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लोगों ने उन्हें दबाने के लिए खेला जातिगत कार्ड, भाजपा को पता है वोट कहां मिलेंगे

Bari News - भास्कर संवाददाता|धौलपुर/सैंपऊ विधानसभा चुनाव की तारीख भले ही अभी तय नहीं हुई है, लेकिन जिले में राजनीतिक...

Dainik Bhaskar

Feb 24, 2018, 05:10 AM IST
लोगों ने उन्हें दबाने के लिए खेला जातिगत कार्ड, भाजपा को पता है वोट कहां मिलेंगे
भास्कर संवाददाता|धौलपुर/सैंपऊ

विधानसभा चुनाव की तारीख भले ही अभी तय नहीं हुई है, लेकिन जिले में राजनीतिक उथल-फुथल शुरू हो चुकी है। बाड़ी में विभिन्न पार्टियों के नेताओं के समाज के दांव पेंच फेंकने शुरू कर दिए हैं। भाजपा और कांग्रेस ने अभी चुनाव के लिए चेहरे फाइनल नहीं किए हैं। लेकिन बाड़ी में बसपा प्रत्याशी का नाम सामने आने से दोनों राजनैतिक पार्टियों में खलबली सी मच गई है।

हाल ही में बाड़ी विधानसभा से बसपा के प्रदेश प्रभारी द्वारा एक जनसभा में पूर्व विधायक नेता सालिगराम के पुत्र भगवान दास गुर्जर को बाड़ी से बसपा का प्रत्याषी घोषित किए जाने के बाद बाड़ी की राजनीति का पारा एकदम से गर्म हो गया है। बाड़ी से भाजपा के प्रत्याशी के रूप में जहां पूर्व विधायक जसवंत सिंह गुर्जर और कांग्रेस से बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं, वहीं बसपा से भगवान दास गुर्जर की दावेदारी बाड़ी क्षेत्र की जनता को चौंकाने वाली है। बसपा के प्रदेश प्रभारी धर्मवीर अशोक द्वारा बाड़ी से भगवान दास गुर्जर को बसपा के टिकट से प्रत्याशी घोषित किया जा चुका है। उससे आगामी विधानसभा चुनाव में एक नया टिवस्ट आ गया है। जानकारों की मानें तो अभी तक कांग्रेस पार्टी से वर्तमान विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा की दावेदारी तय मानी जा रही है। वहीं भाजपा से एक संभावित नाम पूर्व विधायक जसवंत सिंह गुर्जर का चल रहा है। बसपा से गुर्जर समाज का नाम सामने आने के बाद बाड़ी के पूर्व विधायक जसवंत सिंह गुर्जर इसे विरोधियों की चाल समझ रहे हैं। पूर्व विधायक जसवंत सिंह गुर्जर का कहना है कि भाजपा को पता है कि गुर्जर समाज के वोट किसे मिलने हैं। किसी पार्टी के प्रत्याशी का नाम सामने आने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। पूर्व विधायक ने आरोप लगाते हुए कहा कि बाड़ी विधानसभा क्षेत्र में उन्होंने काफी मेहनत की है। ऐसे में उन्हें दबाने के लिए कुछ लोगों ने जातिगत प्रत्याशी खड़ा कर उन्हें दबाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन शायद लोगों को यह नहीं पता कि लंबे समय से समाज का वोट उन्हें ही मिलता आ रहा है। पूर्व विधायक ने आरोप लगाते हुए कहा कि बसपा की 20 फरवरी को होने वाली बैठक में सिर्फ ठाकुर और जाटव ही आए थे। समाज के लोग नहीं थे। कुछ लोगों ने उन्हें दबाने के लिए बसपा का प्रत्याशी घोषित कर दिया है। आगे यह भी नहीं पता कि वह चुनाव लड़ेगा भी या नहीं।

1998 में जसवंत सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी दलजीत सिंह को हराया था, अब माने जा रहे बाड़ी से भाजपा की सीट के प्रबल दावेदार

मलिंगा ने बसपा से लड़ा था चुनाव और जीते

वर्ष 2008 में नए परिशिमन के बाद हुए चुनाव में जसवंत सिंह को भाजपा ने टिकट नहीं दिया। भाजपा ने पूर्व विधायक शिवराम कुशवाह, कांग्रेस ने विधायक दलजीत सिंह और बसपा ने गिर्राज सिंह मलिंगा पर दांव खेला। भाजपा से टिकट नहीं मिलने से नाराज जसवंत सिंह गुर्जर ने भारतीय जनशक्ति पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा। जिसमें बसपा के गिर्राज सिंह मलिंगा ने भाजश के जसवंत गुर्जर को करीब तीन हजार मतों से हराकर विधानसभा पहुंचे। बाद में गिर्राज सिह मलिंगा बसपा छोड़कर कांग्रेस में जा मिले और उनको कांग्रेस सरकार में ससंदीय सचिव बनाया गया। 2008 में जसवंत सिंह के दूसरे स्थान पर आने पर वर्स 2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने फिर जसवंत गुर्जर को प्रत्याशी बनाया। जिसके सामने कांग्रेस से विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा को मैदान में उतारा गया। वहीं बसपा से दौलतराम कुशवाह ने चुनाव लड़ा। चुनाव में जसवंत सिंह को लगातार तीसरी बार शिकस्त का सामना करना पड़ा। गिर्राज सिंह मलिंगा को दूसरी बार चुनकर विधानसभा पहुंचे।

