एनपीआर को 2010 के फार्मेट में उपलब्ध करवाया जाए
बारां| सीएए, एनआरसी व एनपीआर विरोधी आंदोलन के तहत मौलाना अख्तर नदवी कासमी की सदारत में विभिन्न संगठनों ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया।
मुस्लिम छात्र संगठन के संभाग संयोजक शाहिद कुंडी बताया कि ज्ञापन में एनपीआर 2010 के फार्मेट में कराने की मांग की। संगठनों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मांग की एक अप्रैल से लागू हो रहे एनपीआर को पिछले एनपीआर 2010 में मनमोहन सरकार के समय हुआ था, वैसे ही कराया जाए। ज्ञापन में कहा गया कि 1951 के बाद और 10 वर्षों में जनगणना होती है। उसमें लोग बढ़-चढ़कर सहयोग करते हैं। इसलिए इस एनपीआर कोई औचित्य नहीं रह जाता है। इस प्रकार को तुरंत एनपीआर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जाए और पुराने फॉर्मेट में कराया जाए। ताकि आम जनता को परेशानी ना हो। ऐसा नहीं हुआ तो राजस्थान में एनपीआर का बायकाट किया जाएगा। मोहल्ले-मोहल्ले, गली गली पोस्टर लगाकर विरोध किया जाएगा। एनपीआर के विरोध में कागज नहीं दिखाए जाएंगे। ज्ञापन देने वालों में अंजुमन अंजुमन इतेहाद ए भाहमी सेकेट्री आबिद अंसारी हाजी, अंजुमन सदर अब्दुल शकूर चिश्ती, हाजी अब्दुल गनी, हाजी वसीम अहमद, रहीम पठान, जाकिर मंसूरी, वेलफेयर सदर रशीद पठान, मुस्लिम छात्र संगठन के शाहिद कुंडी, इरफान अंसारी, एसआईओ के जिया उर रहमान, धरना संयोजक रजिया मेराज गुलनाज, अंजुम ताहिरा खान, अब्दुल अजीज अंसारी, अब्दुल लईक अंसारी आदि मौजूद थे।
बारां. विभिन्न संगठनों ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया।