बिजली-पानी समय पर नहीं मिल रहे, सड़कें खस्ताहाल, अफसरों को सुनाई खरी-खोटी

Baran News - जिला परिषद की बैठक शुक्रवार को हंगामेदार रही। जिला प्रमुख नंदलाल सुमन की अध्यक्षता में हुई बैठक में सड़क, पानी,...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 07:12 AM IST
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जिला परिषद की बैठक शुक्रवार को हंगामेदार रही। जिला प्रमुख नंदलाल सुमन की अध्यक्षता में हुई बैठक में सड़क, पानी, बिजली और चिकित्सा संबधी समस्याओं काे लेकर जिला परिषद सदस्यों ने अधिकारियों पर लापरवाही व अनदेखी का आरोप लगाया और खरी-खोटी सुनाई।

जिला प्रमुख नंदलाल सुमन ने भी स्थिति में जल्द सुधार के लिए अधिकारियों को फटकार लगाई। इस दाैरान अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव में कार्य करने का आरोप लगाने पर पंचायत समिति प्रधान व विधायक के बीच तीखी नाेक-झाेंक से माहौल गर्मा गया। मिनी सचिवालय सभागार में शुक्रवार सुबह साढ़े 11 बजे हाेने वाली बैठक जिला परिषद के सदस्यों के देरी तक नहीं पहुंचने से करीब 1 घंटे बाद शुरू हुई। बैठक की शुरुआात में एडीएम सुदर्शन सिंह तोमर ने अधिकारियों को पेयजल आपूर्ति, मौसमी बीमारियों को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। साथ ही जिले में सडकों के सुदृढीकरण, विद्युत व्यवस्था, सॉलिड वेस्ट मेनेजमेंट रूल्स 2016 की क्रियांवित पर चर्चा की गई। इस दौरान जिला परिषद के सदस्यों ने इस कार्यकाल की अंतिम बैठक होने पर लंबित समस्याओं का समाधन नहीं होने पर नाराजगी जताई।

बैठक में विधायक पानाचंद मेघवाल, विधायक निर्मला सहरिया, सीईओ जिला परिषद बृजमोहन बैरवा, एएसपी विजय स्वर्णकार, उपजिला प्रमुख राजकुमार नागर, सीएमएचओ संपतराज नागर, कृषि विभाग उपनिदेशक अतिश कुमार शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।

बारां. मिनी सचिवालय सभागार में साधारण सभा की बैठक में प्रधान व विधायक के बीच नोक-झोंक हुई।

विधायक और प्रधान के बीच तीखी नाेक-झोंक

बैठक में प्रधान अजीतसिंह माथनी ने बताया कि वह माथना में पीएचसी निर्माण के लिए जमीन देकर व भवन निर्माण करवाना चाह रहे हैं। इसके लिए कुछ साल पहले उन्होंने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को प्रस्ताव देकर अनुमति मांगी थी, लेकिन विभाग की और से इसे बार-बार अटकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ तो भामाशाहों से सहयोग लेकर जन सुविधाओं में विस्तार करने की बात कहती है, लेकिन यहां पर राजनीतिक दबाव के चलते सहयोग के लिए स्वीकृति नहीं दी जा रही है। इस पर विधायक मेघवाल ने कोई राजनीतिक नहीं दबाब होने की बात कही। उन्हींने झूठे आरोप नहीं लगाने की हिदायत देते हुए कहा कि विभागीय मापदंडों के आधार पर स्वीकृति मिल सकती है। ऐसे में प्रधान सिंह और विधायक मेघवाल के बीच देर तक नाेक-झाेंक हुई। विधायक निर्मला सहरिया व अन्य अधिकारियों ने प्रधान से समझाइश की।

