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ई-वे बिल स्थगित, 20 हजार व्यापारियों को लाभ

जीएसटी कौंसिल ने ई-वे बिल को आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है। इससे क्षेत्र के करीब 20 हजार व्यापारियों को राहत मिली...

Dainik Bhaskar

Feb 04, 2018, 02:30 AM IST
जीएसटी कौंसिल ने ई-वे बिल को आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया है। इससे क्षेत्र के करीब 20 हजार व्यापारियों को राहत मिली है, क्योंकि जीएसटी पोर्टल पर ई-वे बिल जेनरेट नहीं हो रहे थे। ई-वे बिल एक फरवरी से अनिवार्य किए गए थे, जिसमें दूसरे स्टेट से 50 हजार से अधिक का खरीद-फरोख्त करने पर ई-वे बिल जारी करना जरूरी कर दिया गया था। ई-वे बिल 17 राज्यों में लागू किया गया था। जैसे ही व्यापारियों ने बिल जेनरेट करना प्रारंभ किया तो पोर्टल क्रैश हो गया। व्यापारियों की समस्याओं को देखते हुए शुक्रवार की दोपहर पोर्टल पर ई-वे बिल स्थगित किए जाने का मैसेज आ गया। वाणिज्यिक कर उपायुक्त आरसी जैन ने बताया कि आगामी आदेशों तक ई-वे बिल की अनिवार्यता स्थगित कर दी गई है। इधर, जानकारों का कहना है कि यह छूट 15-20 दिन की है। इस दौरान भी ट्रायल के तौर पर ई वे बिल बनाए जा सकेंगे। क्योंकि सेंट्रल बोर्ड आफ एक्साइज एंड कस्टम नेटवर्क को दुरुस्त और अपडेट करने में जुटा है। जीएसटी पोर्टल का ट्रायल होते ही फिर ई वे बिल जरूरी हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि ई वे बिल लागू होने का असर भरतपुर जिले के व्यापारियों पर सर्वाधिक था। क्योंकि भरतपुर यूपी, हरियाणा के बॉर्डर पर है। यहां का समस्त कारोबार दिल्ली और अागरा से होता है। इसके अलावा यहां का सरसों तेल, स्टोन और क्रशर गिट्टी का 90 प्रतिशत तक माल बाहर के राज्यों में जाता है।

जीएसटी

जिले में 56 से अधिक ट्रांसपोर्टर पंजीयन ही नहीं करा पाए, इसलिए मिली बड़ी राहत

ट्रांसपोर्टर नहीं कर रहे बुकिंग

राज्यों के बीच होने वाले परिवहन के लिए ई वे-बिल लागू होने का सबसे अधिक प्रभाव ट्रांसपोर्ट कारोबारियों पर पड़ा। ई वे बिल जेनरेट नहीं होने से दिल्ली व आगरा वाली सारी बुकिंग लगभग बंद हो गई। ट्रांसपोर्ट कारोबारी विनोद कुमार ने बताया कि रजिस्ट्रेशन को लेकर भारी दिक्कतें आ रही है। तमाम प्रयासों के बाद भी राजधानी के करीब 70% से ज्यादा ट्रांसपोर्टर्स रजिस्ट्रेशन ही नहीं करा सके हैं। दस किमी के दायरे के बाहर माल ले जाने पर ई वे-बिल की अनिवार्यता का नियम बेहद सख्त है। एयर कार्गो सर्विस देने वाले, कूरियर और ट्रांसपोर्टर्स को इस सीमा से बाहर रखा जाना चाहिए।

चिंता|70% ट्रंासपोर्टर नहीं करा पाए रजिस्ट्रेशन

जिले में 80 से अधिक ट्रांसपोर्टर हैं। इनमें से 70% अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं ले पाए। इसे दोबारा शुरू होने में 2 से 3दिन का समय लग सकता है। सीए अतुल मित्तल ने बताया कि जीएसटी ने समस्याओं को देखते हुए पोस्टपोंड किया गया है, किंतु ट्रायल के तौर पर जारी रहेगा।

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