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बादशाह और जनता ने एक-दूसरे पर फेंकी गुलाल

आओ बादशाह...आओ बादशाह...नाचे कोई...गाए कोई...हमसे अच्छा...शनिवार को यही संगीत बार-बार मुख्य बाजार में गूंज रहा था। शाम...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:30 AM IST
आओ बादशाह...आओ बादशाह...नाचे कोई...गाए कोई...हमसे अच्छा...शनिवार को यही संगीत बार-बार मुख्य बाजार में गूंज रहा था। शाम करीब 4 बजे ठंडाई की मस्ती और गुलाल के गुबार के बीच शुरू हुई प्रदेश में प्रसिद्ध बादशाह की सवारी। जहां से भी बादशाह की सवारी गुजरी वे सड़कें गुलाल से सराबोर हो गई। मेले में उमड़ी भीड़ का आलम यह कि महज 1100 मीटर की दूरी तय करने में लग गए करीब तीन घंटे। उपखंड कार्यालय पहुंचने पर बादशाह और प्रशासनिक अधिकारियों ने एक-दूसरे पर गुलाल फेंकी। बादशाह की ओर से प्रशासन को शहर में सुचाई सफाई व्यवस्था और किसी भी हादसे से निपटने के लिए तत्पर रहने का फरमान सुनाया।

बादशाह मेला समिति की ओर से बादशाह की सवारी निकालने की तैयारी शनिवार सुबह से ही शुरू हो गई। दोपहर को रोशन सिंहल और श्याम सुंदर गर्ग भैरूजी का खेजड़ा पहुंचे। समिति सदस्यों ने उन्हें बादशाह और वजीर बनाने की तैयारी शुरू की। करीब एक-डेढ़ घंटे बाद ज्योंही बादशाह और वजीर तैयार हुए भैरूजी के खेजड़े से सवारी शुरू हो गई। इसी के साथ मेले में शामिल लोगों ने बादशाह के गुलाल रूप खर्ची की मांग करनी शुरू की। बादशाह और वजीर ने भी जनता को पुडिय़ा में गुलाल बांधकर शुरू किया खर्ची लुटाना। पारस्परिक सौहार्द, भाईचारा और कौमी एकता की मिसाल कायम रखते हुए सभी ने एक-दूसरे पर गुलाल लगाकर शुभकामना दी।

चंग की थाप और फागुणी लोक गीत

बादशाह की सवारी में देहात से शिरकत करने वालों की टोली का अपना अलग ही अंदाज रहता है। गांवों की ये टोली चंग की थाप पर देहाती फागुणी गीत गाकर अपनी खुशी का इजहार करती है। जिनमें फाल्गुन की मस्ती के साथ सामाजिक एकता का संदेश होता है। मेला संयोजक भरत कुमार मंगल ने बताया कि मेले में बादशाह की भूमिका रोशन सिंहल ने, वजीर श्याम सुंदर गर्ग और बीरबल की भूमिका मुकेश शर्मा ने निभाई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के सदस्य डॉ. मिथिलेश गौतम, विशिष्ट अतिथि एसपी मित्तल, सरपंच दौराई चंद्रभान गुर्जर, सभापति बबीता चौहान भाजपा मंडल अध्यक्ष जयकिशन बल्दुआ और दिनेश कटारिया, नरेश मित्तल, नरेश कनोजिया, मंगत सिंह मोनू, अंगदराम अजमेरा, राधेश्याम प्रजापत, नरेंद्र चौहान, प्रवीण जैन, सुभाष ओझा, अमित बंसल, सुनील सिंहल, राजेंद्र अग्रवाल, शैलेन्द्र गुप्ता समेत अन्य अतिथि उपस्थित थे। इनके अलावा मुकेश गुप्ता, घनश्याम गर्ग, नवीन गर्ग, ललित अग्रवाल, श्यामसुंदर अग्रवाल, मयंक सिंहल, निशांत सिंहल, सुनील जिंदल, रामबाबू, चिंटू गर्ग, गौरव गर्ग, राहुल अग्रवाल, रमेश बंसल, हिमांशु अग्रवाल और अंकुर मित्तल सहित अन्य लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे।

बादशाह की सवारी जब उपखंड कार्यालय पहुंची तो पहले से ही मौजूद भीड़ ने उत्साह के साथ स्वागत किया। यहां पर उपखंड अधिकारी पीयूष समारिया, विधायक शंकरसिंह रावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण देवेंद्र कुमार, पुलिस उप अधीक्षक छुगसिंह सोढ़ा, प्रशिक्षु आरपीएस अतुल, सिटी थाना प्रभारी यशवंत सिंह यादव, भूपेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, दिनेश, अनुपम राज, कन्हैयालाल, रामसिंह समेत अन्य कर्मचारी उपस्थित थे। बादशाह की सवारी उपखंड कार्यालय पहुंचने के बाद दोनों ओर से गुलाल की पोटली फेंकने का सिलसिला चला जो करीब आधे घंटे बाद थमा। यहां से बादशाह की सवारी अग्रसेन भवन की ओर रवाना हो गई।

बादशाह ने जारी किया फरमान

गैस सिलेंडर ब्लास्ट दुखांतिका जैसा हादसा दुबारा न हो

बादशाह की ओर से प्रशासन को फरमान थमाया गया। इसमें शहर में सुचारू सफाई व्यवस्था, पिछले दिनों हुई गैस सिलेंडर ब्लास्ट दुखांतिका जैसा हादसा दुबारा न हो पाए इसे रोकने के लिए पुख्ता बंदोबस्त, शांति और सौहार्द का माहौल बना रहे और प्रशासन को किसी भी हादसे से निपटने व मौके पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का फरमान शामिल था। विधायक शंकर सिंह रावत, बबीता चौहान, दिनेश कटारिया मौजूद थे

बीरबल बने मुकेश उपाध्याय ने जीता दिल

सवारी के आगे बीरबल ने किया पूरे रास्ते नृत्य

बादशाह की सवारी के आगे-आगे बीरबल बने मुकेश उपाध्याय पूरे रास्ते नृत्य करते रहे और जनता का ध्यान आकर्षित करते रहे । लोगों ने भी बीच बीच में बीरबल के साथ नृत्य किया। उनका नृत्य देखते ही बन रहा है। रास्ते में लोगों ने लोगों ने गुलाल उड़ाकर बीरबल का कई जगह पर स्वागत किया। बीरबल भी उत्साह और उमंग के साथ लोगों का अभिवादन स्वीकार करते रहे।

ब्यावर. प्रदेश में प्रसिद्ध ब्यावर के ऐतिहासिक बादशाह मेले में गुलाबी रंग में उमड़ा जन सैलाब। फोटो|नवीन गर्ग