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6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों वाली महिला शिक्षकों को शिविर में रात्रि विश्राम से राहत

शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 5वीं तक के बच्चों को पढ़ाने शिक्षकों के लिए 21 मई से शुरू हो रहे...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 19, 2018, 02:15 AM IST

शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 5वीं तक के बच्चों को पढ़ाने शिक्षकों के लिए 21 मई से शुरू हो रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रीष्मावकाश अावासीय शिक्षक प्रशिक्षण में ऐसी महिला शिक्षिकाओं को राहत दी है। जिनके बच्चों की उम्र 6 माह से 3 वर्ष तक है। उन शिक्षिकाओं को अब शिविर के समापन के बाद रात में रहने की बाध्यता को समाप्त कर दिया है। ऐसी शिक्षिकाएं शिविर के समापन के बाद शिविर को छोड़ अपने घर जा सकेंगी। विभाग के इस आदेश के बाद ऐसी महिला शिक्षिकाओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कक्षा 1 से 5वीं तक सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए 21 मई से 16 जून तक चार चरणों में आयोजित होने वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रीष्मावकाश अावासीय शिक्षक प्रशिक्षण में 6 माह से 3वर्ष के बच्चों की महिला शिक्षिकाओं को अब शिविर में भाग लेकर रात में घर जाने की अनुमति के आदेश जारी किए है। इसके अतिरिक्त 1 जुलाई 2017 के बाद लेवल प्रथम में नव नियुक्त शिक्षकों को भी ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण से हटा दिया गया है। विभाग के आदेशानुसार ऐसे शिक्षकों को बाद में इंडेक्शन प्रशिक्षण में सम्मिलित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त विभाग ने बूथ लेवल अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे शिक्षकों को भी प्रशिक्षण लेना अनिवार्य कर दिया है। ऐसे बूथ लेवल अधिकारी को विभाग ने राहत देते हुए चार चरण में से किसी एक चरण भाग लेने की छूट प्रदान की है।

इनका कहना है....

6 माह से 3 साल तक बच्चों वाली महिला शिक्षिकाओं को रात में रूकने की छूट प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त बीएलओ को भी शिविर में भाग लेना होगा। सतीश शर्मा, अतिरिक्त परियोजना अधिकारी, अजमेर

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