जनप्रतिनिधियों ने कहा- मेंटिनेंस के नाम पर कटौती, फिर भी सुधार नहीं

जिला परिषद की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि बिजली निगम की ओर से लोड सेटिंग के नाम पर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में घंटों बिजली की कटौती की जाती है। जिला परिषद सदस्य सत्यनारायण भूमल्या ने कहा कि शहर में रोज ही मेंटिनेंस के नाम पर कटौती की जाती है। इसके बावजूद भी बिजली तंत्र नहीं सुधर रहा है। कहीं पर लाइन में फाॅल्ट आने पर कई बार कॉल सेंटर पर फोन अंटेंड नहीं करते हैं। घंटे तक फॉल्ट सुधारने के लिए एफआरटी टीम मौके पर नहीं पहुंचती है।

अमृत सिटी के कार्यों में देरी से आमजन को नहीं मिल रहा लाभ: उपजिला प्रमुख नागर

उपजिला प्रमुख राजकुमार नागर ने कहा कि शहर में पेयजल आपूर्ति सुधारने के लिए अमृत सिटी योजना के तहत टंकियां बनवाई गई हैं, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से निर्माण कार्य की अवधि निकलने के बाद भी कार्य पूरा नहीं हुआ है। अधिकांश टंकियां बन चुकी तथा लाइनें भी डाली जा चुकी हैं। इसके बावजूद लोगों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस पर पीएचईडी के अधिकारी ने कहा कि रोड कटिंग के चलते कार्य को ऊपरी आदेश से बंद कर दिया। साथ ही उन्होंने जलदाय विभाग से जल्द कार्य पूरा करवाकर लोगों को इसका लाभ दिलाने की मांग की।

खस्ताहाल सड़कों से लोग परेशान अधिकारी नहीं दे रहे हैं ध्यान

बैठक में खस्ताहाल सड़कों से लोगो को आवाजाही में हो रही परेशानी को लेकर जिला परिषद के सदस्यों ने बैठक में अधिकारियों से समाधान की मांग की। जिप सदस्याें ने कहा कि जिले में नेशनल हाईवे से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें खस्ताहाल हो गई हैं। बारिश के दौरान लोगाें काे आवाजाही में परेशानी हो रही है। कई सड़कें लंबे अरसे से क्षतिग्रस्त हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। नेशनल हाईवे-27 पर जगह जगह गड्ढ़े हो रहे हैं, जिनसे आए दिन हादसे हो रहे हैं। बदस्तूर टोल वसूली के बावजूद हाइवे की मरम्मत नहीं हो रही है। इस पर एडीएम ने अधिकारियों को शीघ्र समाधान करवाने के निर्देश दिए।

बीमारियों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र में नहीं जा रही चिकित्सा विभाग की टीमें

बैठक में एडीएम तोमर ने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को मौसमी बीमारियों को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए। सीएमएचओ डॉ. संपतराज नागर ने बताया कि मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर विभाग की टीमें, आशा सहयोगिनी व कार्यकर्ता ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में डोर टु डोर सर्वे कर लोगो को जागरुक कर रहे हैं। साथ ही एंटीलार्वल गतिविधियां भी की जा रही हैं। इस दौरान जिला परिषद सदस्यों काशीराम, सत्यानारायण, लोकेश, कृष्ण मुरारी आदि ने कहा कि चिकित्सा विभाग की टीमें गांवों में समय पर सर्वे नहीं कर रही हैं। इसके चलते लोग बीमारियों का अंदेशा बना हुआ है।

जिप सदस्य मीणा ने कहा-समाधान नहीं होने पर अनशन करेंगे ग्रामीण

जिला परिषद सदस्य काशीराम मीणा ने कहा कि उम्मेदपुरा में लोगों के पेयजल के लिए नलकूप लगाने की मांग की जा रही है, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। इस पर विभागीय अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए नलकूप नहीं लगने की बात कही। मीणा ने अधिकारियों से कहा कि हर बैठक में आश्वासन दिया जाता है। लेकिन अब आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उन्हींने विभाग की ओर से जल्द समाधान नहीं करने पर ग्रामीणों के साथ मिनी सचिवालय परिसर के बाहर अनशन पर बैठने की चेतावनी दी।

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