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समिति ने मांगी फाइल तो परिषद ने सात माह में बैठक ही नहीं बुलाई

शहर में अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमण पर शिकंजा कसने का दावा करने वाली नगर परिषद पिछले सात महीने से नियम व उपविधि...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 03, 2018, 02:05 AM IST

समिति ने मांगी फाइल तो परिषद ने सात माह में बैठक ही नहीं बुलाई
शहर में अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमण पर शिकंजा कसने का दावा करने वाली नगर परिषद पिछले सात महीने से नियम व उपविधि समिति की बैठक तक नहीं बुला पाई है। इसके पीछे जो वजह बताई जा रही है वह है समिति संयोजक और अन्य सदस्यों द्वारा परिषद से भाजपा मंडल अध्यक्ष जयकिशन बल्दुआ के पुत्र पंकज बल्दुआ के ब्रह्मानंद मार्ग पर निर्माणाधीन कॉम्पलेक्स की फाइल मांगना। आरोप है कि परिषद ने नियमविरूद्ध इस फाइल को पास किया जिससे परिषद कोष को करीब 50 लाख रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ। फाइल पास करते समय परिषद ने वर्ष 1966 के नियमों का हवाला दिया जबकि फाइल पास हुई तब परिषद में वर्ष 2014 के नियम लागू थे।

यह है मामला

नगर परिषद में गठित नियम व उपविधि समिति की बैठक अंतिम बार 27 नवंबर 2017 को आयोजित हुई। इसमें संयोजक दलपतराज मेवाड़ा, सदस्य रविंद्र जॉय, पार्षद मेमुना बानो, जाहिदा बानो, ज्ञानदेव झंवर और सूबेदार मोहनलाल, तत्कालीन एईएन पदमसिंह चौधरी, एटीपी नितिन मीना, राजस्व अधिकारी रामकिशोर, भगवान दास नागौरा, तत्कालीन कार्यालय अधीक्षक दुर्गालाल जाग्रत आदि मौजूद थे। बैठक की शुरुआत में ही सदस्य ज्ञानदेव झंवर ने एटीपी नितिन मीना और आयुक्त से इस बात की जानकारी चाही कि शहर में भवन निर्माण संबंधी नियम बाईलॉज 2014 के मुताबिक निर्णय हो रहे हैं या पूर्व के नियम मुताबिक? इसके साथ ही उन्होंने इस पर बात पर आपत्ति जताई कि परिषद प्रशासन ने पंकज बल्दुआ प्रकरण में नए नियमों को ताक में रखकर पुराने नियम के आधार पर फाइल पास कर दी। जिससे परिषद को करीब 50 लाख रुपए का नुकसान हुआ। उन्होंने बैठक में किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने से पहले संबंधित फाइल का अवलोकन करना चाहा। मगर काफी देर तक समिति के समक्ष यह फाइल पेश नहीं हो सकी।

परिषद ने मांगी थी डीएलबी से गाइड-लाइन

नगर परिषद के तत्कालीन आयुक्त दिनेश राय सापेला ने इस संबंध में 5 अक्टूबर 2017 को डीएलबी निदेशक को पत्र लिखकर गाइड लाइन मांगी। इसमें पंकज बल्दुआ कृष्णा डवलपर्स ने प्रार्थना पत्र 22 सितंबर 2017 को स्वीकृति के विपरीत किए गए निर्माण कार्य को समझौता समिति (अपराधों का शमन) के अनुसार नियमित करने का अनुरोध किया था। प्रार्थी ने राजस्थान नगर पालिका (कम्पाउंडिंग एवं कम्प्रोमाईज ऑफेंस) नियम 1966 के अनुसार एवं नियमितिकरण किए जाने की मांग की। डीएलबी ने परिषद को नियमानुसार कार्यवाही करने के लिए कहा।

एक दिन के लिए स्थगित हुई थी बैठक

जब परिषद प्रशासन समिति को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका तो सभी ने एक दिन के लिए बैठक स्थगित करने पर सहमति जताई। मगर हैरानी है कि इस मामले में न तो परिषद प्रशासन ने अब तक समिति के समक्ष ऐसी कोई फाइल पेश की और न ही एक दिन के लिए स्थगित बैठक को सात महीने बाद भी बुला सकी।

सात महीने पहले एक दिन के लिए स्थगित की गई बैठक को परिषद अब तक नहीं बुला पाई। यदि परिषद प्रशासन ने नियमानुसार कार्यवाही की है तो वह समिति द्वारा मांगी गई फाइल पेश करे। -दलपतराज मेवाड़ा, संयोजक, नियम एवं उपविधि समिति ल

परिषद ने बल्दुआ प्रकरण में मनमर्जी और नियमविरूद्ध तरीके से पुरानी दर से फाइल पास कर दी यदि परिषद नियमानुसार इस फाइल पर शुल्क वसूलती तो उसे करीब 50 लाख रुपए का राजस्व अतिरिक्त मिलता। हैरानी है कि जब यह फाइल पास हुई तब परिषद आमजन के लिए नए नियमों को लागू मानकर अन्य प्रकरणों में शुल्क वसूल रही थी। -ज्ञानदेव झंवर, समिति सदस्य

इस समय परिषद क्षेत्र में भवन निर्माण संबंधी नियम बाईलॉज 2014 लागू है। रही समिति की बैठक बुलाने की बात तो तीन-चार बैठक आयोजित होने के बाद भी समिति कोई निर्णय नहीं ले सकी है। बबीता चौहान, सभापति

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