Hindi News »Rajasthan »Beawar» गुलाल नहीं इस बार नोट के रूप में लोगों को मिली बादशाह से खर्ची

गुलाल नहीं इस बार नोट के रूप में लोगों को मिली बादशाह से खर्ची

प्रदेश में प्रसिद्ध ब्यावर के बादशाह मेले में इस बार बादशाह ने गुलाल रूपी खर्ची नहीं बल्कि नई करेंसी के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 04, 2018, 02:30 AM IST

गुलाल नहीं इस बार नोट के रूप में लोगों को मिली बादशाह से खर्ची
प्रदेश में प्रसिद्ध ब्यावर के बादशाह मेले में इस बार बादशाह ने गुलाल रूपी खर्ची नहीं बल्कि नई करेंसी के करारे-करारे नोट बांटे। मौका था मेले से पहले पिछले कई बरसों से बादशाह बनते आ रहे रोशन सिंहल की दुकान के मुहूर्त का। शाम को मेले में बादशाह की भूमिका निभाने से पहले रोशन सिंहल ने सुबह अपनी दुकान का शुभारंभ किया।

आम तौर पर यह माना जाता रहा है कि जो भी बादशाह बनता है वह गुलाल रूपी खजाना लुटाने की वजह से आर्थिक रूप से कमजोर हो जाता है। यही वजह है कि पिछले कई सालों से बादशाह की भूमिका रोशन सिंहल ही निभाते आ रहे हैं। उन्होंने इसी मिथक को तोड़ते हुए अपनी नई दुकान का उद्घाटन भी बादशाह मेले के अवसर पर ही करने का निर्णय लिया। उनके इस निर्णय की सराहना करते हुए बड़ी संख्या में उनके परिचित व व्यापारी मुहूर्त में पहुंचे। जहां मुहूर्त बाद ही जब लोगों ने बादशाह से खर्ची की मांग की तो उन्होंने नई करेंसी की 10 रुपए की गड्डी खोलकर करारे नोट लोगों को बांटने शुरू कर दिए। इस पर व्यापारियों का कहना था कि इस बार गुलाल के रूप में नहीं बल्कि करारे नोटों के रूप में उन्हें खर्ची मिली है। जिसे अब वे अपनी तिजोरी में सुख-समृद्धि की कामना व आस्था के साथ रखेंगे। खर्ची लेने के साथ ही लोगों ने बादशाह सरकार के जयकारे भी लगाए। ऐसी मान्यता है कि बादशाह की ओर से लुटाई जाने वाली गुलाल रूपी खर्ची को तिजोरी में रखने से धन-धान्य में वृद्धि होती है। यही वजह है कि आज भी व्यापारी हो या आमजन बादशाह की ओर से फेंकी गई गुलाल रूपी खर्ची को लूटने की फिराक में ही रहता है।

मगर सुबह जब रोशन सिंहल की दुकान के मुहूर्त में पहुंचे लोगों को करारे नोट के रूप में खर्ची मिली तो इस बार उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि गुलाल नहीं करारे नोट में रूप में इस बार बादशाह ने खर्ची दी है। जिसे वे अपनी तिजोरी में रखेंगे।

ब्यावर. बादशाह बनने से पहले रोशन सिंहल की दुकान के शुभारंभ पर पहुंचे लोगों ने उनसे मांगी खर्ची।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Beawar News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: गुलाल नहीं इस बार नोट के रूप में लोगों को मिली बादशाह से खर्ची
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Beawar

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×