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अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग की छत की होगी मरम्मत

ब्यावर| प्रदेश के सबसे अधिक आउटडोर वाले जिला अस्पताल और 300 से अधिक बेड वाले अमृतकौर अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग की...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 03, 2018, 02:00 AM IST

अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग की छत की होगी मरम्मत
ब्यावर| प्रदेश के सबसे अधिक आउटडोर वाले जिला अस्पताल और 300 से अधिक बेड वाले अमृतकौर अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग की जर्जर छत की शीघ्र मरम्मत होगी।

इसके लिए आरएमआरएस ने पीडब्ल्यूडी के ए क्लास ठेकेदार से पूरी छत का सर्वे करवाया है। ठेकेदार ने करीब 1 से डेढ़ लाख तक का एस्टीमेट बना कर आरएमआरएस को दिया है। इस प्रस्ताव के बाद एनआरएचएम के इंजीनियर को बुलवा कर उससे भी सर्वे करवा कर एस्टीमेट बनवाया जाएगा। इसके बाद आरएमअारएस द्वारा रिपेयर के लिए काॅन्ट्रेक्ट दिया जाएगा। अस्पताल की 68 साल पुरानी बिल्डिंग में मानसून के दिनों में जहां हर ओर से पानी रिसता है तो वहीं दूसरी ओर वार्ड में भी कई बार प्लास्टर गिरने की घटना भी सामने आ चुकी है। इस कारण अस्पताल प्रबंधन छत की मरम्मत करवा रहा है।

कायाकल्प में भी पिछड़ा

कायाकल्प क्वालिटी एश्योरेंस योजना के तहत बिल्डिंग के भी अंक दिए जाते हैं। टीम के निरीक्षण के दौरान हर बार छत के रिसने या प्लास्टर गिरने के कारण अस्पताल को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। बिल्डिंग को लेकर अस्पताल को अंक नहीं मिलते और दौड़ में पिछड़ जाता है।

छत पर बिछेगा नया प्लास्टर

ए क्लास ठेकेदार द्वारा बनाए गए एस्टीमेट के अनुसार पुरानी बिल्डिंग की छत के ऊपरी प्लास्टर को पूरा उखाड़ कर नया बिछाया जाएगा। नया प्लास्टर बिछाने के साथ ही उसमे प्लास्टिक कोटेड बनाया जाएगा। जिस कारण बारिश के दिनों में छत से पानी नहीं रिसे। अस्पताल प्रबंधन का प्रयास है कि मानसून से पूर्व छत की मरम्मत करवा दी जाए। जिससे मरीजों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। गौरतलब है कि गत मानसून के दौरान भी अस्पताल के कई वार्ड में पानी रिसने के साथ ही प्लास्टर गिरने की घटनाएं भी सामने आई थी।

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