पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में अमेरिका की एडवांस वर्जन की गनों का ट्रायल

Barmer News - भारत में अमेरिकन अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर गन 155 एम 777 के ए 2 एडवांस वर्जन की कई गनों के ट्रायल जैसलमेर की पोकरण फायरिंग...

Dec 10, 2019, 10:31 AM IST
Pokhran News - rajasthan news america39s advanced version trial trial at pokaran field firing range
भारत में अमेरिकन अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर गन 155 एम 777 के ए 2 एडवांस वर्जन की कई गनों के ट्रायल जैसलमेर की पोकरण फायरिंग रेंज में किया जा रहे हैं। सोमवार को सेना के आर्टिलरी के एक उच्च अधिकारी ने भी पोकरण फायरिंग रेंज का दौरा कर वहां पर इन गनों की फायरिंग क्षमता को देखा व उच्चाधिकारियों से इस संबंध में बातचीत की। इसके लिए कुछ और नई एम 777 गनें अमेरिका से भारत लाई गई हैं। इनका के ट्रायल पोकरण फायरिंग रेंज में चल रहा है, जो कि आगामी कुछ दिनों तक जारी रहेगा। इन ट्रायल के दौरान अमेरिकन विशेषज्ञ महेंद्रा कंपनी के अधिकारी व उच्च सेनाधिकारी भी मौजूद रहे।

पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में अमेरिकन अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर के एडवांस वर्जन गन के फायरिंग की गूंज एक बार फिर पुनः सुनाई देने लगी है। हाल ही अमेरिका से लाई गई आई 6 नई गनों के फायरिंग ट्रायल के दौरान अचूक निशाने साधे गए। इस दौरान सेना के तोपखाना यूनिट के अधिकारी अमेरिका सरकार के डेलीगेट्स, अमेरिकन गन कंपनी बीएई सिस्टम के प्रतिनिधि सहित कई विदेशी विशेषज्ञ मौजूद रहे। सोमवार को डीजी आर्टिलरी व अमेरिकी एक्स केलिबर की मौजूदगी में हाल ही अमेरिका से भारत लाई गई गनों की इंटीग्रेटेड फायरिंग केपेबिलिटी को जांचा परखा जाएगा। यह एम 777 गन हर मायनों में भारतीय सेना की ताकत को निश्चित रूप से मजबूत करेगी। वर्तमान जो चुनौतियां मिल रही हैं, उन्हें देखते हुए ये गनें भारतीय सेना के लिए रामबाण हथियार के रूप में साबित होंगी। भारतीय सेना की मारक क्षमता को मजबूत करने व आधुनिकीकरण की कड़ी में हाल ही अमेरिका के साथ एम 777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर गन खरीदने के हुए एमओयू की कड़ी में 18 मई, 2017 को दो अमेरिकन गनें भारत लाई गई थीं।8 जून, 2017 को इसके डायरेक्टर पहले फायर ट्रायल के परीक्षण शुरू किए गए थे। हालांकि इसके परीक्षण पहले सफल हो चुके थे। इसे चीन व पाकिस्तान की सीमाओं पर तैनात किया जाएगा। इस तरह साल 1986 में बोफोर्स तोप के बाद अब सेना को एक कारगर तोप मिलने का रास्ता साफ हो गया है। सूत्रों ने बताया कि इस गन की खासियत यह है कि ये हल्की होने के कारण इसे उठाकर या फील्ड कर हेलिकॉप्टर के जरिये या अन्य किसी साधनों से एक स्थान से दूसरे स्थानों पर रखा जा सका है।

जैसलमेर. पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में अमेरिकी गनों का ट्रायल।

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