किसानों को समय पर मिले फसली ऋण: पानाचंद
बारां | अटरू-बारां विधायक पानाचंद मेघवाल ने शुक्रवार को विधानसभा में किसानों को फसली ऋण नहीं मिलने का मामला प्रमुखता से उठाया। जवाब में सरकार ने स्वीकार किया कि किसानों को लक्ष्य के मुताबिक फसली ऋण नहीं मिल पाए हैं।
विधायक मेघवाल के सवाल पर सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने बताया कि साल 2019-20 में सरकार ने राज्य सहकारी बैंक के माध्यम से प्रदेश के पात्र कृषकों को 16 हजार करोड़ रुपए का अल्पकालीन फसली ऋण वितरण का लक्ष्य रखा है। साल 2019-20 में सहकारी बैंकों ने खरीफ 2019 में 18 लाख 20 हजार किसानों को 4 हजार 583.83 करोड़ तथा रबी 2019-20 में 5 मार्च तक 15 लाख 29 लाख किसानों को 4 हजार 442.50 करोड़ रुपए का फसली ऋण स्वीकृत कर किसान के डीएमआर (डिजिटल मेम्बर रजिस्टर) खाते में जमा दे दी है। मंत्री ने कहा कि किसानों को निर्धारित साख सीमा एवं बैंकों के पास उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के अनुसार फसली ऋण वितरण किए जा रहे हैं। 5 मार्च तक 9026.33 करोड़ रूपए का ऋण स्वीकृत कर कृषक के डीएमआर खाते में जमा दे दी है। इस वित्तीय वर्ष में फसली ऋण वितरण आनलाईन पद्धति से किए जाने तथा बैंकों के पास सीमित वित्तीय संसाधनों के कारण विलंब हुआ है। रबी के लिए ऋण के लिए 31 मार्च तक जो भी किसान आएंगे उनको ऋण दे दिया जाएगा।
भूिम विकास बैंकों को घाटे में चलाने से नुकसान
विधायक पानाचंद ने सरकार से पूछा कि क्या प्रदेश के कई भूमि विकास बैंक घाटे में होने के कारण बंद होने के कगार पर। जवाब में सहकारिता मंत्री ने बताया कि साल 2018-19 के अंकेक्षित आंकडो के अनुसार प्रदेश के 19 सहकारी भूमि विकास बैंक वर्ष के दौरान रुपए 6289.16 लाख की वार्षिक हानि में रहे हैं। 27 सहकारी भूमि विकास बैंक रुपए 52075.15 लाख की संचित हानि में रहे है। घाटे में रहने का मुख्य कारण लक्ष्यानुसार वसूली ना होना रहा है। सहकारिता मंत्री ने बताया कि इस बात को स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं है कि 16 हजार करोड़ में से 9 हजार करोड़ का ही ऋण सरकार बांट पाई। संसाधनों की कमी थी इसके लिए सरकार के लक्ष्य पूरे नहीं हो सके। सरकार धीरे-धीरे संसाधन जुटाने में लगी है। पहले 50 हजार का लक्ष्य रखा था एक किसान को ऋण देने का फिर उसको 25 पर्सेंट बढ़ाकर 62500 रुपए और अब सरकार ने 50 पर्सेंट बढ़ाकर 75 हजार रुपए कर दिया है। भूमि विकास बैंकों को घाटे में बैंक चलाना उचित नहीं है। 500 करोड़ का घाटा है। सरकार को संसाधन मिल जाएंगे तो दोनों बैंकों को मिलाकर के आगे बढ़ने का प्रयास करेंगे।
पानाचंद मेघवाल