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4 माह से बच्चों को नाश्ते में नहीं मिल रहा दलिया छात्रावास प्रबंधन बोला : बाजार में उपलब्ध नहीं

कस्बे के हिण्डौन रोड पर कुंडा तिराहे के पास समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित राजकीय अंबेडकर छात्रावास में रहने...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 04:25 AM IST

4 माह से बच्चों को नाश्ते में नहीं मिल रहा दलिया छात्रावास प्रबंधन बोला : बाजार में उपलब्ध नहीं
कस्बे के हिण्डौन रोड पर कुंडा तिराहे के पास समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित राजकीय अंबेडकर छात्रावास में रहने वाले छात्रों को पिछले 4 माह से नाश्ते में दलिया नहीं मिल पा रहा है। जबकि विभाग के नाशते-खाने के मेनू में छात्रों को हर सप्ताह 2 दिन दलिया दिया जाना निर्धारित है। दलिया नहीं दिए जाने के पीछे छात्रावास प्रबंधन का बेतुका तर्क है कि दलिया बाजार में नहीं मिल पा रहा है। जबकि बाजार में दलिया आसानी से उपलब्ध है।

सोमवार को जब इस मामले की जानकारी की गई तो पता चला कि दोपहर एक बजे तक अधीक्षक ही छात्रावास में नहीं मिले। मौके पर मौजूद मिले होस्टल के बच्चों व रसोईए से खाने-पीने की व्यवस्थाओं को लेकर पूछताछ की तो सामने आया कि पिछले 4 माह से बच्चों को नाश्ते में दलिया ही नहीं मिला। जबकि होस्टल की दीवार पर लिखे विभागीय मेनू के मुताबिक छात्रों को प्रत्येक गुरुवार को मीठा दलिया व दूध तथा शुक्रवार को नमकीन दलिया व दूध दिया जाना जरुरी है। इसी तरह सोमवार को खाने में दाल-चपाती के साथ दही अथवा रायता दिया जाना निर्धारित है लेकिन सोमवार को बच्चों की थाली से दही-रायता नदारद रहा। इसके अलावा छात्रों से बातचीत में सामने आया कि सलाद व फलों में भी कटौती की जाती है। वहीं इस माह बच्चों की कटिंग भी नहीं कराई गई है। जबकि कुछ बच्चों के बाल बढ़े हुए थे तथा वे कटिंग कराने के इच्छुक भी थे। बच्चों ने बताया कि उन्होंने अधीक्षक को कटिंग कराने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने टाल दिया। जबकि बच्चों की कटिंग के लिए विभाग की ओर से बजट मुहैया कराया जाता है। कुल मिलाकर ये कहा जा सकता है कि सरकार की ओर से बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने को लेकर जो बजट दिया जाता है उसका पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है। ऐसे में बच्चों के हक के साथ भी खिलवाड़ हो रहा है। इस संबंध में मौके पर महिला व पुरुष रसोइए ने बताया कि उनको जो सामान उपलब्ध कराया जाता है उसके अनुसार ही वे बच्चों को खाना तैयार कर दे देते हैं।

दलिया के स्थान पर बच्चों को अन्य पौष्टिक नाश्ता दिया जाता है

बाजार में दलिया उपलब्ध नहीं होने से बच्चों को नहीं दिया जा रहा है। उसके स्थान पर बच्चों को अन्य पौष्टिक नाश्ता दिया जाता है। दूध-दही के लिए बजट की कमी रहती है। वैसे अब सत्र समाप्ति की ओर है।

-लच्छोराम जाटव, छात्रावास अधीक्षक

बयाना. समाज कल्याण विभाग के अंबेडकर छात्रावास।

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