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पाक के सिंध में िहंदू औरमुस्लिम साथ खेलते हैं होली

एक वर्ष पहले
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पाकिस्तान में होली का त्योहार भी मनाया जाता है। सिंध सूबे के ऐसे कई गांव हैं जहां हिन्दू एवं मुसलमान एक साथ होली का त्योहार मनाते हैं। पाकिस्तान में करीबन दो फीसदी आबादी िहंदूअाें की है। सबसे ज्यादा सिंध
प्रांत में है।

पाकिस्तान में रहने वाले िहंदूअाें की होली के लिए सरकारी छुट्टी की लंबे समय तक मांग के बाद 2016 में सरकारी छुट्टी के कैलेंडर में होली को जगह मिली है, लेकिन केवल सिंध प्रांत में। कराची स्थित एक मंदिर में होली मनाने के लिए लोग इकट्ठा होते हैं। वहां पूरे हिन्दू रीति-रिवाज से यह त्योहार मनाया जाता है। बताया जाता है कि इसमें मुस्लिम परिवार भी हिस्सा लेते हैं। वाहिद खान नाम के एक युवक ने अपने फेसबुक अकाउंट पर होली से अपने प्यार के बारे में खुलकर लिखा है। इस शख्स ने अपने फेसबुक पर लिखा था, मैं अभी-अभी होली मनाकर लौट रहा हूं, मैं जानबूझ कर एक सार्वजनिक बस से यात्रा कर रहा हूं। मैं देखना और दिखाना चाहता हूं कि मैंने होली खेली है और इस पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया हैं, मैं इस वक्त पूरी तरह रंगों में डूबा हुआ हूं।

2016 में पहली बार होली पर छुट्‌टी को मिली थी मंजूरी

पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली में 2016 में एक प्रस्ताव पारित किया था। इसमें हिन्दू, इसाइयों के लिए होली, दिवाली एवं ईस्टर त्योहार के लिए छुट्टी की व्यवस्था की गई। पाकिस्तान मुस्लिम लीग, पीएमएलएन के सांसद रमेश कुमार काकंवानी ने प्रस्ताव पेश किया था। इसके बाद वहां िहंदूअाें के पर्व पर सरकारी छुट्टियां शुरू हुई। हालांकि इससे पहले वहां त्योहार तो मनाए जाते रहे हैं, लेकिन इसकी सरकारी छुट्टी नहीं थी। सिंध सूबे में छुट्टी एवं अन्य प्रदेशों में ऐच्छिक छुट्टी है, जो संस्था प्रधान कर सकते हैं।

सिंध में ऐसे गांव जहां हिन्दू मुस्लिम मनाते हैं होली

सिंध में ऐसे गांव जहां हिन्दू मुस्लिम मनाते हैं होली सब मिलजुलकर एक साथ रंगों का त्योहार मनाते हैं। मठी 1990 में थारपारकर जिले का हिस्सा बना था। सिंध सूबे में मठी सहित ऐसे अनेक गांव हैं जहां होली को वहां के मुसलमान भी हिंदूओं के साथ मनाते हैं।

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