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सिलाई से स्वावलंबी बने महिलाएं: चौधरी

एक वर्ष पहले
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महिलाएं सिलाई कार्य में दक्ष बनकर सिलाई को स्वावलंबन का आधार बनाएं। ग्रामीण महिलाओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण एवं हुनर आजीविका का मुख्य स्रोत है। उक्त बात सोसायटी टू अपलिफ्ट रूरल इकोनामी बाड़मेर की ओर से केयर्न फाउंडेशन के सौजन्य से संचालित डेयरी विकास एवं पशुपालन परियोजना के तहत बुढलाई नाडी में संचालित 45 दिवसीय निशुल्क महिला सिलाई कटाई प्रशिक्षण केंद्र के अवलोकन कार्यक्रम में बोलते हुए कार्यक्रम प्रबंधक हनुमान राम चौधरी ने कही। चौधरी ने उपस्थित संभागियों को प्रशिक्षण के उद्देश्य की स्पष्टता करते हुए कहा कि स्थानीय मांग एवं आवश्यकताओं के अनुसार गुणवत्ता युक्त प्रमाणिक सिलाई सीखें। जिससे समुदाय में पैठ व प्रतिष्ठा में इजाफा हो सके। सिलाई कटाई प्रशिक्षण केंद्र पर विजिट के दौरान सहायक परियोजना समन्वयक मालाराम गोदारा, डेयरी समिति सचिव चंदन सिंह, रेखा जांगिड़, सीमा देवी, श्वेता, प्रकाश कंवर, शारदा देवी ने भी प्रशिक्षण में सीखे हुए ज्ञान संबंधित अपने विचार व्यक्त किए। प्रशिक्षिका रेखा जांगिड़ ने महिला सिलाई कटाई प्रशिक्षण की प्रगति के बारे में एवं आगामी प्रशिक्षण की कार्य योजना के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।

बाड़मेर. महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण देते हुए।
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