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हास्य योग व आध्यात्म, सब रोगों की एक दवाई हंसना सीखो भाई

कस्बे के रेलवे स्टेशन माल गोदाम रोड स्थित पीडब्लूआई कार्यालय कैम्पस में पिछले डेढ़ माह से हास्य योग, आध्यात्म एवं...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:45 AM IST

हास्य योग व आध्यात्म, सब रोगों की एक दवाई हंसना सीखो भाई
कस्बे के रेलवे स्टेशन माल गोदाम रोड स्थित पीडब्लूआई कार्यालय कैम्पस में पिछले डेढ़ माह से हास्य योग, आध्यात्म एवं स्वास्थ्य लाभ की अनोखी त्रिवेणी बह रही है। वर्तमान भागदौड़ भरी तनाव की जिंदगी में कुछ पल हंस कर बिताने को लेकर शुरु की इस पहल से लोग लगातार जुड़ रहे हैं। इस त्रिवेणी में बच्चों से लेकर बुजुर्ग हर आयुवर्ग के लोग रोजाना सुबह ६ से ७ के बीच एक घंटे हास्य रस में गोते लगा रहे हैं। दो व्यक्तियों से शुरु हुई इस हास्य की शाखा में अब करीब 30 नियमित सदस्य बन चुके हैं। हास्य योग की इस शाखा को संचालित करने वाले 74 वर्षीय रिटायर्ड रेलवे गार्ड विनोद बिहारी शर्मा है जो दक्ष योग प्रशिक्षक भी हैं। हास्य योग के बीच-बीच में आध्यात्म चर्चा भी चलती है। वहीं शाखा के समापन पर बीपी व शुगर बीमारियों की एक्यूप्रेशर पद्धति से चिकित्सा भी की जाती है।

नाव के चप्पू चला पहुंचते हैं बांकेबिहारी के दर्शनों को--हास्य योग की इस शाखा में विभिन्न मुद्राओं के साथ हंसी के ठहाके लगाए जाते हैं। शुुरुआत मूक हंसी, बुजुर्गों वाली हंसी के साथ ही ठहाके वाली हंसी की प्रक्रिया होती है। इसके बाद काल्पनिक तौर पर नाव में बैठकर नदी पार कर बांकेबिहारी जी के दर्शनों को जाते हैं। नाव का चप्पू चलाने का उपक्रम किया जाता है। वहीं लस्सी बिलौने का उपक्रम करने के बाद उसे दोनों हाथों से लोटों में भर-भर कर पिया जाता है। इसके अलावा राजपूती तलवार चलाने, तीर-कमान चलाने आदि क्रियाओं से हंसते-हंसते शारीरिक व्यायाम किया जाता है। सूर्य नमस्कार के साथ शाखा का समापन होता है।

बयाना. हास्य योग शाखा में मौजूद सदस्य।

15 सालों से सिखा रहे हैं योग

हास्य योग शाखा को संचालित करने वाले विनोद बिहारी शर्मा योग के दक्ष प्रशिक्षक हैं तथा पिछले १५ सालों से लगातार लोगों को योग सिखा रहे हैं। शर्मा को आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का भी भरपूर ज्ञान है तथा वे लोगों को आयुर्वेद की दवाइयां भी देते हैं। शर्मा का कहना है कि भारत विकास परिषद के तत्वावधान में दिल्ली के शालीमार बाग मेें उन्होंने हास्य योग की शाखा में जाकर गुर सीखे थे। उनका कहना है कि हंसने से कई प्रकार की बीमारियों से मुक्ति मिलती है। इससे शरीर के हर अंग का व्यायाम होता है। शरीर के सभी अंग अपना काम सुचारु रुप से करते हैं। हास्य योग की इस शाखा में रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर मलखानसिंह मीणा, स्टेशन अधीक्षक जेपी शर्मा, बनवारीलाल हरजाई, मुकुट भारद्वाज, रामकिशन सैनी, धूजीराम गुप्ता, देवीसिंह प्रजापत, काशीराम अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल आदि नियमित सदस्य हैं।

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