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पेप्सिको कंपनी खरीदेगी धौलपुर के किसानों से आलू

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रदेश में सिर्फ धाैलपुर में पहली बार आलू किसानों के लिए राहत भरी खबर है। इसमें पहली बार...

Danik Bhaskar | Feb 02, 2018, 03:20 AM IST
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रदेश में सिर्फ धाैलपुर में पहली बार आलू किसानों के लिए राहत भरी खबर है। इसमें पहली बार विश्व बैंक से पोषित राज्य कृषि प्रतिस्पर्धात्मक परियोजना (आरएसीटी) में बाड़ी ब्लॉक की 11 ग्राम पंचायतों में ड्रिप पद्धति से आलू में सिंचाई कर खेती प्रारंभ की गई है। इसमें किसानों को खाद व बीज निशुल्क दिया गया है। आलू की इस खेती पर किसान के लिए ड्रिप अनिवार्यता रखी गई है। इसके लिए कृषि विभाग की ओर से किसान को 75 फीसदी ड्रिप सिस्टम पर अनुदान भी दिया गया है। वहीं आलू का एफसी-5 किस्म की शुगर फ्री आलू का बीज उपलब्ध कराने के बाद किसान प्रदेश में पहली बार इस प्रकार की आलू की खेती से खुश नजर आ रहे हैं। यह प्रयोग सफल होता है तो जिले भर में ड्रिप पद्धति से अालू की खेती व आलू की फसल खरीद के लिए कंपनियों से एमओयू कराया जाएगा। ताकि किसानों का रूझान आलू की खेती से विमुख न हो। पायलट प्रोजेक्ट के तहत बाडी ब्लॉक में 37 हैक्टेयर में आलू की ड्रिप पद्धति से खेती कराई गई है। जिसमें करीब 35 किसान जुड़े हुए हैं। इस ड्रिप सिस्टम में ऑटोमेटिक वेंचुरी से सिंचाई दी जा रही है। जितना पानी पौधे को चाहिए उतना ही पानी जाएगा। इससे पानी का लॉस रुकेगा।

पेप्सिको से एमओयू, ड्रिप पद्धति से आलू की खेती कर खुश हैं किसान, बाड़ी की 11 ग्राम पंचायतों में सफल प्रयोग

एमओयू के बाद अब 9 रुपए 60 पैसे प्रति किलो के भाव से बिकेगा किसानों का आलू

पहली बार आलू की खेती में हुए नवाचार में किसान को एक ओर राहत दी गई है। इसमें आलू की खरीद के लिए किसान और पेप्सिको कंपनी के बीच एमआेयू हुआ है। इसमें आलू की फसल सीधे खेत से ही पेप्सिको कंपनी खरीदेगी। इससे किसान को यह फायदा होगा कि उसे मंडियों में आलू के लिए मोल भाव नहीं करना पड़ेगा। कंपनी ने 9 रुपए 60 पैसे प्रति किलो भाव से किसान का आलू खरीदने के लिए करार किया है। 40 एमएम से बडे साइज का आलू कंपनी खरीदेगी। लेकिन ऑटोमेटिक ड्रिप पद्धति से अालू की सिंचाई के बाद आलू की फसल में किसान के खेत में 40 एमएम से बडे साइज का आलू ही होगा। पहली बार आलू की खेती में हो रहे इस प्रयोग पहली खेती से 10 हजार क्विंटल आलू का उत्पादन की उम्मीद है।