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ऑक्सीजन सक्शन प्लांट की मरम्मत के लिए मांगे एक लाख

लंबे अर्से से खराब पड़े राजकीय अमृतकौर अस्पताल आईसीयू और ट्रॉमा आईसीयू वार्ड के ऑक्सीजन सक्शन प्लांट के जल्द ठीक...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 03:00 AM IST

लंबे अर्से से खराब पड़े राजकीय अमृतकौर अस्पताल आईसीयू और ट्रॉमा आईसीयू वार्ड के ऑक्सीजन सक्शन प्लांट के जल्द ठीक होने की उम्मीद नहीं है। अहमदाबाद की फर्म कॉमपॉवर इक्यूमेंट एंड स्पेयर्स ने सर्वे कर अस्पताल प्रबंधन को 1 लाख से अधिक का एस्टीमेट बना कर दे दिया। अस्पताल प्रबंधन ने मरम्मत के लिए प्रस्ताव वित्तीय स्वीकृति के लिए भेज दिया है। गौरतलब है कि अहमदाबाद की फर्म ने पूर्व में भी उक्त प्लांट की मरम्मत की थी। लेकिन उस समय कम बजट में कार्य हो गया था। राजकीय अमृतकौर अस्पताल के सीसीयू और ट्रॉमा आईसीयू यूनिट का ऑक्सीजन सक्शन प्लांट लंबे अर्से से बंद पड़ा है। ऐसे में मरीजों के साथ ही नर्सिंग कर्मियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संक्रमण के खतरे के बीच मरीजों को उपचार लेना पड़ रहा है। सीसीयू युनिट में मरीजों को ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे है। इतना ही नहीं लाखों की लागत से लगे प्लांट में सक्शन प्लांट भी जाम हो रखा है। जिस कारण मरीज मैन्यूअल सक्शन के भरोसे हैं।

अधिकतर पार्टस होंगे चैंज : ट्रॉमा और सीसीयू वार्ड की पाइप लाइन कई साल पुरानी है। जिस कारण पहले पूरी लाइन की टेस्टिंग की जाएगी। पूरा टेस्टिंग फिर सक्शन और ऑक्सीजन की पाइन लाइन के अधिकतर पार्टस चैंज होंगे क्योंकि कंपनी बंद होने के कारण पार्ट्स मार्केट में उपलब्ध नहीं है। वहीं कुछ स्थानों पर एक्स्ट्रा प्वाइंट भी लगाए जाने है। एकेएच के ऊपर के वार्ड में ऑलरेडी नया प्लांट लगा हुआ है हालांकि वो वर्किंग कंडीशन में है लेकिन लंबे अर्से से उसे काम में नहीं लिए जाने के कारण उसकी जरनल सर्विस ऑयलिंग की जानी है।

ब्यावर. सक्शन प्लांट भी खराब है।

खतरे में है मरीज : प्लांट के खराब हाेेने के कारण सीसीयू वार्ड में मरीजों को सिलेंडर के सहारे ऑक्सीजन दी जा रही है। हाल ही में सीसीयू वार्ड में मरीज को ऑक्सीजन के लिए सिलेंडर लगाया गया। लेकिन सिलेंडर के लीक होने से वार्ड में अफरा तफरी मच गई। ये तो गनीमत रही कि काेई हादसा नहीं हुआ।

ये है मामला...

हाई एक्सीडेंटल जोन होने और हर महीने औसतन 15 पॉयजन केस आने के बादजूद भी अस्पताल का ऑक्सीजन सक्शन प्लांट 1 साल से खराब है। प्लांट कई जगहों से लीक हो रखा है, जिससे कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। इस कारण मॉस कैजुअल्टी के दौरान कोई अनहोनी हो सकती है। दरअसल राजकीय अमृतकौर अस्पताल में चार जिलों के मरीज आते हैं। हाई एक्सीडेंटल जोन होनेे के कारण अस्पताल में कई बार मॉस कैजूअल्टी आती रहती है। कई बार मरीजों को संख्यां ज्यादा होने के कारण अस्पताल प्रबंधन द्वारा ट्रॉमा और सीसीयू वार्ड में ऑक्सीजन और सक्शन प्लांट लगवाया गया। प्लांट से अटैच लाइन दोनों वार्ड में हर बेड तक पहुंचाई गई। जिससे हादसे में आने वाले घायल या गंभीर रूप से बीमार मरीज को आते ही पलंग पर ही इलेक्ट्रॉनिक सक्शन मशीन से सक्शन किया जा सके।

हादसे का खतरा...

एकेएच के ट्रॉमा, आईसीयू वार्ड में लगा ऑक्सीजन प्लांट कई स्थानों से लीक हो रखा है। कुछ समय तक लीकेज प्लांट से ही सप्लाई की जाती रही। लेकिन ऑक्सीजन प्लांट के कई स्थानों से लीक होने के कारण हादसे का अंदेशा बना रहता था। इस कारण इस प्लांट को बंद कर दिया गया। इस संबंध में कई बार लिखने के बाद भी ऑक्सीजन प्लांट की मरम्मत नहीं करवाई गई है। जबकि कायाकल्प योजना के तहत मिली प्रोत्साहन राशि का एक हिस्सा उपकरणों के रखरखाव पर भी खर्च करना था।

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