लोकसभा: चौधरी ने दिए सवालों के जवाब, बेनीवाल ने उठाया मुद्दा

Barmer News - संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा सदस्यों की ओर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का पैसा किसानों...

Dec 04, 2019, 08:10 AM IST
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा सदस्यों की ओर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का पैसा किसानों तक पहुंचाने का मुद्दा उठाया गया। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने योजना की मौजूदा स्थिति और किसानों से जुड़े तमाम सवालों के जवाब दिए। इस दौरान लोकसभा सदस्य दीया कुमारी ने राजस्थान के किसानों को पीएम किसान योजना का पैसा नहीं पहुंचने को लेकर सवाल पूछा। इस पर केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि इसको लेकर केंद्र सरकार की ओर से कई बार राज्य सरकारों को संबंधित डाटा भेजने का अनुरोध किया गया है, लेकिन राजस्थान, मध्यप्रदेश एवं पश्चिम बंगाल सहित कुछ सरकारों ने केंद्र से राजनीतिक द्वेष की भावना के चलते अभी तक डाटा नहीं भेजा है। इससे संबंधित राज्यों के प्रभावित किसानों तक लाभ नहीं पहुंच पाया है। इसको लेकर केंद्र सरकार की ओर से कई बार सूचना दी गई है। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी के मुताबिक पीएम किसान पोर्टल पर जाकर कोई भी किसान अपना आधार, मोबाइल और बैंक खाता नंबर दर्ज करके इसके स्टेट‌्स की जानकारी ले सकता है। चौधरी का कहना है कि जैसे-जैसे राज्यों से लिस्ट आ रही है उसके हिसाब से स्कीम का पैसा जा रहा है। लोकसभा में एक अन्य सदस्य के सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री चौधरी ने कहा कि पूरे देश में कुल 14.5 करोड़ किसान परिवार हैं। सरकार ने इन सभी किसानों को हर साल 6000 रुपये देने का प्लान बनाया है। इस योजना पर सरकार 87000 करोड़ रुपए खर्च करेगी। अब तक देश में करीब 8 करोड़ किसान इसका फायदा उठा चुके है। इसमें से 3.78 करोड़ लोगों को तीसरी किश्त मिलेगी।

तेल, गैस, ऊर्जा व भारी उद्योगों में रोजगार में स्थानीय लोगों को मिले प्राथमिकता: बेनीवाल

भास्कर संवाददाता | बाड़मेर

लोकसभा में मंगलवार को राजस्थान के नागौर से रालोपा सांसद हनुमान बेनीवाल ने स्थानीय लोगोें को रोजगार में प्राथमिकता देने का मामला उठाया। उन्होंने सदन के शून्यकाल में बोलते हुए कहा कि राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित रिफाइनरी सहित जालोर, जैलसमेर, जोधपुर, जयपुर व अलवर आदि जिलों में तेल, गैस, ऊर्जा व भारी उद्योगों में कार्यरत कंपनियां स्थानीय लोगों की मजदूरी से लेकर तकनीकी व प्रबंधन आदि क्षेत्रों में अवहेलना करती है। सांसद ने कहा कि राजस्थान सहित पूरे देश मे ऐसा कानून बनाने की जरूरत है, जिसमें 80 प्रतिशत स्थानीय लोगो को रोजगार देना कंपनियों के लिए अनिवार्य बनें। क्योंकि कंपनियों द्वारा किसानों व स्थानीय लोगों की जमीन अवाप्ति के बाद वो रोजगार के अभाव में पलायन करने को मजबूर हो जाते है।

सांसद ने सदन में पेश हुए शिप रिनोवेशन से जुड़े मामले पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि इस बिल से पर्यावरण संरक्षण की तरफ एक महत्वपूर्ण कदम होगा। क्योंकि इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले कारक जो जहाज के रिनोवेशन में काम आते है वो बंद हो जाएंगे। उन्होंने कहा बिल स्वागत योग्य है। लेकिन देश के 4 राज्यों में कहा शिप रिनोवेशन का काम होता है। वहां कार्यरत 8 हजार मजदूरों के हितों का कुठाराघात नहीं होना चाहिए।

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