ब्यावर

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गलत पंजीयन करवाया तो श्रम संगठनों के रद्द होंगे लाइसेंस

ब्यावर | सरकार की ओर से श्रमिकों को लाभ देने के उद्देश्य से संचालित विभिन्न योजनाओं का गलत पंजीयन करवा कर लाभ लेने...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 03:50 AM IST
ब्यावर | सरकार की ओर से श्रमिकों को लाभ देने के उद्देश्य से संचालित विभिन्न योजनाओं का गलत पंजीयन करवा कर लाभ लेने वाले श्रमिक व उनका सत्यापन करने वाले श्रम संगठनों पर अब पकड़े जाने पर कार्रवाई की जाएगी। जिसके लिए मुख्यालय ने अब सख्त रूख अपनाते हुए इसके लिए प्रदेश के समस्त श्रम कार्यालय में आदेश देकर श्रम निरीक्षकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए श्रमिकों द्वारा किए गए आवेदन का भौतिक सत्यापन करने के आदेश दिए।

श्रमिक के श्रम कार्य से जुड़ा नहीं होने पर श्रमिक व श्रम संगठन के खिलाफ ट्रेड यूनियन एक्ट के तहत कार्रवाई करने को कहा है। ऐसे व्यक्तियों के पक्ष में बीओसीडब्ल्यू अधिनियम में हिताधिकारियों के पंजीयन के लिए सत्यापन व संस्तुति कर रहे है, जो वास्तव में निर्माण श्रमिक नहीं है और गलत सत्यापन के आधार पर ऐसे व्यक्तियों का पंजीयन लाभार्थी के रूप में हो रहा है। इसी धोखाखड़ी को रोकने लिए मुख्यालय ने अब सख्त रूख अपनाते हुए लाभ लेने वाले श्रमिकों का भौतिक सत्यापन करने आदेश देते हुए गलत पाए जाने वाले श्रमिकों के साथ ही संगठन के भी लाइसेंस निरस्त करने को कहा गया है। वर्तमान में संगठनों की ओर से श्रमिकों को लेटर पर सील लगा कर संगठन से जुडे होने के साथ ही निर्माण श्रमिक का कार्य करने का सत्यापन कर देते है। इस पर निर्माण श्रमिक नहीं होने के बावजूद ऐसे लोग विभाग की योजनाओं का लाभ प्राप्त कर लेते है।


मुख्यालय के आदेशों को दिखा रहे ठेंगा

श्रमिकों के कार्य व उनके हक दिलाने के लिए बने श्रम संगठन मुख्यालय के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यालय की ओर से आदेश है कि श्रम संगठनों को प्रत्येक माह की 7 तारीख को संगठन से जुडे श्रमिकों के पंजीयन की सूची जो उनके द्वारा सत्यापन किया गया है तथा जिन्हें लाभ दिलाया गया है। उनकी सूचना कार्यालय में देने के आदेश के बावजूद आज तक शहर में पंजीकृत श्रम संगठनों की ओर से जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई गई है। ऐसे में मुख्यालय ने अब श्रम अधिकारियों को पाबंद करते हुए श्रम संगठनों से जानकारी लेने को कहा गया है। आदेशों की पालना नहीं करने पर संबंधित श्रम संगठनों पर ट्रेड यूनियन एक्ट 1926 की धारा 10 के प्रावधानों के अनुसार करने के निर्देश दिए है। जिसमें श्रम संगठन के लाइसेंस रद्द हो जाएंगें।

33 हजार से श्रमिक पंजीकृत : विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उपखण्ड में कुल 33 हजार श्रमिक पंजीकृत है। इसमें महिला व पुरुष बराबर तादाद में श्रमिक पंजीकृत है। जिसमें कई श्रमिक ऐसे भी है, जो निर्माण क्षेत्र के कार्य से जुड़े हुए नहीं है। इसके बावजूद श्रम संगठनों की ओर से ऐसे श्रमिकों का सत्यापन कर सरकार की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ दिला दिया जाता है। इससे सरकार पर आर्थिक भार पड़ने के साथ ही सही श्रमिकों लाभ से वंचित रहना पड़ता है।

विभाग की ओर से संचालित योजनाओं का गलत लाभ प्राप्त करने वाले श्रमिकों पर सख्त हुआ मुख्यालय

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