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परिषद अपनी जमीन पर मांग रही थी अतिक्रमी से रास्ता

प्रशासन ने अब पूरी 6 बीघा जमीन पर जताया हक भास्कर न्यूज| ब्यावर अजमेर रोड नृसिंहपुरा स्थित नारायण आश्रम...

Bhaskar News Network| Last Modified - May 15, 2018, 02:10 AM IST

परिषद अपनी जमीन पर मांग रही थी अतिक्रमी से रास्ता
परिषद अपनी जमीन पर मांग रही थी अतिक्रमी से रास्ता
प्रशासन ने अब पूरी 6 बीघा जमीन पर जताया हक

भास्कर न्यूज| ब्यावर

अजमेर रोड नृसिंहपुरा स्थित नारायण आश्रम मामले में चल रहे विवाद में अब तक आश्रम संचालक को 15 फीट सड़क को छोड़कर चारदीवारी निर्माण के लिए समझाइश करने वाली नगर परिषद ने मार्गाधिकार ही नहीं बल्कि अब पूरी 6 बीघा जमीन पर हक बताते हुए उपखंड न्यायालय में वाद पेश कर दिया। जिस पर सुनवाई करते हुए एसडीएम कोर्ट ने सोमवार को स्टे ऑर्डर जारी कर दिया। परिषद प्रशासन ने मौके पर काम बंद कराते हुए आगामी 16 जुलाई तक यथास्थिति बनाए रखने के लिए पाबंद किया।

क्या है मामला : नारायण आश्रम मामले में हाईकोर्ट के आदेश की पालना में तहसील प्रशासन ने 10 मार्च को मौके पर सीमांकन और पत्थरगढ़ी की थी। जब काम शुरू हुआ और बीच सड़क पर चारदीवारी होने लगी तो आसपास के क्षेत्रवासियों ने इस बात का विरोध किया। उनका कहना था कि नगर परिषद की ओर से स्वीकृत सड़क 30 फीट की है। इधर नगर परिषद ने माना कि नृसिंहपुरा में परिषद द्वारा स्वीकृत लेआउट में दशाई गई सड़क जो कई वर्षों से विद्यमान है। लेआउट में अंकित 30 फीट सड़क पर 5 से 15 फीट तक अतिक्रमण किया जा रहा है। इससे आवासीय कॉलोनियों का रास्ता अवरूद्ध हो रहा है। पत्थरगढ़ी में की गई त्रुटि में सुधार बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। आयुक्त सुखराम खोखर ने बताया कि नारायण आश्रम के प्रेमप्रकाश गर्ग ने खसरा नंबर 222 से 226 की कुल 6 बीघा जमीन के सहारे नगर परिषद के मालिकाना हक की नृसिंहपुरा रास्ते खसरा नंबर 221 पर तहसीलदार की गलत पैमाइश के आधार पर अतिक्रमण करना चाहा। नगर परिषद ने गर्ग को नोटिस देकर पाबंद किया कि जब तक तहसीलदार द्वारा की गई गलत पैमाइश की दुरुस्ती सेटेलमेंट टीम द्वारा नहीं की जाती तब तक लेआउट और राजस्व नक्शे में विद्यमान नृसिंहपुरा रास्ते को 30 फीट से संकरा कर अतिक्रमण नहीं करें। सेटलमेंट टीम ने पैमाइश कर मौका-नक्शा बनाया लेकिन सेटलमेंट का मूल नक्शा फटा होने के कारण सुपर-इम्पोजिशन का कार्य संभव नहीं होने से नतीजा भू-प्रबंध विभाग द्वारा अब तक नहीं दिया गया।

तत्कालीन पटवारी पर ओवरराइटिंग का आरोप

नगर परिषद प्रशासन का आरोप है कि नारायण आश्रम के खाते में दर्ज खसरा नंबर 222 से 226 का पुराना रिकॉर्ड देखने पर यह भूमि राजकीय भूमि होना पाया गया तथा तत्कालीन पटवारी द्वारा ओवरराइटिंग कर यह भूमि गर्ग परिवार के नाम दर्ज कर दी। परिषद ने रिकॉर्ड की प्रतियां प्राप्त कर न्यायालय सहायक कलेक्टर ब्यावर के यहां खसरा नंबर 222 से 226 तक का इंद्राज नगर परिषद के हक में करने का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।

एसडीएम कोर्ट ने जारी किया स्टे : इस मामले में सुनवाई करते एसडीएम पीयूष समारिया ने सोमवार को आगामी सुनवाई तक मौके पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश जारी किए। एसडीएम कोर्ट की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि अस्थायी निषेधाज्ञा से आगामी तारीख तक पाबंद किया जाता है कि मौजा नृसिंहपुरा पटवार क्षेत्र नृसिंहपुरा खसरा संख्या 225, 226, 222, 223, 224 की मौके की यथास्थिति बनाए रखेंगे। इस संबंध में आगामी सुनवाई अब 16 जुलाई को होगी।

परिषद प्रशासन ने बंद कराया काम : आयुत खोखर ने बताया कि प्रेमप्रकाश गर्ग ने अस्थायी निषेधाज्ञा की अवहेलना करते हुए नृसिंहपुरा रास्ते पर सोमवार को दीवार के निर्माण का कार्य प्रारंभ किया। जिसे नगर परिषद ने बंद करवा दिया।

परिषद आयुक्त खोखर से बात...

 नारायण आश्रम जमीन विवाद में अब तक परिषद महज मार्गाधिकार मामले में ही विरोध कर रही थी। अचानक यह जमीन के मालिकाना हक का मामला अब कैसे उठा?

 जब हमने रिकॉर्ड की जांच की तो पता चला कि उक्त जमीन तो सरकारी है। तत्कालीन पटवारी द्वारा ओवरराइटिंग कर गर्ग परिवार के नाम दर्ज कर दिया गया। परिषद ने एसडीएम कोर्ट ने जमीन के मालिकाना हक संबंधी वाद दायर किया।

 क्या यह हाईकोर्ट की अवमानना नहीं होगी?

 बिल्कुल नहीं...। हाईकोर्ट ने रिसीवरी से मुक्त करते हुए प्रेमकिशन गर्ग को जमीन सौंपने का निर्णय दिया था। मगर जमीन का टाइटल तो उपखंड न्यायालय ही करेगी।

 अब इस मामले में आगे क्या होगा?

 उपखंड न्यायालय ने इस मामले में आगामी सुनवाई 16 जुलाई तय की है। तब तक मौके पर किसी तरह का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा।

नगर परिषद द्वारा जो आरोप लगाए गए हैं वे निराधार है। साथ ही हाईकोर्ट की अवमानना भी है। इस जमीन के मालिकान हक के संबंध में मेरे पास वर्ष 1913 में हुई रजिस्ट्री मौजूद है। परिषद जिन कॉलोनियों और लेआउट पास होने की बात कर रही है वे सभी अनाधिकृत है। प्रेमकिशन गर्ग, प्रबंधक प्रन्यासी, नारायण आश्रम, ब्यावर

ब्यावर. पुलिस की मौजूदगी में मौके पर एक बार फिर नाप-चौप।

नृसिंहपुरा नारायण आश्रम में चल रहे विवाद में आया नया मोड़, नगर परिषद ने पूरी जमीन को सरकारी बताते हुए एसडीएम कोर्ट में पेश किया वाद, एसडीएम कोर्ट ने परिषद के पक्ष में जारी किया स्टे ऑर्डर

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