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िशविर में 130 में से महज 100 की हो सकी जांच

ब्यावर| सिलिकोसिस जैसी गंभीर बीमारी की चपेट में आए मरीजों की जांच के लिए प्रशासन के आदेशों के बाद बुधवार को राजकीय...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:15 AM IST
ब्यावर| सिलिकोसिस जैसी गंभीर बीमारी की चपेट में आए मरीजों की जांच के लिए प्रशासन के आदेशों के बाद बुधवार को राजकीय अमृतकौर अस्पताल में न्यूमोकोसिस बोर्ड बैठा। बोर्ड में टीबी अस्पताल के चिकित्साधिकारी डॉ. शेखर शर्मा ने सेवाएं दी। बोर्ड में डॉ. प्रमोद सक्सैना व डॉ. साबिर हुसैन को भी शामिल किया गया था। लेकिन बुधवार को केवल डॉ. शेखर शर्मा ने ही सेवाएं दी। ऐसे में मरीजों ने जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति करने की बात कही। इस कारण दूरदराज से आने वाले पीडितों को देर शाम तक रूकने के बाद महज एक्स-रे सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी कर भेज दिया गया। दूसरी ओर समय पर जांच रिपोर्ट नहीं आने के कारण वेटिंग लिस्ट लगातार में बढ़ोत्तरी होती जा रही है। आलम यह हो गया है कि जांच रिपोर्ट आने से पहले ही श्रमिकों की मौत हो रही है, जिस कारण उन्हें जीवन यापन के लिए मुआवजा नहीं मिल पा रहा है और उनके परिवार वालों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो रहा है। चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय में शिविर नहीं लगने के कारण ब्यावर, मसूदा व जवाजा क्षेत्र के पीडितों को अजमेर जाना पड़ रहा था। जिससे मरी जो को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मरीजों की परेशानियों को देखते हुए विभाग ने प्रत्येक माह के अंतिम बुधवार को राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय में न्यूमोकोसिस बोर्ड बैठाने का निर्णय किया। बुधवार को आयोजित शिविर में उपखंड की खदानों, मिनरल फैक्ट्रियों तथा अन्य पत्थर संबंधी काम करने वाले जवाजा, मसूदा तथा ब्यावर क्षेत्र के करीब 130 रोगियों ने अपना पंजीयन करवाया था, लेकिन 100 की ही जांच हो सकी।