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उपचुनावों की हार से सीएम और सारे मंत्री लाइन पर आ गए : कन्हैयालाल

पिछले दिनों सम्पन्न उपचुनावों में भाजपा को मिली हार से केवल कांग्रेस ही नहीं खुद भाजपा के नेता भी आह्लादित नजर आ...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:25 AM IST
पिछले दिनों सम्पन्न उपचुनावों में भाजपा को मिली हार से केवल कांग्रेस ही नहीं खुद भाजपा के नेता भी आह्लादित नजर आ रहे है। शनिवार को कानोता में कार्यकर्ताओं की बैठक लेने आए भाजपा के पुराने नेता और भाजपा से तीन बार विधायक और भैरोंसिंह शेखावत सरकार में मंत्री रहे कन्हैयालाल मीणा भी कुछ ऐसा ही कह गए। मीटिंग सम्पन्न होने के साथ ही उनके ऑडियो वायरल भी होने लगे। हालांकि इस बारे में उनका स्पष्टीकरण भी आ गया है। उनके अनुसार उन्होंने ऐसा कार्यकर्ताओं को जोश दिलाने के लिए कहा था।

शनिवार को कानोता में सम्पन्न भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाजपा नेता कन्हैयालाल मीणा ने कार्यकर्ताओं से कहा कि उपचुनावों में भाजपा को मिला हार से पार्टी को झटका मिला है। इससे ना केवल सीएम, बल्कि सारे मंत्री भी लाईन पर आ गए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से ये भी कहा कि विधानसभा सत्र पूरा होने के बाद कोई भी काम हो उन्हें बताए, अब सब काम होंगे। शनिवार को सम्पन्न बैठक में पश्चिम मंडल अध्यक्ष रामराय शर्मा, विमला जायसवाल राकेश खंडेलवाल रामवतार गुप्ता शंकर जांगिड़ जगमोहन मीणा रामवतार शर्माए हरिमोहन शर्माए कमलेश कुमार शर्माए अंकित कलवाणियां राकेश डंगायच आदि मौजूद थे।

तिवाड़ी को कोई पूछता भी नहीं है

पिछले दिनों पश्चिम मंडल में हुई उठापटक एवं लादूराम बांटे को हटाए जाने पर बोलते हुए मीणा ने कहा कि मैने उन्हें नहीं हटवाया, उन्होंने खुद ही इस्तीफा दिया था। अब उन्हें कोई नाराजगी है तो उनसे बात कर लेंगे। मगर उन्हें मीडिया में इस तरह नहीं कहना चाहिए। मीणा ने घनश्याम तिवाडी का जिक्र करते हुए कहा कि तिवाडी जी भी पार्टी के खिलाफ बोलते रहते है, आज उन्हें कोई पूछता भी नहीं है।

कार्यकर्ता को तनख्वाह थोड़े देते हैं

अपने संबोधन में मीणा ने कहा कि पिछले साल पार्टी की एक बैठक में उन्होंने कहा था कि हम पार्टी कार्यकर्ता को कोई तनख्वाह थोड़े देते है। हम कार्यकर्ता के छोटे छोटे काम भी नहीं करते है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि अभी कार्यकर्ता कह रहे है कि अमुक अधिकारी काम नहीं कर रहा है। या किसी कार्यकर्ता का भाई या रिश्तेदार बाड़मेर में नौकरी कर रहा है और अपने घर आना चाहता है तो उसका काम होना चाहिए।