बाड़मेर

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बजट 2018

खरीफ की फसल का समर्थन मूल्य लागत का डेढ़ गुना किए जाने का बाड़मेर के साढ़े पांच लाख किसानों को फायदा मिलेगा। हालांकि,...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 06:10 AM IST
खरीफ की फसल का समर्थन मूल्य लागत का डेढ़ गुना किए जाने का बाड़मेर के साढ़े पांच लाख किसानों को फायदा मिलेगा। हालांकि, जिले की मुख्य खरीफ फसल बाजरा और ग्वार पर लागत मूल्य का डेढ़ गुना किए जाने पर ज्यादा फायदा नहीं होगा। बाजरे पर लागत का डेढ़ गुना किए जाने पर 309 रुपए प्रति क्विंटल का ही लाभ मिलेगा। इसका सर्वाधिक लाभ मंूग और उड़द जैसी फसलों पर होगा। लागत मूल्य का डेढ़ गुना होने से मूंग का समर्थन मूल्य 8680 रुपए प्रति क्विंटल हो जाएगा। कृषि लागत एवं मूल्य आयोग ने मूंग का लागत मूल्य 5787 रुपए प्रति क्विंटल घोषित कर रखा है। इसका डेढ़ गुना किए जाने पर यह 8680 रुपए हो जाएगा।

किसान

सालाना 15 लाख हेक्टेयर में खरीफ की बुवाई, हर साल सूखे से 10 अरब की फसलें तबाह, बजट से 5 लाख किसानों को फायदे की उम्मीद

5800 रुपए की ही होगी स्टैंडर्ड कटौती

स्टैंडर्ड डिडक्शन 40 हजार रु. की बात कही गई है, लेकिन ट्रांसपोर्ट और मेडिकल एलाउंस जो 34200 रु. होते हैं, वह हटा दिए हैं। यानी, स्टैंडर्ड डिडक्शन 5800 रु. का होगा। सालाना आय 4 लाख है तो टैक्सेबल आय 1.5 लाख होगी। 5 फीसदी की दर से टैक्स 7500 होगा। तीन फीसदी सेस से कुल टैक्स 7725 रु. हो रहा है। नए प्रावधान से टैक्सेबल आय 144200 रु. होगी। इस पर पांच फीसदी की दर से 7210 रु. टैक्स होगा पर चार फीसदी सेस 216 रु. होकर टैक्स 7426 रु. होगा।

नौकरीपेशा

जीएसटी पर बड़ी घोषणा नहीं होने से निराश

जिले के व्यापारी इस बजट से खासे निराश हैं। वह उम्मीद कर रहे थे कि जीएसटी में रिटर्न एक करने के साथ ही टैक्स स्लैब कम करने संबंधी रोडमैप की घोषणा हो सकती है, लेकिन केंद्र सरकार ने इस तरफ कोई कदम नहीं उठाए। उनके लिए कोई राहत नहीं है। इसके अलावा उन्हें आस थी कि जीएसटी संबंधी नियम सरल करने पर भी बात होगी, लेकिन यह भी नहीं हुआ। बजट में उनके हाथ केवल इंतजार आया। अब उनकी उम्मीदें जीएसटी काउंसिल द्वारा भविष्य में लिए जाने निर्णय से ही हैं।

व्यापारी

क्रेडिट कार्ड सुविधा से 1 करोड़ परिवारों को राहत

बाड़मेर के पशु़पालक परिवारों को क्रेडिट कार्ड सुविधा का लाभ मिल सकेगा। पशुपालन विभाग का मानना है कि सुविधा की गाइड लाइन आने के बाद इस बारे में पुख्ता तौर पर सबकुछ स्पष्ट हो पाएगा। क्रेडिट कार्ड सुविधा का लाभ मिलने से इन परिवारों के लिए पशु खरीदना, उनके लिए खाद्यान्न उपलब्ध करना आसान हो जाएगा। इसके लिए हर परिवार की आय स्त्रोत के आधार पर लिमिट तय की जाएगी।

पशुपालक

बाड़मेर भाभर रेल योजना का जिक्र नहीं

जैसलमेर-बाड़मेर से भाभर तक 339 किमी. लंबी रेल परियोजना के लिए 5000 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किए जाने की घोषणा दो साल पूर्व हुई थी। इसके बाद दो बजट पेश कर दिए गए, लेकिन बजट में कोई बजट नहीं मिला है। हालात यह है कि दो सालों से घोषणा कागजों तक सीमित है। न बजट मिला है और न ही परियोजना का जिक्र किया गया। जबकि लंबे समय से बाड़मेर-जैसलमेर को दक्षिण भारत से जोड़े जाने की मांग उठ रही है।

रेल लाइन

ये धोरे भी रहेंगे और सूखा भी

लेकिन...

इस बजट से

धोरों में रहने वाले धरती पुत्रों पर उम्मीद की फुहार

बाड़मेर
| जिले की साठ फीसदी आबादी की आजीविका का साधन खेती व पशुपालन पर निर्भर है। हर साल खरीफ सीजन में किसान 15 लाख हेक्टेयर में फसलों की बिजाई करते हैं, हालात यह हैं कि जिले में बीते दस सालों में सिर्फ तीन सुकाल ही देखने को मिले। यानि सात साल अकाल की स्थिति रही। सालाना 5.50 लाख किसानों को 10 अरब का फसल खराबे का नुकसान झेलना पड़ता है।

कंटेंट: पूनमसिंह राठौड़, फोटो: नरपत रामावत

कांग्रेस भाजपा

केंद्र के आम बजट में पुरानी योजनाओं के ही आंकड़ों में बढ़ा-चढा कर पेश किए गए है। चार साल तक किसानों का शोषण किया गया, अब एमएसपी का लाभ देने की घोषणा पर संशय है। एक करोड़ लोगों को रोजगार देने के वादे मोदी सरकार भूल गई। आम आदमी को कुछ भी नया नहीं मिला। -हरीश चौधरी, पूर्व सांसद, कांग्रेस

यह बजट गांव, गरीब और किसानों के हितों का है। इससे जाहिर होता है कि केंद्र सरकार गरीब और किसान के लिए कितनी चिंतित है। कृषि से किसानों की आमदनी दुगुनी करने लक्ष्य है। न्यूनतम समर्थन मूल्य डेढ़ गुणा किया है। हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। -जालम सिंह रावलोत, जिलाध्यक्ष, भाजपा

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