भास्कर संवाददाता|धौलपुर/सैंपऊ

विधानसभा चुनाव की तारीख भले ही अभी तय नहीं हुई है, लेकिन जिले में राजनीतिक उथल-फुथल शुरू हो चुकी है। बाड़ी में विभिन्न पार्टियों के नेताओं के समाज के दांव पेंच फेंकने शुरू कर दिए हैं। भाजपा और कांग्रेस ने अभी चुनाव के लिए चेहरे फाइनल नहीं किए हैं। लेकिन बाड़ी में बसपा प्रत्याशी का नाम सामने आने से दोनों राजनैतिक पार्टियों में खलबली सी मच गई है।

हाल ही में बाड़ी विधानसभा से बसपा के प्रदेश प्रभारी द्वारा एक जनसभा में पूर्व विधायक नेता सालिगराम के पुत्र भगवान दास गुर्जर को बाड़ी से बसपा का प्रत्याषी घोषित किए जाने के बाद बाड़ी की राजनीति का पारा एकदम से गर्म हो गया है। बाड़ी से भाजपा के प्रत्याशी के रूप में जहां पूर्व विधायक जसवंत सिंह गुर्जर और कांग्रेस से बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं, वहीं बसपा से भगवान दास गुर्जर की दावेदारी बाड़ी क्षेत्र की जनता को चौंकाने वाली है। बसपा के प्रदेश प्रभारी धर्मवीर अशोक द्वारा बाड़ी से भगवान दास गुर्जर को बसपा के टिकट से प्रत्याशी घोषित किया जा चुका है। उससे आगामी विधानसभा चुनाव में एक नया टिवस्ट आ गया है। जानकारों की मानें तो अभी तक कांग्रेस पार्टी से वर्तमान विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा की दावेदारी तय मानी जा रही है। वहीं भाजपा से एक संभावित नाम पूर्व विधायक जसवंत सिंह गुर्जर का चल रहा है। बसपा से गुर्जर समाज का नाम सामने आने के बाद बाड़ी के पूर्व विधायक जसवंत सिंह गुर्जर इसे विरोधियों की चाल समझ रहे हैं। पूर्व विधायक जसवंत सिंह गुर्जर का कहना है कि भाजपा को पता है कि गुर्जर समाज के वोट किसे मिलने हैं। किसी पार्टी के प्रत्याशी का नाम सामने आने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। पूर्व विधायक ने आरोप लगाते हुए कहा कि बाड़ी विधानसभा क्षेत्र में उन्होंने काफी मेहनत की है। ऐसे में उन्हें दबाने के लिए कुछ लोगों ने जातिगत प्रत्याशी खड़ा कर उन्हें दबाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन शायद लोगों को यह नहीं पता कि लंबे समय से समाज का वोट उन्हें ही मिलता आ रहा है। पूर्व विधायक ने आरोप लगाते हुए कहा कि बसपा की 20 फरवरी को होने वाली बैठक में सिर्फ ठाकुर और जाटव ही आए थे। समाज के लोग नहीं थे। कुछ लोगों ने उन्हें दबाने के लिए बसपा का प्रत्याशी घोषित कर दिया है। आगे यह भी नहीं पता कि वह चुनाव लड़ेगा भी या नहीं।

कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर

बाड़ी से इस बार विधानसभा चुनाव में पूर्व विधायक जसवंत सिंह गुर्जर खुद को भाजपा के टिकट का प्रवल दावेदार मानकर चल रहे हैं। लेकिन उनके समाज से भगवान दास गुर्जर ने बसपा के टिकट पर दावेदारी जताने के बाद जसवंत की दावेदारी को झटका दिया है। पूर्व विधायक बाड़ी विधानसभा की राजनीति में वर्ष 1998 से स्थापित हुए थे। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ते हुए कांग्रेस प्रत्याशी दलजीत सिंह को हराया था। इसके बाद 2003 में हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी दलजीत सिंह ने भाजपा से चुनाव लड़े जसवंत गुर्जर को चुनाव हराकर हिसाब बराबर कर लिया।

बसपा ने चुनाव से आठ माह पहले खेला मास्टर स्ट्रोक

पूर्व विधायक जसवंत सिंह गुर्जर इससे पहले वर्ष 2008 में भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर भारतीय जन शक्ति पार्टी से चुनाव लड़कर बसपा के गिर्राज सिंह मलिंगा से करीब 2900 मतों से चुनाव हार कर चुके हैं। भाजपा के पूर्व विधायक शिवराम कुशवाह तीसरे स्थान पर रहे थे और कांग्रेस के प्रत्याशी दलजीत सिंह चीकू की जमानत जब्त हुई थी। लेकिन आने वाले चुनाव में बसपा ने चुनाव से आठ माह पूर्व ही भगवान दास गुर्जर को प्रत्याशी घोषित कर जो मास्टर स्ट्रोक खेला है।

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