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पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को मिलेंगे 5 हजार रुपए

अब गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को प्रधानमंत्री केंद्रीय मातृत्व वंदना योजना से जोड़ा जा रहा है।...

Dainik Bhaskar

Feb 06, 2018, 03:40 AM IST
अब गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को प्रधानमंत्री केंद्रीय मातृत्व वंदना योजना से जोड़ा जा रहा है। इसमें प्रथम बार गर्भवती होने पर महिला को पांच हजार रुपए की सहायता मिलेगी। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से योजना लागू की गई इस योजना में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को पहली डिलीवरी पर 5 हजार रुपए की पोषण राशि दी जाएगी। ताकि वे इससे अपने और शिशु के स्वास्थ्य का भलीभांति पोषण कर सकें। योजना की लाभ राशि तीन किस्तों में महिलाओं के बैंक खाते में सीधे भेजी जाएगी। इस संबंध में सरकार की ओर से जारी किए गए संकल्प में कहा गया है कि बहुसंख्यक महिलाएं कुपोषण से प्रभावित हैं। प्रत्येक तीसरी महिला कुपोषित है। प्रत्येक दूसरी महिला में एनिमिया है। ये महिलाएं कम वजन के बच्चे को जन्म देती हैं और ये अल्प पोषण जन्म से प्रारंभ होकर पूरे जीवन को प्रभावित करता है। आर्थिक सेवा सामाजिक परिस्थितियों के कारण कई महिलाओं को प्रसव के एक दिन पहले तक काम करना एवं प्रसव के कुछ ही दिन बाद काम पर वापस आना पड़ता है। हालांकि उनका शरीर इस कार्य के लिए कुछ समय उपयुक्त नहीं होता है। इससे वे शिशुओं को समय पर स्तनपान भी नहीं करा पाती हैं। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना से उन महिलाओं के नुकसान की भरपाई, उचित आराम और पोषण को सुनिश्चित करना है। केंद्र और राज्य कर्मचारीए किसी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के साथ नियमित रोजगार पाने वाली महिलाओं को इसका लाभ नहीं दिया जाएगा।

योजना

प्रधानमंत्री केंद्रीय मातृत्व वंदना योजना में मिलेगी राशि, बच्चे कुपोषित नहीं हैं, इसलिए मिलेगी राशि

जिला, ब्लॉक व ग्राम स्तर पर होंगी समितियां गठित

योजना के लाभार्थियों के चयन के लिए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर समिति का गठन किया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए जिले से लेकर ग्राम स्तर तक समितियों का गठन होगा। जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष कलेक्टर, उपाध्यक्ष जिला परिषद सीईओ, सचिव समेकित बाल विकास सेवाओं के उपनिदेशक होंगे। जिले के सांसद, विधायक, सीएमएचओ और आठ अन्य विभागों के अधिकारी इसमें सदस्य होंगे।

पांच माह में करना होगा पंजीकरण

गर्भावस्था की तारीख एवं स्टेज की गणना उनके एलएमपी की तिथि के अनुसार मान्य होगी। गर्भावस्था का पंजीकरण एलएमपी की तारीख से 150 दिनों के अंदर होना चाहिए। इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्र या निकटतम स्वीकृत स्वास्थ्य सुविधा केंद्रों में पंजीकरण करवाया जा सकता है। पंजीकरण के लिए आवेदन पत्र सीधे आंगनबाड़ी केंद्रों या स्वास्थ्य सुविधा केंद्रों पर निशुल्क मिलेंगे। आवेदन पत्र महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की वेबसाइट से भी डाउनलोड किया जा सकता है। 5 हजार रुपए की गर्भावस्था सहायता राशि के दावे के लिए भरे हुए आवेदन फार्म को उसी आंगनबाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य सुविधा केंद्र में जमा करवाना होगा।

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