बारिश से नदी-नाले उफने, खेतों में भरा पानी

Baran News - कवाई. क्षेत्र में हुई बारिश से नदी की पुलिया पर आए पानी से होकर गुजरते ग्रामीण। भास्कर न्यूज | बारां जिलेभर में...

Sep 14, 2019, 07:13 AM IST
कवाई. क्षेत्र में हुई बारिश से नदी की पुलिया पर आए पानी से होकर गुजरते ग्रामीण।

भास्कर न्यूज | बारां

जिलेभर में पिछले दो दिन से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी हैं। शहर समेत जिलेभर में विभिन्न जगहों पर गुरुवार रात से ही शुक्रवार देर शाम तक भी रुक-रुककर बारिश का दौर चलता रहा। इस दौरान कभी झमाझम व रिमझिम बारिश गिरती रही। अच्छी बारिश के चलते नदी नाले पर आ गए हैं। पुलियाओं पर पानी होने से रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं। बारिश से सड़कों पर पानी बह निकला। पिछले दिनों बारिश का दौर थमने से वातवारण मेें हुई उमस से भी लोगो को निजात मिली हैं।

शहर में गुरुवार रात से ही रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। शुक्रवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर करीब 1 बजे के बाद से ही झमाझाम बारिश का दौर शुरु हुअा जो रुक-रुककर देररात तक जारी रहा। बारिश के चलते सड़कों पर बह निकला। कई जगहों पर पानी भरने से लोगो को परेशानी हुई। बारिश क चलते लोगो को उमस व गर्मी से निजात मिली हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभारी के अनुसार शुक्रवार सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटो में बारां में 35 एमएम, अंता 38, मांगरोल 13, छबड़ा 82, छीपाबड़ौद 22, अटरु 78, शाहाबाद 18, किशनगंज 46 एमएम बारिश हुई। शुक्रवार सुबह 8 से शाम 5 बजे तक बारां मंे 7, मांगराेल, 3, छबड़ा में 6, अटरु 7, छीपाबड़ौद 7, किशनगंज 20, शाहाबाद में 22 एमएम बारिश दर्ज हुई।

फसलों में हुआ नुकसान

शाहाबाद. क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई हैं। बारिश होने से उड़द की फसल में नुकसान होने लगा है किसानों ने बताया कि उड़द की फसल लगभग तैयार हो चुकी है लेकिन रोजाना बारिश होने से कटाई नहीं हो पा रही है। जिसको लेकर किसानों की चेहरे पर चिंता की लकीरें दिखाई दे रही है। सोयाबीन की फसल में भी अब नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है सोयाबीन की फसल के पत्ते पीले होने लगे हैं। पहाड़ों का पानी एकत्रित होकर बह निकला है।

मेले की रौनक पर फिरा पानी, दुकानदारों के भीगे टेंट

मांगराेल. कस्बे में चल रहे डोल मेला परिसर में भरा बारिश का पानी।

मांगरोल. कस्बे में चल रहे डोल मेले पर प्राकृतिक आपदा भारी पड़ रही है। रोजाना हो रही बारिश से मेले की रौनक फीकी पड़ गई है। तेज बारिश से मेले में आए दुकानदारों के टेंट तंबू व गुलाब जामुन जैसे पकवान भीग गए। मेला परिसर में भी पानी भरा हुआ है। बारिश का असर रंगमंच पर होने वाले कार्यक्रमों पर भी पड़ रहा है। छह दिवसीय मेले में लोगों के मनोरंजन के लिए नगर पालिका की आेर से लाखों के बजट से मंगाए रात्रिकालीन कार्यक्रम में बाधा उत्पन्न हो रही है। इससे कार्यक्रम को देखने आने वाले दर्शकों में मायूसी छा रही है। मेले में आठ सितंबर को रंगमंच पर होने वाले कार्यक्रम बारिश की भेंट चढ़ गए। अखिल भारतीय कवि सम्मेलन कार्यक्रम का स्थान बदल कर मंडी परिसर में रखना पड़ा। डोल मेले के लिए 12 लाख का बजट स्वीकृत किया गया है। पालिकाध्यक्ष अमित चौपड़ा ने बताया कि क्या करें बारिश का मौसम तो साफ हो जाए तब ही है। लगातार हो रही बारिश से कार्यक्रम भी प्रभावित हुए हैं। इसलिए कवि सम्मेलन को मंडी परिसर में रखा गया है।

मेला मैदान पक्का बनाने पर करेंगे विचार

तेजा दशमी से यहां तहसील मैदान में वर्षों से भरता आ रहा डोल मेला बारिश से धुलता रहा है। लाखो के खर्चे से आने वाले रात्रिकालीन कार्यक्रम रद्द होते रहे हैं। मेला परिसर में पानी भरने, कीचड़ होने से मेला देखने आने वाले दर्शनार्थियों को भी निराशा हाथ लगती रही है। ऐसे माहौल में मेले की रौनक गायब होने से आने वाले दुकानदारों को भी मायूसी का सामना करना पड़ता है। समय के साथ अब मेला मैदान को पक्का करवाने की मांग उठने लगी है। पार्षद हेमंत यादव ने बताया कि वास्तव में साल में एक बार मेला लगता है।

