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मरम्मत के बाद परिषद एक साल तक नहीं दे सकेगी रोड कटिंग की इजाजत

मुख्यमंत्री बजट घोषणा वर्ष 2018-19 की पालना में नगरीय निकाय क्षेत्रों में आरयूआईआरपी फेज-द्वितीय के अंतर्गत आधारभूत...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:50 AM IST

मरम्मत के बाद परिषद एक साल तक नहीं दे सकेगी रोड कटिंग की इजाजत
मुख्यमंत्री बजट घोषणा वर्ष 2018-19 की पालना में नगरीय निकाय क्षेत्रों में आरयूआईआरपी फेज-द्वितीय के अंतर्गत आधारभूत विकास कार्य के तहत नगर परिषद को सड़क-नाली मरम्मत व नवीनीकरण के लिए 2 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट मंजूर हुआ है। इस बजट से नगर परिषद जरूरत के मुताबिक सड़क-नाली निर्माण व मरम्मत करा सकेगी।

अफसरों को सौंपी जिम्मेदारी

नगर परिषद क्षेत्र में सड़क मरम्मत व अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास कार्यों को समयबद्ध कार्ययोजना अनुसार सम्पादित कराने के लिए सतत समीक्षा व मॉनिटरिंग करने के लिए अधिशाषी अभियंता को जिला प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया। प्रत्येक नगर पालिका में सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंता संबंधित अधिशाषी अभियंता के निर्देशन में कार्य करेंगे। इसके लिए ब्यावर में जिला प्रभारी के तौर पर नगर निगम अजमेर के अधिशाषी अभियंता ओमप्रकाश ढीढवाल व सहायक अभियंता नगर निगम अजमेर मनमोहन नारायण माथुर के निर्देशन में काम होगा।

शहर की सड़कों की मरम्मत और नवीनीकरण पर खर्च होगी राशि

दिशा-निर्देश में सिर्फ नगर निगम की सड़कें मरम्मत

सड़क मरम्मत कार्यों की प्राथमिकता का निर्धारण नगर परिषद सभापति, आयुक्त और अधिशाषी अधिकारी संबंधित विधायक से सहमति करते हुए करेंगे। सहायक अभियंताओं को यह भी निर्देश दिए गए कि जिन क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराई जानी है उन सड़कों का विवरण व पूर्ण विवरण कार्य के तकनीकी अनुमान तैयार करे।

जिन क्षतिग्रस्त सड़कों का निर्माण कराया जाना है नगर निकायों में कार्यरत सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंताओं द्वारा उन सड़कों की हिस्ट्री व मरम्मत कार्य का पूरा विवरण लोकेशन, साइट प्लान, फोटोग्राफ्स एवं कार्य के तकनीकी अनुमान तैयार करने होंगे।

सड़क निर्माण एवं सड़क सुधार, मरम्मत, पेच रिपेयर, पुनरुद्धार कार्यों के लिए विस्तृत तकमीने नगर परिषद द्वारा तैयार किए जाएंगे।

जिन सड़कों का निर्माण एवं सुधार, मरम्मत व पेच रिपेयर कार्य गत 2 वर्ष में करवाया गया है, उन सड़कों का निर्माण एवं सुधार, मरम्मत व पेच रिपेयर कार्य इस वर्ष में नहीं करवाया जावे।

नई सड़क निर्माण कार्य के लिए रखरखाव 3 वर्ष होगा।

निविदाओं की सक्षम तकनीकी एवं वित्तीय स्वीकृति उपरांत संबंधित नगरीय निकाय के आयुक्त/अधिशाषी अधिकारी द्वारा कार्य आदेश जारी किए जाएंगे।

जहां सीवरेज कार्य चालू हैं वहां जब तक सीवरेज कार्य पूरा कर नगर परिषद को हस्तांतरित नहीं कर दिए जाते तब तक नगर परिषद द्वारा इन क्षेत्रों की सड़कों के निर्माण या मरम्मत कार्य स्वयं के स्रोत या संसाधनों से नहीं करवाया जाए।

नगर परिषद क्षेत्र में स्थित एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी के क्षेत्राधिकार की सड़कों को मरम्मत या निर्माण के लिए शामिल नहीं किया जाए।

जिला कलेक्टर सड़क मरम्मत व अन्य आधारभूत विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे।

जिला प्रभारी अधिशाषी अभियंताओं को आवंटित वाहन को उन्हें कार्यक्षेत्र में ले जाने की भी स्वीकृति प्रदान की जाती है।

यदि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, विद्युत कंपनियों, दूरसंचार विभाग या कंपनियों द्वारा सड़कों को तोड़कर कार्य करवाया जाता है तो यह सुनिश्चित किया जाए कि खोदी गई सड़क को संबंधित विभाग, कंपनी, ठेकेदार के खर्चे पर गुणवत्ता के साथ मरम्मत कराया जाए। साथ ही सड़क मरम्मत के बाद एक वर्ष तक रोड कटिंग की अनुमति नहीं दी जाए।

नगर निकाय क्षेत्रों में सड़कों की मरम्मत व पुनरुद्धार के कार्य करवाने के लिए नगरीय निकाय स्तर पर निविदा प्रक्रिया संबंधी संपूर्ण कार्यवाही की जाए।

इनका कहना है

सरकार ने बजट घोषणा के तहत 2 करोड़ रुपए अतिरिक्त बजट मंजूर किया है। जल्द ही शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों के नवीनीकरण और मरम्मत कार्य पर यह राशि खर्च होगी। -बबीता चौहान, सभापति

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