Hindi News »Rajasthan »Bari» हर सड़क निर्माण में जोड़ी क्वांटिटी सर्टिफिकेट की शर्त, नतीजा: डेढ़ करोड़ का हुआ नुकसान

हर सड़क निर्माण में जोड़ी क्वांटिटी सर्टिफिकेट की शर्त, नतीजा: डेढ़ करोड़ का हुआ नुकसान

जिले में प्रधानमंत्री सड़क निर्माण योजना में बनने वाली सड़कों के लिए एक एसी शर्त जोड़ दी गई जिसके कारण कई ठेकेदार...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 12, 2018, 02:15 AM IST

हर सड़क निर्माण में जोड़ी क्वांटिटी सर्टिफिकेट की शर्त, नतीजा: डेढ़ करोड़ का हुआ नुकसान
जिले में प्रधानमंत्री सड़क निर्माण योजना में बनने वाली सड़कों के लिए एक एसी शर्त जोड़ दी गई जिसके कारण कई ठेकेदार टेंडर नहीं डाल सके। टेंडर में महज 3 ठेकेदार ही शामिल हुए और ठेका भी मात्र 4.77 फीसदी बिलो में हुआ। इस कारण सरकार को करीब डेढ़ करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। क्वांटिटी सर्टिफिकेट की शर्त किसने जोड़ी इसकी अब कोई अधिकारी जानकारी भी नहीं दे रहा है। जबकि टेंडर से वंचित रहे ठेकेदार ने सीएम को पत्र लिखकर इसकी टेंडर निरस्त करने की मांग रखी है।

दिसंबर में भरतपुर जोन से प्रधानमंत्री सड़क निर्माण योजना के तहत निविदा निकाली गई। इसमें पीडब्ल्यूडी के कुछ अधिकारियों ने अपने स्तर पर नए नियम बनाकर क्वांटिटी सर्टिफिकेट ठेकेदारों से ऑनलाइन मांगे। जबकि प्रदेश में निकाली गई निविदा में कहीं पर भी यह प्रमाण पत्र नहीं मांगा है। खास बात यह है कि इस शर्त की पालना केवल बाड़ी कस्बे में ही की गई है। वहीं धौलपुर और राजाखेड़ा में अधिकारियों ने नियमों को बदल दिया है। बता दें कि 11 दिसंबर 2017 को पीडब्ल्यूडी भरतपुर जोन से निविदा निकाली गई थी, जिसमें करौली, सवाईमाधोपुर, भरतपुर और धौलपुर की सड़कों का प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत निर्माण कार्य करवाना था। इसको लेकर एक तरफ जहां बाड़ी में नियमों के अनुसार ठेकेदार से निविदाएं ली गई और टेंडर डाले गए, वहीं धौलपुर में पूरी तरह अनियमितता बरती गई है।

राज्य सरकार को हुआ है करोड़ों रुपए का नुकसान

पीडब्ल्यूडी अधिकारियों द्वारा ऑनलाइन निविदा में क्राइटेरिया सर्टिफिकेट लगवाने से जिले के करीब 20 से अधिक ठेकेदारों ने नियम को देख कर ही हाथ पीछे कर लिया। वहीं चेहते ठेकेदारों ने मिलीभगत करके राजाखेड़ा का 1.18 प्रतिशत और धौलपुर का 4.77 प्रतिशत कम दर पर ठेका डाल दिया है। जिसे अधिकारियों ने स्वीकृत कर दिया है, जबकि पूर्व में व वर्तमान में 18 से 22 प्रतिशत कम पर ठेके चल रहे हैं। बता दें कि करौली, सवाईमाधोपुर और भरतपुर में भी 18 से 22 प्रतिशत कम पर ठेके डाले गए हैं।

पांच करोड़ रुपए के टेंडर को सकते हैं निरस्त, जाएगी अमानत राशि भी

धौलपुर का क्वांटिटी प्रमाण-पत्र।

आप यूं समझिए : कितना पड़ता है फर्क

धौलपुर में 585.07 लाख की निविदा निकाली गई है। ठेकेदार द्वारा अगर यह 20 प्रतिशत कम पर ठेका लेता तो यह कार्य करीब 442 लाख रुपए में किया जाता है। वहीं राज्य सरकार को करीब 1 करोड़ 43 लाख रुपए का फायदा होता। लेकिन यह ठेका 4.77 बिलो पर किया गया है। ऐसे में अब करीब 5.58 करोड़ रुपए में कार्य किया जाएगा। वहीं इस कार्य के लिए करीब 27 लाख रुपए कम हुए हैं।

