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प्रदूषण का जहर...थर्मल की चिमनियां उगल रही राख, बीमार हो रहे ग्रामीण, फसलों पर भी असर

Baran News - छबड़ा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की 1320 मेगावाट क्षमता वाली 5वीं व 6ठीं इकाइयांे की चिमनियां पिछले तीन माह से...

Feb 15, 2020, 08:00 AM IST
Chhabra News - rajasthan news pollution poison thermal chimneys spewing ash villagers getting sick crops also affected

छबड़ा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की 1320 मेगावाट क्षमता वाली 5वीं व 6ठीं इकाइयांे की चिमनियां पिछले तीन माह से धुएं के साथ राख के गुबार उगल रही हैं। इससे फैल रहे प्रदूषण से ग्रामीणों को गंभीर बीमारियां फैलने का भय सता रहा है। कई बार शिकायतों के बाद भी सुधार नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है।

सूत्रों के अनुसार दोनों इकाइयों के ईएसपी में तकनीकी खराबी आने से चिमनियों में धुएं के साथ राख के गुबार भी उड़ रहे हैं। इससे क्षेत्र में प्रदूषण फैल रहा है एवं आसपास के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन माह से यही हालात हैं।

मोतीपुरा चौकी सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की पांचवी व छठी इकाई की दोनों चिमनियों से धुएं के साथ उड़ रही राख फसलों को ताे नुकसान पहुुंचा ही रही है। दुपहिया वाहन चालकों अाैर आम ग्रामीणों के लिए भी परेशानी का सबब बन रही है। ग्रामीणों का कहना है कि हालात यह है कि लोग रात को सोकर सुबह उठते हैं तो उनके मुंह राख से सफेद नजर आते हैं।

आंखों में जलन और खुजली की बढ़ रही शिकायत

राख के कण आंखों में घुसते हैं। इससे आंखों में जलन व खुजली की समस्या भी शुरू हो गई है। राख के प्रदूषण से ग्रामीणों में दमा जैसी गंभीर बीमारियां फैलने का भी खतरा हो गया है। राख के प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए थर्मल अधिकारियों से शिकायत भी की है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

इधर, हाईवे की साइडों में लगा रखे ढेराें से उड़ रही थर्मल की राख, वाहन चलाना मुश्किल


कवाई| नेशनल हाइवे 90 मार्ग के दोनों छोर पर जगह जगह राख के ढेर लगे होने से दिनभर राख उड़ती रहती है। इससे हर समय वाहन चालकों के लिए हर समय इस मार्ग पर हादसे का अंदेशा बना रहता है। कस्बे के विक्की मंडियां, विकल्प, यश प्रेमिक, दीपक चौरसिया, सहित ग्रामीणों ने बताया कि अटरू रोड पर अडानी पावर प्लांट में से निकलने वाली राख लेने के लिए हर समय दोनों छोर पर बल्गरों का काफिला खड़ा रहता है। राख को भरने से पहले ड्राइवर वह खलासी गाड़ियों की सफाई करते हैं। इस दौरान बची हुई राख को जहां बल्गर खड़े रहते हैं। खलासी वहीं सफाई कर ढेरियां लगा देते हैं। सड़क मार्ग पर दिनभर राख धूल के गुबार उड़ता नजर आता है। इस मार्ग से होकर गुजरने वाले वाहनों एवं दुपहिया वाहन चालकों के लिए हादसों का अंदेशा बना हुआ है। ग्रामीणों ने हाईवे प्रशासन से राख की ढेरियां हटाने की मांग की है।


एक्सपर्ट व्यू : यह हो सकता है राख से नुकसान


आंखों के साथ सांस संबंधी हो सकती हैं गंभीर बीमारियां


फसलों को धूप नहीं मिलने से पैदावार घटने की आशंका


छठी इकाई ट्रिप, एक घंटे ठप रहा उत्पादन

छबड़ा थर्मल की 660 मेगावाट की 5 वीं इकाई को वार्षिक रखरखाव के लिए सप्ताह भर के लिए गुरुवार को शटडाउन पर लिया गया। थर्मल के मुख्य अभियंता आरके सोरल ने बताया कि इकाई को सप्ताह भर बाद फिर से सिंक्रोनाइज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 660 मेगावाट की छठीं इकाई में फुल लोड पर बिजली उत्पादन जारी है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार दोपहर को तकनीकी समस्या के चलते छठी इकाई ट्रिप हो गई थी। इसकी वजह से लगातार एक घंटे तक थर्मल में बिजली उत्पादन ठप रहा। बाद में इकाई को फिर से सिंक्रोनाइज कर दिया गया। इसमें बिजली उत्पादन जारी है।

ईएसपी में जमा नहीं हो पा रही निकलने वाली राख

छबड़ा-थर्मल के ही तकनीकी सूत्रों ने बताया कि दोनों इकाइयों में 8-8 हजार टन कोयला प्रतिदिन जलता है। इससे 30 प्रतिशत राख का उत्पादन होता है। समूची राख सिर्फ ईएसपी में ही एकत्र होना चाहिए। चिमनियों में से तो सिर्फ एक प्रतिशत से भी कम राख निकलना चाहिए वह भी संभव नहीं है।



छबड़ा. थर्मल की चिमनियां पिछले तीन माह से धुएं के साथ राख के गुबार उगल रही हैं।

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