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जिला अस्पताल का आउटडोर नए भवन में शिफ्ट होगा, एमसीआई निरीक्षण से पहले 50% खामियां दूर

मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने बाड़मेर सहित प्रदेश के सात कॉलेजों को मानक रिपोर्ट के अाधार पर काम नहीं करने की...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 02:25 AM IST
मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने बाड़मेर सहित प्रदेश के सात कॉलेजों को मानक रिपोर्ट के अाधार पर काम नहीं करने की वजह से मान्यता नहीं दी थी। अब जुलाई से पहला सत्र शुरू करने के प्रयास तेज हो गए हैं। जिला अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन भवन बनकर तैयार हो गया है। 15 अप्रैल तक भवन हैंडओवर होने पर अस्पताल का आउटडोर शिफ्ट होगा। नए भवन में विभागवार अलग-अलग वार्ड संचालित होंगे। इसके साथ ही नर्सिंग हॉस्टल, आवासीय क्वार्टर का काम अंतिम चरण में है। अप्रैल में एमसीआई के निरीक्षण को देखते हुए सीनियर व जूनियर रेजिडेंट नियुक्ति से लेकर संसाधन व सुविधाएं जुटाने पर फोकस है।

गत साल चूरू, भरतपुर, डूंगरपुर, पाली, सीकर, भीलवाड़ा, और बाड़मेर, मेडिकल कॉलेज को शुरू करने के लिए एमसीआई से अनुमति मांगी थी। एमसीआई की टीम ने नवंबर 2016 और 9 सितंबर 2017 को निरीक्षण किया था। मानक के अनुरूप रिपोर्ट नहीं मिलने पर एमसीआई बोर्ड की मीटिंग में सातों कॉलेज को मान्यता देने से मना कर दिया था। लेकिन अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने 15 मार्च को एमसीआई की बताई गई कमियों को पूरा करने का काम चल रहा है। कॉलेज प्रशासन डॉक्टरों की नियुक्ति, संसाधन व सुविधां जुटाने में लगा है। अब संभावना व्यक्त की जा रही है कि बाड़मेर में इस सत्र से मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिल सकती है।

कॉलेज भवन का निर्माण अंतिम चरण में, नर्सिंग हॉस्टल, आवासीय क्वाटर का काम लगभग पूरा

300 बैड का अस्पताल, नए भवन में शिफ्ट होगी ओपीडी

जिला अस्पताल में औसत 1500 की ओपीडी रहती है। इस लिहाज से पुराना भवन छोटा पड़ रहा है। नए भवन में आउटडोर शिफ्ट होने के साथ सभी वार्ड संचालित होंगे। फैकल्टी के अनुसार 10-10 बैड के वार्ड लगेंगे। इससे डॉक्टर को मरीज के चेकअप में आसानी रहेगी साथ ही मरीजों को कॉमन वार्ड की समस्या से निजात मिलेगी। 15 अप्रैल तक नए भवन में आउटडोर का संचालन प्रारंभ होगा। इसके साथ ही 300 बैड का अस्पताल होगा।

मई तक 90 फीसदी गाइडलाइन करनी है पूरी

एमसीआई के निरीक्षण से पहले मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल प्रशासन को 90 फीसदी गाइडलाइन पूरी करनी होगी। इसके आधार पर ही एमसीआई से कॉलेज को मान्यता मिलेगी और जुलाई से पहला सत्र शुरू हो पाएगा।

50 फीसदी खामियां दूर कर दी है


ये खामियां गिनाई, 50 फीसदी तक काम पूरा

 मेडिकल कॉलेज के लिए फैकल्टी 59 प्रतिशत करने को कहा था। तीस प्रतिशत तक भर दी। राज्य सरकार कमी को दूसरे जिलों से पूर्ति करेगी।

 निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज की वेबसाइट का कार्य पूरा कर लिया है।

 रेजिडेंट सीनियर एवं जूनियर 44 होने चाहिए। अब तक 28 जूनियर हो चुके हैं। बाकी सीनियर 9 चाहिए, प्रयास जारी।

 फर्नीचर का काम शुरू करना है।

 मेडिकल कॉलेज के लिए आवश्यक मशीनें आ गई हैं। कुछ विदेशों से आनी हैं।

 संसाधन के लिए मेडिकल कॉलेज में इंस्ट्रूमेंट, मशीनें आई हैं। कुछ ही बाकी हैं।

 एमसीआई ने लाइब्रेरी के लिए दो हॉल बनाने को कहा था, वह भी बना दिए गए है।

 इंटरनेट कनेक्शन एवं 24 लीज लाइन वह भी काम चल रहा है।