भास्कर ने पीडब्ल्यूडी के अतिरिक्त मुख्य अभियंता लोकेश विजय से सवाल व उनके जवाब

सवाल : धौलपुर और राजाखेड़ा में प्रधानमंत्री सड़क निर्माण योजना की निविदाएं निकली थी। इसमें तकनीकी विड में क्वांटिटी प्रमाण-पत्र मांगा गया है।

जवाब : धौलपुर के एसई को पता होगा।

सवाल : प्रदेश में क्वांटिटी प्रमाण-पत्र और कहां-कहां मांगा गया है।

जवाब : प्रदेश भर में स्टैंडर्ड विड डॉक्यूमेंट मांगा गया है।

सवाल : नियमानुसार एक ही निविदा में करौली, सवाईमाधोपुर और बाड़ी में क्वांटिटी प्रमाण-पत्र नहीं मांगे गए हैं। धौलपुर में ऐसा क्यों।

जवाब : हमने सभी जगह पर एक ही स्टैंडर्ड विड डॉक्यूमेंट मांगे हैं।

सवाल : जो ये टेंडर डाले गए हैं क्या इसमें पूल किया गया है।

जवाब : नहीं ऐसा कुछ नहीं हुआ है।

सवाल : अगर क्वांटिटी प्रमाण-पत्र नहीं मांगते तो और भी ठेकेदार भाग लेते। कहीं न कहीं राज्य सरकार को नुकसान हुआ है।

जवाब : ऐसा नहीं है। स्टैंडर्ड विड डॉक्यूमेंट मांगा है। ओपन प्रक्रिया हुई है।

सवाल : तीन ठेकेदारों ने ही निविदाएं क्यों डाली। इस संबंध में क्या कहेंगे।

जवाब : यह ओपन रखा गया है। ऐसा कई जगह पर हुआ है, जहां पर कम आई है।

सवाल : धौलपुर और राजाखेड़ा में इससे पहले पूर्व में कब इतनी कम बिलो आई।

जवाब : सब जगह पर एक ही कंडीशन नहीं आती है, कई जगहों पर कम बिलो आई है।

सवाल : कुछ ठेकेदारों का आरोप है कि अधिकारियों ने फायदा लेकर अपने चहेतों के लिए ऐसा किया है।

जवाब : यह सब गलत है, ओपन प्रक्रिया है।

राजाखेड़ा का क्वांटिटी प्रमाण-पत्र।

धौलपुर में पीडब्ल्यूडी के एसई ने कहा जोन में बात करें, एक्सईएन बोले मुझे पता नहीं, जबकि जोन के अधिकारियों ने भी झाड़ा पल्ला

पीडब्ल्यूडी के एसई अशोक जैन ने कहा कि यह जोन स्तर का मामला है, वहीं से जवाब लें। वहीं इस संबंध में एक्सईएन आरबी मंगल का कहना है कि उन्हें पता नहीं और वह इस मामले में जवाब देने के लिए अधिकृत भी नहीं हैं।

सीएम को पूरे मामले टेंडर कॉपी सहित ठेकेदारों ने भेजी शिकायत

कुछ ठेकेदारों ने सीएम को पत्र लिखकर ठेके को निरस्त करवाने की मांग की है। ठेकेदारों ने लिखा है कि जिले के दो पैकेजों में विभाग ने ऑनलाइन तकनीकी विड अपलोड की गई। उस विड में क्वांटिटी का प्रमाण-पत्र चाहा गया, लेकिन अधिकारियों द्वारा प्रधानमंत्री सड़क निर्माण योजना गाइड लाइन के अनुसार तकनीकी विड में क्वांटिटी प्रमाण-पत्र राजस्थान में कहीं पर भी नहीं मांगा गया है, लेकिन धौलपुर के वृत के अंतर्गत आने वाले खंडों में से केवल राजाखेड़ा एवं धौलपुर खंड में ही क्यों मांगे गए।

जांच हुई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी संभव

सीएम के यहां से यदि इस मामले की जांच हुई और जांच में पूरा मामला सही पाया गया तो टेंडर निरस्त भी किया जा सकता है। ऐसे में जमा कराई गई अमानत राशि भी जब्त की जा सकती है। साथ ही शर्त जोड़ने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई संभव है। इस मामले में सीएम सचिवालय से विभाग के उच्चाधिकारियों को जांच सौंपी गई तो काम को राेक दिया जाएगा। साथ ही इसके लिए भरतपुर जोन के सभी जिम्मेदारी कार्रवाई की जद में आएंगे। ऐसे में अब अिधकारी पूरे मामले से अपने आप को बचाने में लग गए हैं। हालांकि अभी तक इस मामले में शिकायत पहुंची या नहीं इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Bari News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: हर सड़क निर्माण में जोड़ी क्वांटिटी सर्टिफिकेट की शर्त, नतीजा: डेढ़ करोड़ का हुआ नुकसान
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Bari

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×