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सैंपऊ सब डिवीजन के 44 गांवों को तीन वर्ष में चंबल का पानी नहीं मिल पाया

बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने शुक्रवार को विधानसभा में सैंपऊ उपखंड के 44 गांवों को पिछले 4 साल में भरतपुर चंबल...

Dainik Bhaskar

Feb 11, 2018, 02:25 AM IST
सैंपऊ सब डिवीजन के 44 गांवों को तीन वर्ष में चंबल का पानी नहीं मिल पाया
बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने शुक्रवार को विधानसभा में सैंपऊ उपखंड के 44 गांवों को पिछले 4 साल में भरतपुर चंबल परियोजना से पीने के लिए चंबल का पानी उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा।

मलिंगा ने पीएचईडी मंत्री सुरेंद्र गोयल से पिछले 3 वर्ष में चंबल का पानी उपलब्ध नहीं होने को लेकर जवाब मांगते हुए कहा कि उनकी सरकार के द्वारा वर्ष 2013 में उपखंड के 44 गांवों के लिए धौलपुर भरतपुर चंबल परियोजना से पानी उपलब्ध कराने के लिए करीब 35 करोड़ की परियोजना को स्वीकृति दी थी।

परियोजना का निर्माण 2 वर्ष में पूर्ण होना था जो 2017 बीतने के बाद भी नहीं हुआ है। मलिंगा ने कहा कि वर्ष 2016 में भरतपुर में आयोजित एक बैठक में तत्कालीन पीएचईडी मंत्री किरण माहेश्वरी के द्वारा उनके द्वारा पूछे गए सवाल और शिकायत के बाद वर्ष 2016 में ही परियोजना का कार्य पूर्ण होने और लोगों तक पीने के लिए पानी पहुंचाने का भरोसा दिया था जो वर्ष 2018 मैं भी पूरा होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। मलिंगा ने परियोजना में हो रही देरी को लेकर सरकार की खिंचाई करते हुए कहा कि 2 वर्ष से लोग पीने के पानी के लिए चंबल के पानी की आस लगाए हुए बैठे हैं। लेकिन सरकार की अनदेखी और लेटलतीफी के चलते सैंपऊ उपखंड के 44 गांवों के लोग सरकार की लापरवाही का खामियाजा भुगतने के साथ खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

सैंपऊ. निर्माणाधीन चंबल परियोजना।

सैंपऊ के सीएचसी को 50 बैड और कैथरी के सब सेंटर को क्रमोन्नत किए जाने की मांग

बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने विधानसभा के सचिव को सैंपऊ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और कैथरी के उप स्वास्थ्य केंद्र को क्रमोन्नत किए जाने को लेकर शुक्रवार को विधानसभा में प्रश्न लगाए। सैंपऊ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 30 बेड से 50 बेड किए जाने और कैथरी के उप स्वास्थ्य केंद्र कोसो सेंटर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिलाए जाने के लिए पहल की है। विधायक ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मुद्दे को उठाते हुए लिखा है कि उपखंड क्षेत्र के साथ बसेड़ी और कंचनपुर इलाके के 250 गांवों के रोगी सैंपऊ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार के लिए आश्रित हैं। जनसंख्या और क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 50 बेड का किए जाने की आवश्यकता है। वही ग्राम पंचायत कैथरी मैं खुला उप स्वास्थ्य केंद्र स्थानीय रोगियों के साथ उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे गांवो के रोगियों के उपचार का एकमात्र जरिया है। जिसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत किए जाने की नितांत आवश्यकता है।

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