहन मालिक को भेजा गया।
बारां. परिवहन विभाग में रजिस्टर्ड मिनीडोर।
पैनल्टी से बचने के लिए अंतिम दिन आज, बाद में होगी कार्रवाई
परिवहन विभाग को इस बार लक्ष्य बढ़ने के कारण वसूली में पसीने छूट गए हैं। हालांकि विभाग ने लक्ष्य के मुकाबले 41 करोड़ रुपए से अधिक की वसूली की जा चुकी है। वहीं परिवहन विभाग में रविवार रात 12 बजे तक किसी भारी वाहन मालिक ने टैक्स जमा नहीं कराया तो उनके वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। बिना टैक्स अदायगी वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए विभागीय अधिकारियों ने तैयारी कर ली है। ऐसे वाहनों को रोककर नजदीकी थाने में जमा कराया जाएगा। परिवहन विभाग के सूचना सहायक पीयूष माेरवाल ने बताया कि ओवरलोड भारी वाहनों पर ई-रवन्ना की सूचनाओं पर करीब 143 वाहनों पर ओवरलोड का जुर्माना है। लेकिन इनमें से कई वाहन मालिकों ने जुर्माना जमा नहीं कराए हैं। 15 मार्च तक जमा कराने पर पैनल्टी की छूट दी गई हैं। रविवार को अंतिम दिन हैं। विभाग की ओर से अंतिम तिथि को लेकर अवकाश के दिन भी कार्यालय खुले रखे जाएगें। 15 मार्च तक शेष वाहनों को पेनल्टी के साथ जुर्माना जमा नहीं करवाने पर बकायादारों के वाहन सीज किए जाएंगे।
बारां. मिनीडोर और डंपर पर एक ही नंबर प्लेट है।