प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का लिया जायजा

छीपाबड़ौद. समीपवर्ती सारथल में बारिश के कारण निचली बस्तियों में पानी भरने से घरों व दुकानों में हुए नुकसान को लेकर हलका पटवारी मनमोहन सिंह मीणा ने बस्तियों में पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। गुरुवार अलसुबह हुई मूसलाधार बारिश के कारण कस्बे की आधा दर्जन बस्तियाें में पानी भर गया। आबादी क्षेत्र के बीच बहने वाले बरसाती नाले का पानी बस्तियों के चारों अाेर फैलने से समस्या विकट हो गई थी। कस्बे की बसेड़ा बस्ती, दलित बस्ती, बामी बस्ती, वैष्णव मोहल्ला, गाड़िया लुहारों की बस्ती, मेला मैदान स्थित दर्जनभर दुकानों में नाले का पानी घुस गया। कस्बे की आधा दर्जन निचली बस्तियों के निवासियों ने हलका पटवारी को बताया कि आगामी चुनावों का यहां के निवासी बहिष्कार करेंगे। हर साल बारिश में कस्बे की निचली बस्ती में पानी भर जाता है।

छीपाबड़ाैद. सारथल की बस्तियों में नुकसान का जायजा लेते पटवारी।

नाहरगढ़. कस्बे में हुई बारिश के कारण बस स्टैंड पर भरा पानी।

नाहरगढ़ में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त

नाहरगढ़. कस्बे व क्षेत्र में लगातार रोजाना हो रही बरसात से जहां फसलें अतिवृष्टि की चपेट में आ रही है। वही सम्पूर्ण जनजीवन अस्तव्यस्त सा नजर आ रहा है। कस्बे व क्षेत्र में गुरूवार दिन में भी तेज बरसात हुई। जिसने नदी नाले उफान पर आ गए। वही रात में भी बरसात होती रही। शुक्रवार सुबह लगभग दोपहर तक मौसम खुशनुमा रहा। दोपहर बाद हुई तेज मुसलाधार बरसात ने फिर से क्षेत्र के नदी नाले उफान पर दिए। कस्बे के बस स्टेंड के निकट छत्रपुरा तालाब से निकली वेस्टवियर की नदी में उफान आ गया। ऐसे में कस्बे से सिमलोद, छत्रगंज, जलवाड़ा मार्ग बाधित हुआ। वही बड़े तालाब के वेस्टवियर का पानी बस स्टेंड चोराहे पर आ जाने से लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

सकतपुर. कस्बे सहित गांवों में दोपहर एक बजे से शुरू हुआ बारिश का दौर शाम पांच बजे तक भी जारी रहा। बारिश होने से आम रास्तो सहित खेत जलमग्न हो गए है। क्षेत्र मे लगातार बारिश हो रही है जिसके चलते फसले खराब हो गई है।

आम रास्तों में भरा बारिश का पानी, ग्रामीण परेशान

कटावर. समीपवर्ती करजूना गांव के आम रास्तों पर बारिश का पानी भरने से ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आम रास्तों में पानी भरने से कीचड़ हो गया है। गांव के पूर्व सरपंच दुर्गाशंकर नागर, मोतीलाल, जगन्नाथ, नीरज, सुरेंद्र, निशांत, प्रेमचंद ने बताया कि पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने से आम रास्तों पर बारिश का पानी भरा रहता है। जिसके कारण वाहन चालकों सहित ग्रामीणों का पैदल निकालना भी मुश्किल हाे रहा है। उन्होंने पंचायत प्रशासन से पानी निकासी की व्यवस्था कर समस्या का समाधान करने की मांग की है।

किसानों की बढ़ी चिंता

अंता. कस्बे में पिछले 2 दिन से लगातार बारिश का दौर जारी हैं। बारिश होने से गर्मी से लोगों को राहत मिली है। वहीं दूसरी ओर किसान वर्ग में निरंतर हो रही बारिश से फसलों में नुकसान को लेकर चिंतित हैँं। बारिश के कारण फसलें खराब होने के कगार पर पहुंच चुकी है अधिक पानी के होने के चलते फसलें गलने लगी है। जिसके चलते किसानों में है निराशा छाने लगी है।2 दिन से बारिश को लेकर परेशानी बढ़ी हुई है।

कस्बाथाना में बारिश से सड़कों पर जलभराव

कस्बाथाना. कस्बे में गुरुवार से बारिश का दौर जारी है जो शुक्रवार शााम सात बजे तक जारी रहा। एक सप्ताह से बारिश नहीं होने से लोगों का उमस व गर्मी से हाल बेहाल था। गुरुवार से बारिश का दौर शुरू हुआ जो शुक्रवार को भी जारी रहा। जिससे मौसम में ठंडक आ गई। तेज बारिश सड़कों पर पानी भर गया।

बस्तियों में जलभराव

कवाई. कस्बे सहित आसपास क्षेत्र में लगातार हो रही रूक रूककर तेज बारीश के चलते नदी नाले उफान पर है। खजुरिया डेम से से छोडे गये पानी से निचली बस्तिवासी के लोगों में दहशत बनी हुई है। अंधेरी,ल्हासी नदी सहित क्षेत्र के नाले भी ऊफान पर चल रहे है। फूल बडोदा मूंडला के बीच पडने वाला मर्मया खाल में तीन दिन से पानी का तेज बहाव होने से गांवों का आवागमन बंद है। मूंडला के पूर्व सरपंच रामप्रसाद नागर ने बताया कि 3 दिन से रास्ता बंद है।

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