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रेलवे फ्रेट कॉरिडोर का काम इस साल के अंत तक होगा पूरा

120 की स्पीड से दौड़ेंगी डबल डेकर मालगाड़ी मनीष शर्मा|ब्यावर रेलवे की बहुप्रतिक्षित और महत्वाकांक्षी योजना...

Danik Bhaskar | May 19, 2018, 02:15 AM IST
120 की स्पीड से दौड़ेंगी डबल डेकर मालगाड़ी

मनीष शर्मा|ब्यावर

रेलवे की बहुप्रतिक्षित और महत्वाकांक्षी योजना वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के तहत रेवाड़ी से पालनपुर तक का डबल ट्रैक का कार्य इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही अजमेर के मदार से पालनपुर तक के दोहरीकरण के कार्य ने भी रफ्तार पकड़ ली है। सब कुछ योजना अकर तय समय के अनुसार चला तो अगले साल के प्रारंभ में अजमेर से गुजरात रेलवे ट्रैक ना सिर्फ पूरी तरफ से गुड्स ट्रेनों से मुक्त हो जाएगा बल्कि विद्युतकरण होने से यात्री ट्रेनों की रफ्तार भी 100 से 150 किलोमीटर तक हो सकेगी। इसके लिए अजमेर मंडल के मदार से पालनपुर तक करीब 357 किलोमीटर लंबी लाइन के लिए अधिकांश जगह मिट्टी डालकर रेलवे ट्रैक का आधार तैयार किया जा चुका है। काम पूरा होने के बाद डी एफसीसी के नए ट्रैक पर सिर्फ डबल डेकर मालगाड़ियां दौड़ेंगी। इसके साथ ही बांगड़ ग्राम से गुड़िया के बीच दोहरीकरण का बाकी बचा कार्य भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। जिसके बाद धीरे धीरे इस ट्रैक पर सिर्फ पैसेंजर ट्रेन दौड़ेगी। लाइनों के दोहरीकरण और विद्युतीकरण के बाद यात्रियों की यात्रा अवधि ना सिर्फ कम हो जाएगी बल्कि यात्रा सुविधा जनक भी हो जाएगी।

अजमेर से रानी तक दोहरीकरण के कार्य ने भी पकड़ी रफ्तार, 200 करोड़ से अधिक राशि होगी खर्च, 357 किमी लाइन के लिए ट्रैक का आधार भी तैयार

ब्यावर. नूंद्री नदी के आव क्षेत्र में दोहरीकरण के लिए बनाया जा रहा है पुल।

वर्तमान में 20 से 40 किमी की रफ्तार | रेलवे की इस परियोजना के पूरा होने के बाद देश की लदान प्रणाली दुनिया की सबसे सशक्त हो जाएगी। वर्तमान में जहां क्रॉसिंग और यात्री गाडियों को प्राथमिकता देने के कारण जहां गुड्स ट्रेन की रफ्तार 20 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा है तो वहीं डी एफसीसी के पूरा होने के बाद मालगाड़ी की रफ्तार बढ़कर करीब 75 से 120 किलोमीटर प्रतिघंटा हो जाएगी। इसका सबसे बड़ा फायदा ये होगा की यात्री ट्रेनों का ट्रैक पूरी तरह से मालगाड़ियों से मुक्त हो जाएगा। इतना ही नहीं इस योजना के प्रारंभ होने से जहां रेलवे का लदान भाड़ा सड़क लदान भाड़े से करीब 6 गुणा कम हो जाएगा तो वहीं यात्री ट्रेनों की रफ्तार भी बढ़ेगी।

बांगड़ से गुड़िया खंड का कार्य शुरू| जिसके बाद अब तक मारवाड़ की ओर से सोजत खंड तक तथा अजमेर की ओर से बांगड़ से दौराई खंड में काफी कार्य करवाया जा चुका है। बांगड़ ग्राम से गुड़िया तक के खंड में ब्यावर को शामिल किया गया है। जिसके तहत भी अब कार्य शुरू हो गया है। अब तक दोहरीकरण कार्य के तहत गहलोत कॉलोनी क्षेत्र में नूंद्री नदी के आव क्षेत्र में पुल का निर्माण करवाया जा रहा है। जिसके तहत 6 पिलरों का निर्माण करवाया जा चुका है। साथ ही दो रोप वॉल का निर्माण जारी है। इसके अलावा रेलवे स्टेशन से बांगड़ ग्राम की ओर समतलीकरण का कार्य, छावनी क्षेत्र में पुलिया निर्माण आदि कार्य करवाएं जा रहे है।

प्लेटफार्म का होगा विस्तार

दोहरीकरण के तहत ब्यावर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म क्षेत्र में भी लाइनों का विस्तार होगा। वर्तमान में दो प्लेटफार्म तथा एक लूप लाइन सहित तीन लाइन हैं। दोहरीकरण के बाद यह चार लाइन हो जाएंगी। इसके लिए वर्तमान में जो रेलवे स्टेशन परिसर है उसका विस्तार किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए वर्तमान प्लेटफार्म नंबर दो को आगे की ओर बढ़ाकर यहां से लाइन को निकाला जाना प्रस्तावित है।