पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Sindhari News Rajasthan News Mining System Becomes Faster Than The Administration Before The Action Is Empty

प्रशासन से भी तेज बजरी माफियों का तंत्र कार्रवाई से पहले खाली हो जाती है खदानें

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

पिछले कुछ दिनों से प्रशासन ने बजरी माफियाओं के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है लेकिन बजरी माफिया हद से ज्यादा सक्रिय और सतर्क है। अधिकारियों के पहुंचने की खबर उनको पहले ही मिल जाती है। राजस्थान सरकार बजरी माफियाओं के खिलाफ एक्शन लेने के मूड में है। बजरी माफियाओं के खिलाफ अलग अलग कमेटियां बनाई है, जो अवैध खनन को रोकने के लिए कार्य करेगी। लूनी नदी में खनन माफिया इतने सक्रिय है कि कई जगह पर दस दस जेसीबी मशीनें एक साथ बजरी का खनन किया जा रहा है। आलम यह है कि अधिकारी अपनी गाड़ी लेकर नदी के अंदर जाते हैं तो कई बार उनकी गाड़ी भी बजरी के अंदर फंस जाती है। उपखंड अधिकारी तहसीलदार और माइनिंग विभाग के उच्च अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद भी बजरी खनन को रोकना सरकार के लिए असंभव सा हो गया है। सीएलजी की बैठक में भी यही मुद्दा उठा लेकिन कोई भी अधिकारी इस जिम्मेदारी को नहीं ले रहा है।

हमारे लिए कार्रवाई करना मुश्किल हो गया है। जब तक हम नदी में पहुंचते हैं तब सारे वाहन नदी से बाहर निकल जाते है। हमारे घर से बाहर निकलने तक की सूचना बजरी माफियाें को एजेंटों के जरिए मिल जाती है।
-टीकमाराम चौधरी,नायब तहसीलदार सिणधरी

सिणधरी. लूणी नदी क्षेत्र में बजरी का अवैध खनन करते हुए।

सोशल ग्रुप से रखी जाती है अधिकारियों पर निगरानी

खनन माफियाओं ने अलग-अलग ग्रुप बना रखे हैं जिसमें कई लोग जुड़े हुए हैं जो सिर्फ अधिकारियों के लोकेशन का ध्यान रखते है और निगरानी रखने वाले लोग आगे डंपर चालक और जेसीबी चालकों को सूचना देते है। स्थिति यह है कि प्रत्येक अधिकारी की लोकेशन रखने के लिए बजरी माफियाओं ने अपने लोकल एजेंट लगा रखे हैं जो पूरी जानकारी ग्रुप में शेयर कर देते है। इससे अधिकारी के पहुंचने से पहले ट्रकों को नदी से बाहर निकाल दिया जाता है या खाली करवा दिया जाता है। इस स्थिति में अवैध खनन को रोककर बजरी माफियाओं पर नकेल कसना प्रशासन के लिए भी सर दर्द बन चुका है।
खबरें और भी हैं...